
पत्रकारिता जगत और मीडिया इंडस्ट्री से एक बेहद दिल दहला देने वाला और दुखद हादसा सामने आया है। एक बड़ी घटना की एरियल (हवाई) कवरेज करने निकला एक प्रमुख न्यूज चैनल का हेलीकॉप्टर हवा में संतुलन खोकर अचानक जमीन पर आ गिरा और भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। इस दर्दनाक हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार न्यूज चैनल की फील्ड रिपोर्टर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विमान का पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जमीन से टकराते ही हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और उसमें आग की लपटें उठने लगीं। स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल ने आनन-फानन में पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे से दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रिपोर्टर की सांसें थम चुकी थीं।
लाइव एरियल कवरेज के लिए भरी थी उड़ान, अचानक बिगड़ा संतुलन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानीय स्तर पर चल रहे एक बड़े घटनाक्रम और जाम/रेस्क्यू ऑपरेशन की लाइव तस्वीरें दर्शकों तक पहुंचाने के लिए न्यूज चैनल की तकनीकी टीम और रिपोर्टर को चॉपर से रवाना किया गया था।
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उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद हादसा: हेलीकॉप्टर ने निर्धारित स्थल के लिए टेकऑफ किया था और वह घटनास्थल के ऊपर मंडराते हुए विजुअल्स रिकॉर्ड कर ही रहा था कि अचानक चॉपर अनियंत्रित हो गया।
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टेल रोटर में तकनीकी खराबी की आशंका: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, क्रैश होने से चंद सेकंड पहले हेलीकॉप्टर हवा में तेजी से 3-4 बार गोल-गोल घूमा। ऐसा प्रतीत होता है कि उसके पिछले हिस्से (टेल रोटर) ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद पायलट का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया।
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पायलट ने विमान को किसी रिहायशी बस्ती से दूर खाली मैदान या सड़क किनारे उतारने (इमरजेंसी ऑटोरोटेशन) का भरसक प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई कम होने और तेज ढलान के कारण चॉपर सीधे जमीन से टकराकर पलट गया।
रिपोर्टर ने मौके पर तोड़ा दम, पायलट वेंटिलेटर पर
हादसा होते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और राहगीर फौरन घटनास्थल की ओर दौड़े। स्थानीय प्रशासन और दमकल की गाड़ियों को तुरंत अलर्ट किया गया।
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राहत व बचाव दल ने कटर की मदद से मुड़े हुए केबिन को काटकर दोनों को बाहर निकाला।
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डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद महिला टीवी रिपोर्टर को मृत घोषित कर दिया। सिर और छाती में लगी गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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हेलीकॉप्टर उड़ा रहे कैप्टन (पायलट) को बेहद नाजुक हालत में नजदीकी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी कई सर्जरी की गई हैं और वे फिलहाल आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
एविएशन अथॉरिटी ने दिए ब्लैक बॉक्स और तकनीकी जांच के आदेश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की एक विशेष फोरेंसिक टीम ने तुरंत घटनास्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने मलबे से हेलीकॉप्टर का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) यानी ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है। जांच इस बिंदु पर की जा रही है कि:
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क्या उड़ान भरने से पहले विमान का अनिवार्य प्री-फ्लाइट मेंटेनेंस चेक पूरा किया गया था?
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क्या हवा में अचानक कोई पक्षी चॉपर के ब्लेड से टकराया (बर्ड स्ट्राइक) था?
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अंतिम क्षणों में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को पायलट द्वारा क्या ‘मेडे’ (Mayday/आपातकालीन) कॉल भेजी गई थी?
मीडिया जगत में शोक की लहर, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हृदयविदारक हादसे की खबर मिलते ही समूचे मीडिया जगत, प्रेस क्लब और पत्रकार यूनियनों में गहरा शोक फैल गया है। वरिष्ठ पत्रकारों और विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने दिवंगत रिपोर्टर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
वहीं दूसरी ओर, विभिन्न मीडिया एसोसिएशनों ने न्यूज चैनलों द्वारा लाइव रिपोर्टिंग के लिए लीज पर लिए जाने वाले पुराने सिंगल/ट्विन इंजन हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा और एयरवर्दीनेस (उड़ान योग्यता) पर कड़े सवाल उठाए हैं। यूनियनों ने मांग की है कि मीडिया हाउस खतरनाक परिस्थितियों में कवरेज करने वाले ग्राउंड पत्रकारों और क्रू मेंबर्स के लिए उच्चस्तरीय सेफ्टी प्रोटोकॉल और अनिवार्य जोखिम बीमा (Comprehensive Hazard Insurance) सुनिश्चित करें।
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