
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने फैसलों, बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स से दुनिया भर में सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन इस बार वह अपने ही देश के भीतर एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। ट्रंप ने अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी राज्य ‘न्यू मेक्सिको’ (New Mexico) का नाम बदलकर ‘न्यू अमेरिका’ (New America) करने का सार्वजनिक सुझाव दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा किया, जिसमें राज्य के नाम में से ‘मेक्सिको’ शब्द को काटकर उसकी जगह लाल रंग से ‘अमेरिका’ लिखा गया था। इस नक्शे को आधिकारिक व्हाइट हाउस हैंडल द्वारा भी री-शेयर किया गया। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कई लोगों ने उन्हें न्यू मेक्सिको का नाम बदलने का सुझाव दिया है और यह नाम इस राज्य के लोगों के लिए कहीं अधिक प्रतिष्ठित और सुंदर साबित होगा। हालांकि, उनके इस बयान के सामने आते ही न्यू मेक्सिको राज्य की डेमोक्रेटिक गवर्नर और स्थानीय नेताओं ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है।
गवर्नर मिशेल लुहान ग्रिशम का तीखा पलटवार: ‘बहस का मुद्दा ही नहीं’
न्यू मेक्सिको की गवर्नर मिशेल लुहान ग्रिशम (Michelle Lujan Grisham) ने ट्रंप के इस सुझाव को सिरे से खारिज करते हुए सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार किया। गवर्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि न्यू मेक्सिको का नाम कोई ऐसा विषय नहीं है जिस पर बहस की जाए।
गवर्नर ग्रिशम ने लिखा, “न्यू मेक्सिको का नाम बहस का मुद्दा नहीं है। यह नाम तब से हमारा है जब संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का अस्तित्व भी नहीं था। असली बहस का मुद्दा यह होना चाहिए कि कामकाजी परिवारों के लिए कौन काम कर रहा है। राष्ट्रपति देशवासियों का ध्यान अपनी नीतियों, आसमान छूती गैस (पेट्रोल) की कीमतों, महंगी होती किराने की चीजों और स्वास्थ्य सेवाओं के संकट से भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। जब व्हाइट हाउस नक्शों पर रंग भरने में समय बर्बाद कर रहा है, तब न्यू मेक्सिको अपने लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के काम में जुटा हुआ है।”
क्या राष्ट्रपति के पास है किसी अमेरिकी राज्य का नाम बदलने का अधिकार?
ट्रंप के इस सुझाव के बाद अमेरिकी संविधान और कानूनी अधिकारों को लेकर भी बहस छिड़ गई है। अमेरिकी संवैधानिक विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी अमेरिकी राज्य का आधिकारिक नाम बदलना राष्ट्रपति के कानूनी अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
राष्ट्रपति संघीय एजेंसियों के लिए भौगोलिक नामों के संदर्भ में निर्देश दे सकते हैं, लेकिन किसी पूर्ण राज्य की पहचान बदलने के लिए राज्य की विधायिका, स्थानीय जनता के जनमत संग्रह और अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता होती है। ऐसे में ट्रंप का यह पोस्ट केवल एक राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया स्टंट बनकर रह गया है। पूर्व गृह सचिव देब हालैंड और न्यू मेक्सिको के सीनेटर बेन रे लुहान ने भी ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि न्यू मेक्सिको न तो बिकाऊ है और न ही इसका नाम बदला जा सकता है।
भौगोलिक नाम बदलने का ट्रंप का पुराना इतिहास
यह पहला मौका नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने किसी भौगोलिक स्थान का नाम बदलने की वकालत की है। इससे पहले भी वह ऐसे कई विवादास्पद कदम उठा चुके हैं:
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गल्फ ऑफ मेक्सिको: व्हाइट हाउस में वापसी के तुरंत बाद उन्होंने ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ (मेक्सिको की खाड़ी) को आधिकारिक अमेरिकी दस्तावेजों में ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ कहने का आदेश दिया था, जिसे मेक्सिको ने खारिज कर दिया था।
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लेक ओंटारियो: हाल ही में उन्होंने कनाडा के साथ तनाव के बीच ऐतिहासिक ‘लेक ओंटारियो’ का नाम बदलकर संघीय संदर्भों के लिए ‘लेक अमेरिका’ करने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसका कनाडा ने कड़ा विरोध किया।
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हॉर्मुज जलडमरूमध्य: इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव के दौरान ट्रंप ने वैश्विक तेल व्यापार के सबसे अहम मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का भी शगूफा छोड़ा था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप इन प्रतीकात्मक नाम-बदलावों के जरिए अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ के एजेंडे को हवा देने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार अपने ही देश के एक राज्य का नाम बदलने की बात कहकर उन्होंने घरेलू राजनीति में नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है।
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