शादी से पहले मां बनना चाहती थीं स्वरा भास्कर, 2 बार कराई थी IVF साइकिल; एक्ट्रेस ने बयां किया गहरा दर्द

बॉलीवुड की जानी-मानी और बेबाक अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने निजी जीवन को लेकर सुर्खियों में हैं। स्वरा ने अपनी जिंदगी के एक ऐसे पहलू से पर्दा उठाया है जिसके बारे में अब तक बहुत कम लोग ही जानते थे। समाजवादी पार्टी के नेता फहाद अहमद से शादी करने और बेटी राबिया के जन्म से काफी पहले स्वरा भास्कर ने मां बनने की पूरी तैयारी कर ली थी। अभिनेत्री ने हालिया बातचीत में खुलासा किया कि वह शादी से पहले ही सिंगल मदर बनना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने मेडिकल साइंस की मदद ली और दो बार इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानी आईवीएफ प्रक्रिया से भी गुजरीं, लेकिन दोनों ही प्रयास असफल साबित हुए।

मातृत्व की तीव्र इच्छा और समाज के रूढ़िवादी बंधनों को चुनौती

स्वरा भास्कर हमेशा से पारंपरिक सामाजिक बंधनों से परे हटकर अपनी शर्तें तय करने के लिए पहचानी जाती रही हैं। जब उनकी उम्र तीस के दशक के मध्य में पहुंची, तो उनके भीतर मातृत्व को लेकर गहरा खिंचाव महसूस होने लगा था। उस समय उनकी जिंदगी में कोई स्थायी जीवनसाथी नहीं था। भारतीय समाज में जहां बिना शादी के मां बनने की बात को सामान्य तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता, वहीं स्वरा ने समाज के इस ढर्रे को तोड़ते हुए अकेले ही बच्चे की जिम्मेदारी उठाने का कड़ा फैसला लिया था। उनका मानना था कि किसी महिला को मां बनने की खुशी महसूस करने के लिए केवल शादी पर निर्भर रहने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए।

दो बार कराई थी आईवीएफ प्रक्रिया, लेकिन हाथ लगी केवल निराशा

अपने इसी संकल्प को पूरा करने के लिए स्वरा ने असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) का सहारा लिया। उन्होंने किसी स्पर्म डोनर की मदद से गर्भधारण करने की योजना बनाई और इसके लिए आईवीएफ प्रक्रिया को चुना। आईवीएफ का सफर किसी भी महिला के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है। स्वरा ने बताया कि उन्होंने पूरी उम्मीद और हिम्मत के साथ दो बार यह पूरी प्रक्रिया करवाई। हार्मोनल इंजेक्शन, शरीर में आने वाले अचानक बदलाव और अस्पताल के चक्कर लगाने के बावजूद दोनों बार परिणाम नकारात्मक रहे। भ्रूण का रोपण सफल नहीं हो सका और दोनों साइकिल पूरी तरह विफल हो गईं।

असफल मेडिकल प्रक्रियाओं के बाद टूटा दिल और भावनात्मक संघर्ष

आईवीएफ का फेल होना किसी भी महिला के लिए केवल एक मेडिकल असफलता नहीं होती, बल्कि यह भावनात्मक रूप से तोड़कर रख देने वाला अनुभव होता है। स्वरा भास्कर ने साझा किया कि जब दूसरी बार भी प्रक्रिया असफल हुई तो वह गहरे अवसाद और निराशा में चली गई थीं। बार-बार लगने वाले हार्मोनल इंजेक्शन ने उनके शरीर और मन दोनों पर बुरा असर डाला था। उस दौर में खुद को संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था। अभिनेत्री का कहना है कि लोग केवल परिणाम देखते हैं, लेकिन एक महिला जब गर्भधारण की कोशिशों में बार-बार हारती है, तो उस खालीपन को बयां करना नामुमकिन हो जाता है।

जब आईवीएफ से टूटा भरोसा तो कानूनी रूप से गोद लेने की ओर बढ़ाया कदम

आईवीएफ के दोनों प्रयासों के विफल हो जाने के बाद स्वरा भास्कर ने हार नहीं मानी। मां बनने का उनका जज्बा कमजोर नहीं पड़ा था। उन्होंने फैसला किया कि अगर जैविक रूप से वह बच्चे को जन्म नहीं दे पा रही हैं, तो वह किसी अनाथ बच्चे को अपना नाम और प्यार देंगी। इसके बाद स्वरा ने भारत में कानूनी रूप से बच्चा गोद लेने की आधिकारिक संस्था कारा (CARA – Central Adoption Resource Authority) के तहत एक बच्चे को गोद लेने के लिए आवेदन किया। स्वरा ने सिंगल पेरेंट के तौर पर सभी कानूनी कागजी प्रक्रियाएं पूरी कीं और वेटिंग लिस्ट में शामिल हो गईं। स्वरा कई महीनों तक बच्चे के मिलने का इंतजार करती रहीं ताकि उनका सिंगल मदर बनने का सपना पूरा हो सके।

फहाद अहमद से अचानक मुलाकात और पूरी तरह बदल गई जिंदगी

जिस दौरान स्वरा भास्कर बच्चा गोद लेने की औपचारिकताओं और लंबे इंतजार के दौर से गुजर रही थीं, उसी बीच उनकी जिंदगी में एक नया और सुखद मोड़ आया। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी मुलाकात युवा राजनीतिक कार्यकर्ता फहाद अहमद से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच केवल एक अच्छी दोस्ती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता बेहद मजबूत और भावनात्मक जुड़ाव में बदल गया। दोनों के बीच की समझ और आपसी सम्मान ने स्वरा को जीवन को एक नए नजरिए से देखने का मौका दिया। फहाद के साथ रिश्ते में आने के बाद स्वरा के जीवन में सुरक्षा और अपनत्व का एक नया अहसास जुड़ा।

शादी का बंधन और प्राकृतिक रूप से बेटी राबिया का जन्म

लंबी दोस्ती और आपसी समझ के बाद स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने साल 2023 की शुरुआत में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद दोनों ने अपने परिजनों और दोस्तों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से भव्य समारोह में शादी का जश्न मनाया। शादी के कुछ ही समय बाद स्वरा ने अपनी प्रेग्नेंसी की आधिकारिक घोषणा करके सभी को चौंका दिया। जिस मातृत्व के लिए स्वरा ने आईवीएफ के दर्दनाक दौर सहे थे और लंबे समय तक इंतजार किया था, वह खुशी कुदरती तौर पर उनकी झोली में आ गिरी। सितंबर 2023 में स्वरा ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम उन्होंने राबिया रखा।

मातृत्व के संघर्ष पर खुलकर बोलने से अन्य महिलाओं को मिला संबल

स्वरा भास्कर द्वारा साझा की गई यह आपबीती आज के समय में उन लाखों महिलाओं के लिए एक बड़ी सीख और सहारा है जो इनफर्टिलिटी या सिंगल पेरेंटहुड के दौर से गुजर रही हैं। हमारे समाज में इनफर्टिलिटी और आईवीएफ की नाकामी को अक्सर एक सामाजिक कलंक की तरह देखा जाता है और महिलाएं इस पर बात करने से कतराती हैं। स्वरा के इस खुले बयान ने यह साफ कर दिया है कि मातृत्व तक पहुंचने का हर रास्ता आसान नहीं होता और असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया बनाए रखना कितना जरूरी है। आज स्वरा अपनी नन्हीं बेटी राबिया और पति फहाद के साथ बेहद खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही हैं।

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