क्या भारत से लौटकर बीमार पड़े चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई बड़े नेता? भारत सरकार ने बताया सच

नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के बाद सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा था। इन दावों में कहा गया कि भारत दौरे से लौटने के तुरंत बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस नैरेटिव के जरिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की जा रही थी। अब इस पूरे मामले पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक संज्ञान लेते हुए सच सामने रखा है।

विदेश मंत्रालय ने जारी किया ‘फेक अलर्ट’: दुर्भावनापूर्ण बताया दावा

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट-चेक यूनिट ने सोशल मीडिया पर चल रही इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक प्रचार है:

  • आधिकारिक खंडन: विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा— “Fake Alert! हम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाई जा रही ऐसी झूठी पोस्ट्स के खिलाफ सभी को सतर्क करते हैं।”

  • अंतरराष्ट्रीय बदनामी की साजिश: सरकार ने साफ किया कि भारत की कूटनीतिक सफलता और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के शानदार आयोजन को धूमिल करने के मकसद से बिना किसी आधार के ये काल्पनिक कहानियां गढ़ी जा रही हैं।

आखिर कहां से शुरू हुई शी जिनपिंग के बीमार होने की अफवाह?

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर उड़ रही अफवाहों के पीछे अमेरिका में निर्वासित एक चीनी राजनीतिक गुट का हाथ सामने आया है:

  • चीनी लोकतंत्र पार्टी (CDP) का दावा: चीन में प्रतिबंधित चाइना डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख वांजुन शाई ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान शी जिनपिंग अचानक अस्वस्थ हो गए थे और उन्हें कथित तौर पर ‘इस्केमिक स्ट्रोक’ (हल्का दौरा) पड़ा था।

  • अस्पताल में भर्ती की बात का कोई प्रमाण नहीं: दावे में कहा गया कि जिनपिंग को बीजिंग पहुंचते ही एयरपोर्ट से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 301 मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया। हालांकि, चीनी सरकार, 301 हॉस्पिटल या किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ ने भी इस पोस्ट पर ‘कम्युनिटी नोट’ लगाते हुए इसे तथ्यहीन करार दिया है।

  • गाला डिनर में न आना बना अफवाह की वजह: जिनपिंग ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित गाला डिनर में शिरकत नहीं की थी और उनकी जगह विदेश मंत्री वांग यी शामिल हुए थे। बताया गया कि व्यस्त दिनचर्या के बाद वे होटल में विश्राम कर रहे थे, लेकिन इसी अनुपस्थिति को आधार बनाकर भ्रामक कयासबाजी शुरू कर दी गई।

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा का मामला क्या है?

अफवाहों को हवा मिलने का दूसरा कारण दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति कार्यालय का एक बयान बना:

  • डॉक्टरों ने दी आराम की सलाह: 73 वर्षीय राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा सोमवार को भारत से लौटने के बाद अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। दक्षिण अफ्रीकी प्रेसीडेंसी ने आधिकारिक तौर पर बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों के लिए आराम करने और स्वस्थ होने की सलाह दी है, जिसके चलते उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों से अस्थायी दूरी बनाई है।

  • सामान्य स्वास्थ्य समस्या: यह एक सामान्य स्वास्थ्य संबंधी आराम (Routine Recovery) का मामला था, जिसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से भारत यात्रा और बाकी नेताओं से जोड़कर एक साजिशन नैरेटिव का रूप दे दिया गया।

विदेश मंत्रालय के सख्त रुख और तथ्यात्मक स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि ब्रिक्स नेताओं के भारत से लौटकर बीमार पड़ने के तमाम दावे पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं।

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