
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठनात्मक ढांचे में आगामी विधानसभा चुनावों और भावी राजनीतिक रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए लगातार बड़े फेरबदल किए जा रहे हैं। लंबे समय तक भाजपा के राष्ट्रीय आईटी एवं सोशल मीडिया सेल के प्रमुख के रूप में पार्टी की डिजिटल रणनीति का चेहरा रहे अमित मालवीय को लेकर संगठन में एक बड़ा प्रशासनिक व सांगठनिक निर्णय सामने आया है।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभारियों, सह-प्रभारियों और कोर कमेटियों के पुनर्गठन के क्रम में अमित मालवीय को आईटी सेल के सीधे प्रभार से मुक्त करते हुए अब मुख्यधारा के संगठनात्मक समन्वय में बड़ी भूमिका से नवाजा गया है। बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय रणनीतिकार नितिन नवीन की सांगठनिक टीम में अमित मालवीय को विशेष दायित्व सौंपकर चुनावी व रणनीतिक मोर्चे पर आगे किया गया है।
डिजिटल वार रूम से मुख्यधारा के चुनावी प्रबंधन में एंट्री
अमित मालवीय करीब एक दशक तक भाजपा के राष्ट्रीय आईटी विभाग के संयोजक के रूप में कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के डिजिटल नैरेटिव, सोशल मीडिया कैंपेन और विपक्ष पर ऑनलाइन आक्रामक रुख तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाई।
हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और बाद के राज्यों में सह-प्रभारी के तौर पर काम करने के बाद पार्टी आलाकमान उन्हें सीधे चुनावी जमीन और राज्यों के सांगठनिक समन्वय में उतारने की रणनीति पर काम कर रहा था। इसी क्रम में अब उन्हें राज्यस्तरीय चुनावी प्रबंधन, संगठनात्मक समन्वय और डेटा-आधारित चुनावी रणनीति की कोर टीम में शामिल किया गया है।
नितिन नवीन की टीम में क्या मिली जिम्मेदारी?
छत्तीसगढ़ भाजपा के लंबे समय तक प्रभारी रहे और बिहार में पार्टी के प्रमुख युवा चेहरे नितिन नवीन को जब भी केंद्रीय संगठन द्वारा महत्वपूर्ण राज्यों या विशेष अभियानों का जिम्मा सौंपा गया है, तब उन्होंने सूक्ष्म प्रबंधन (Micro-management) पर जोर दिया है।
नितिन नवीन की नई संगठनात्मक संरचना में अमित मालवीय को:
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चुनावी अभियान व रणनीतिक समन्वय (Campaign Strategy & Coordination): राज्यों में होने वाले आगामी चुनावों और पार्टी अभियानों के जमीनी समन्वय का प्रभार।
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डेटा एवं बूथ मैपिंग सलाहकार: पारंपरिक बूथ प्रबंधन के साथ आधुनिक डिजिटल एनालिटिक्स और वोटर टर्नआउट रणनीति को जोड़ने की मुख्य जिम्मेदारी।
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सह-प्रभारी/वरिष्ठ समन्वयक स्तर का दायित्व: राज्य स्तर पर कोर ग्रुप और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच सेतु की तरह काम करते हुए सांगठनिक कार्यक्रमों की सीधी मॉनिटरिंग का जिम्मा।
क्या हैं इस बड़े सांगठनिक बदलाव के सियासी मायने?
भाजपा के गलियारों में इस बदलाव को केवल पद परिवर्तन नहीं, बल्कि अमित मालवीय के राजनीतिक प्रोफाइल के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है:
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आईटी सेल से प्रशासनिक राजनीति की ओर: आईटी सेल के हेड के पद पर लगातार लंबे समय तक रहने के बाद किसी भी नेता को सक्रिय सांगठनिक राजनीति या मुख्यधारा के राज्यों के चुनाव प्रबंधन में प्रमोट करने की भाजपा की पुरानी परंपरा रही है।
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2027 और आगामी चुनावों की तैयारी: उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो तकनीकी समझ के साथ-साथ राज्यों की अंदरूनी गुटबाजी और जमीनी समीकरणों को भी संभाल सकें।
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नितिन नवीन के साथ तालमेल: नितिन नवीन को संगठन में जमीनी कार्यकर्ता और कुशल रणनीतिकार माना जाता है। उनके साथ अमित मालवीय जैसे आक्रामक और रणनीतिक रूप से तेजतर्रार चेहरे का तालमेल राज्यों में विपक्ष की घेराबंदी को नई धार देगा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय कार्यालय से अमित मालवीय की इस नई संगठनात्मक भूमिका को लेकर औपचारिक जिम्मेदारियों और उनके अधीन आने वाले विशेष प्रोजेक्ट्स की विस्तृत रूपरेखा आधिकारिक तौर पर साझा की जाएगी।
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