राम और रावण के महायुद्ध से कांपा पर्दा, रणबीर-यश की टक्कर देख खड़े हो जाएंगे रोंगटे

।सिनेमा प्रेमियों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ और निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी पौराणिक फिल्म ‘रामायण’ का दूसरा ट्रेलर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज कर दिया गया है। पहले टीजर और झलकियों के बाद से ही इस फिल्म को लेकर पूरे देश में जबरदस्त उत्साह बना हुआ था, लेकिन इस दूसरे ट्रेलर ने स्क्रीन पर जो रौद्र और भव्य रूप दिखाया है, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। तीन मिनट से भी ज्यादा लंबे इस ट्रेलर में धर्म की मर्यादा और अधर्म के अहंकार के बीच होने वाले उस ऐतिहासिक टकराव को इस कदर जीवंत किया गया है कि दर्शक पलकें झपकाना तक भूल रहे हैं। अयोध्या की पावन शांति से लेकर लंका के सुलगते अंगारों और समुद्र किनारे तैयार होती वानर सेना के हर एक दृश्य को जिस पैमाने पर गढ़ा गया है, उसने भारतीय सिनेमा में विजुअल इफेक्ट्स और स्टोरीटेलिंग के मानकों को एक नए पायदान पर पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर आते ही यह ट्रेलर ट्रेंडिंग लिस्ट में शीर्ष पर पहुंच चुका है और दर्शकों के साथ-साथ समीक्षक भी रणबीर कपूर और यश की स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

रणबीर कपूर के चेहरे का तेज और यश के रावण का खौफनाक अवतार

ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका मुख्य किरदार द्वंद्व है, जहां एक तरफ रणबीर कपूर भगवान श्री राम के रूप में असीम शांति, संयम और सात्विक गरिमा का आभास कराते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ रॉकिंग स्टार यश लंकापति रावण के रूप में अहंकार, शक्ति और क्रूरता का साक्षात तांडव रचते दिखते हैं। जब धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाते हुए रणबीर के शांत मुखमंडल पर धर्म की दृढ़ता दिखाई देती है, तो दर्शक श्रद्धा से भर उठते हैं; वहीं दूसरी ओर यश की भारी-भरकम आवाज, दहाड़ और आंखों में दशानन का विकराल क्रोध देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। दोनों महारथियों के बीच जब पहली बार आमने-सामने का टकराव पर्दे पर उभरता है, तो बैकग्राउंड स्कोर और स्क्रीन की ऊर्जा चरम सीमा पर पहुंच जाती है। संवाद अदायगी में जिस गंभीरता और सांस्कृतिक वजन का इस्तेमाल किया गया है, वह सीधे दर्शकों के दिलों को छूता है। यह साफ जाहिर होता है कि दोनों अभिनेताओं ने अपने-अपने किरदारों की आत्मा को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है, जिससे यह केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक महाकाव्य का साक्षात दर्शन बन गया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर के वीएफएक्स और युद्ध भूमि के रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य

इस दूसरे ट्रेलर में जिस पहलू ने सबसे ज्यादा चौंकाया है, वह है इसका तकनीकी स्तर और विजुअल क्राफ्ट। ऑस्कर विजेता अंतरराष्ट्रीय स्टूडियोज के सहयोग से तैयार किए गए विजुअल इफेक्ट्स इतने सहज और विस्तृत हैं कि लंका की सोने की दीवारें, पुष्पक विमान की उड़ान और समुद्र पर तैरते पत्थरों से बनता रामसेतु बिल्कुल जीवंत प्रतीत होता है। युद्ध के दृश्यों में जब वानर सेना और राक्षसी सेना एक-दूसरे से टकराती है, तो उस विहंगम दृश्य का कैमरा वर्क और स्पेशल इफेक्ट्स हॉलीवुड की बड़ी से बड़ी फैंटेसी फिल्मों को कड़ी टक्कर देते नजर आते हैं। तीरों की वर्षा, गदाओं की गूंज और मायावी शक्तियों के टकराव को अत्यधिक नाटकीय बनाने के बजाय निर्देशक ने उसमें एक यथार्थवादी स्पर्श बनाए रखा है, जिससे हर एक एक्शन सीन बेहद प्रभावशाली बन पड़ा है। वीएफएक्स की यह बारीकी साफ बताती है कि निर्माताओं ने भारतीय महाकाव्य को वैश्विक स्तर पर पेश करने के लिए कितनी कड़ी मेहनत और बजट का निवेश किया है।

साई पल्लवी की सादगी और सहयोगी किरदारों का दमदार प्रभाव

ट्रेलर में माता सीता के रूप में साई पल्लवी की उपस्थिति कहानी में एक गहरा भावनात्मक ठहराव लेकर आती है। अशोक वाटिका के दृश्य में उनके चेहरे पर मर्यादा, दुख और अडिग आत्मबल का जो भाव उभरता है, वह बिना बोले ही बहुत कुछ कह जाता है। उनका साधारण, आभूषण-विहीन और पवित्र स्वरूप पारंपरिक आस्था के बिल्कुल अनुरूप बैठता है। इसके अलावा ट्रेलर में लक्ष्मण, हनुमान और कुंभकर्ण की जो संक्षिप्त झलकियां दिखाई गई हैं, उन्होंने भी दर्शकों के भीतर सिहरन पैदा कर दी है। विशेष रूप से हनुमान के आकाश मार्ग से लंका दहन के दृश्य और युद्ध भूमि में लक्ष्मण के पराक्रम को जिस तीव्रता के साथ काटा गया है, वह ट्रेलर की रफ्तार को एक पल के लिए भी धीमा नहीं पड़ने देता। हर एक चरित्र को उसकी ऐतिहासिक गरिमा और सम्मान के साथ स्क्रीन स्पेस दिया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि नितेश तिवारी ने पटकथा पर कई वर्षों का शोध किया है।

बैकग्राउंड संगीत का जादू और दर्शकों की दीवानगी

ट्रेलर को शिखर तक ले जाने में इसके संगीत और ध्वनि संयोजन का बहुत बड़ा योगदान है। पौराणिक श्लोकों, वेदमंत्रों की गूंज और आधुनिक सिम्फनी के तालमेल से तैयार किया गया बैकग्राउंड स्कोर युद्ध के हर दृश्य में दर्शकों की धड़कनें तेज कर देता है। जैसे ही पृष्ठभूमि में जय श्री राम का जयघोष बजता है, दृश्य का भावनात्मक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर ट्रेलर के रिलीज होते ही टिप्पणियों की बाढ़ आ गई है, जहां लोग इसे भारतीय सिनेमा का ऐतिहासिक मोड़ बता रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि यह ट्रेलर केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति की उस अमर गाथा का सम्मानजनक रूपांतरण है जिसका पूरे देश को वर्षों से इंतजार था।

बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने की तैयारी में महाकाव्य

इस दूसरे ट्रेलर ने फिल्म के प्रति बने सारे संशयों को पूरी तरह खत्म कर दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि रिलीज के दिन सिनेमाघरों में दर्शकों का सैलाब उमड़ने वाला है। सिनेमा विश्लेषकों का मानना है कि यह फिल्म भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने का माद्दा रखती है। एडवांस बुकिंग को लेकर अभी से जो सुगबुगाहट देखने को मिल रही है, वह दर्शाती है कि दर्शक इस महामुकाबले को बड़े पर्दे पर आईमैक्स और थ्रीडी फॉर्मेट में देखने के लिए कितने उतावले हैं। जिस तरह से राम और रावण की इस अमर गाथा को तकनीकी श्रेष्ठता और अटूट आस्था के संगम के साथ परोसा गया है, उसने यह तय कर दिया है कि यह फिल्म आने वाले कई दशकों तक भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर बनकर याद रखी जाएगी।

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