केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की पहल तेज

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के कृषि, औद्यानिक उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। प्रदेश के किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने तथा निर्यात की संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से भारत और केन्या के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।

इसी क्रम में केन्या में भारत के उच्चायुक्त श्री आदर्श और उप उच्चायुक्त श्री सुशील प्रसाद के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) श्री बी.एल. मीणा, इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) के एशिया निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह तथा CIP के इंडिया कंट्री मैनेजर डॉ. नीरज शर्मा की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में कृषि, औद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और केन्या के बीच सहयोग बढ़ाने तथा दोनों क्षेत्रों की औद्योगिक क्षमताओं को परस्पर जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री बी.एल. मीणा द्वारा प्रस्तुत नवाचारी विचारों, विशेषकर उत्तर प्रदेश और केन्या के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बीच साझेदारी विकसित करने के प्रस्तावों को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इस पहल से कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों के आदान-प्रदान, निवेश के नए अवसरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत होंगी। बैठक के दौरान भारत के उच्चायुक्त ने उत्तर प्रदेश की कंपनियों को केन्या में भूमि पट्टे पर लेकर कृषि उत्पादन की संभावनाएं तलाशने के लिए भी प्रोत्साहित किया। ऐसे उत्पादन को भारतीय बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने इस दिशा में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया।

बी.एल. मीणा ने बताया की उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, किसानों की उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने, रोजगार सृजन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) जैसी केंद्र सरकार की योजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती हैं। प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 के माध्यम से भी निवेश और उद्योग स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह पहल ‘स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार’ तक पहुंचाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उत्तर प्रदेश के कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तकनीकी नवाचार, निजी निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं हैं।

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