
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में कजरी तीज के महापर्व पर आस्था और भक्ति का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिला। इस पावन अवसर पर जिले के शिवालय ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठे। इसी धार्मिक अनुष्ठान के बीच कैसरगंज के पूर्व बाहुबली सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बेटे और गोंडा सदर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने एक कठिन आध्यात्मिक संकल्प पूरा किया। प्रतीक भूषण सिंह ने अपने पिता के उत्तम स्वास्थ्य, कष्टों के निवारण और उनके दोबारा संसद पहुंचने की मनोकामना के साथ 35 किलोमीटर की लंबी पैदल कांवड़ यात्रा की।
विधायक ने पवित्र सरयू नदी से जल भरकर नंगे पांव पैदल यात्रा पूरी की और गोंडा के ऐतिहासिक व पौराणिक दुखहरण नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। इस दौरान उनके साथ उनके छोटे भाई और कैसरगंज से सांसद करण भूषण सिंह, परिवार के अन्य सदस्य और हजारों की संख्या में समर्थक भी मौजूद रहे।
विश्नोहरपुर से सरयू घाट और दुखहरण नाथ मंदिर तक 35 किमी की पदयात्रा
कजरी तीज के पावन अवसर पर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने अपने पैतृक निवास विश्नोहरपुर से यात्रा की शुरुआत की। वह समर्थकों के साथ पैदल चलकर सबसे पहले करनैलगंज स्थित पावन सरयू घाट पहुंचे। वहां विधि-विधान पूर्वक सरयू नदी में स्नान करने के उपरांत उन्होंने कांवड़ में पवित्र गंगा-सरयू जल भरा।
इसके बाद कांवड़ियों की वेशभूषा में कंधे पर कांवड़ लिए प्रतीक भूषण सिंह लगभग 35 किलोमीटर की कठिन दूरी पैदल तय करते हुए गोंडा नगर के प्रसिद्ध दुखहरण नाथ मंदिर पहुंचे। मंदिर के गर्भगृह में पहुंचकर उन्होंने शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
‘पिता के अच्छे स्वास्थ्य और 2029 में संसद पहुंचने की है कामना’
जलाभिषेक के बाद मंदिर परिसर से बाहर निकले विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी इस कांवड़ यात्रा के उद्देश्य को साझा किया। उन्होंने कहा कि वह पिछले 16 वर्षों से लगातार कजरी तीज के मौके पर सरयू से जल लाकर दुखहरण नाथ मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं।
प्रतीक भूषण सिंह ने कहा, “इस बार मैंने भगवान भोलेनाथ से अपने पूज्य पिता बृजभूषण शरण सिंह जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उनके जीवन के सभी कष्टों के निवारण की विशेष प्रार्थना की है। मेरी और हमारे पूरे परिवार की यह दिली कामना है कि पिताजी के ऊपर भोलेनाथ की कृपा बरसे और वह एक बार फिर जनता के आशीर्वाद से संसद भवन पहुंचें।” विधायक ने छोटे भाई करण भूषण सिंह के साथ-साथ पिता के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी विश्वास जताया और कहा कि 2029 में उनके पिता फिर से संसद में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगे।
समाज में वैमनस्य खत्म करने और आपसी सद्भाव की अपील
धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने समाज को एक सकारात्मक और संवेदनशील संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में समाज के भीतर आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द का वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विधायक ने अपील करते हुए कहा, “लोगों को एक-दूसरे को नीचा दिखाने और बेवजह की कटुता फैलाने की प्रवृत्ति बंद करनी चाहिए। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हम सब एक-दूसरे का सम्मान करेंगे और एकजुट रहेंगे।” इसके अलावा उन्होंने कजरी तीज मेले में दिन-रात मुस्तैदी से सुरक्षा और व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया।
दुखहरण नाथ मंदिर में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
कजरी तीज के मौके पर गोंडा के दुखहरण नाथ मंदिर में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि मंदिर परिसर से लेकर आसपास का 3 किलोमीटर का इलाका कांवड़ियों के भगवा रंग में रंग गया। पुलिस और प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, बैरिकेडिंग के बीच कतारबद्ध होकर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी आशुतोष, एएसपी और एसडीएम स्तर के अधिकारी खुद लगातार संवेदनशील प्वाइंट्स पर गश्त करते रहे। प्रतीक भूषण सिंह की इस 35 किलोमीटर की पदयात्रा ने न केवल धार्मिक माहौल को गर्मा दिया, बल्कि गोंडा और कैसरगंज के सियासी गलियारों में बृजभूषण शरण सिंह की सक्रिय राजनीति में वापसी को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया