‘सपा तीसरा उतारेगी तो BJP का आएगा नौवां प्रत्याशी…’, राज्यसभा चुनाव पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश की रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच उच्च सदन में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए राजनीतिक बिसात बिछाई जाने लगी है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने विपक्ष को दो टूक चेतावनी दी कि यदि समाजवादी पार्टी अपने संख्याबल से आगे बढ़कर तीसरा प्रत्याशी मैदान में उतारने का प्रयास करेगी, तो भारतीय जनता पार्टी भी पीछे नहीं हटेगी और अपनी तरफ से नौवां उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतार देगी। केशव मौर्य के इस बयान के बाद राज्य में राज्यसभा चुनाव के निर्विरोध होने की संभावनाओं पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं और हॉर्स ट्रेडिंग व क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। भाजपा अपने मौजूदा संख्याबल और गठबंधन के सहयोगियों के समर्थन के दम पर आठ सीटें आसानी से जीतने की मजबूत स्थिति में है। हालांकि, यदि विपक्षी खेमे की ओर से अतिरिक्त प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को पेचीदा बनाने की कोशिश की जाएगी, तो भाजपा पूरे दमखम के साथ नौवें प्रत्याशी को उतारकर विपक्षी खेमे के अंकगणित को चुनौती देगी।

सपा के तीसरे और भाजपा के नौवें प्रत्याशी का सियासी अंकगणित

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए प्रथम वरीयता के करीब 37 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा गठबंधन के पास अपने दम पर आठ सीटें जीतने के बाद भी अतिरिक्त मत बचते हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के पास अपने दो सांसदों को उच्च सदन भेजने के लिए पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। हालांकि, चर्चाएं हैं कि सपा दो आधिकारिक प्रत्याशियों के अलावा तीसरे उम्मीदवार के लिए भी सियासी जोड़-तोड़ में जुटी है। इसी रणनीति पर पलटवार करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने साफ किया कि भाजपा किसी भी राजनीतिक चुनौती से पीछे हटने वाली नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सपा ने तीसरा उम्मीदवार उतारा और भाजपा ने नौवां प्रत्याशी खड़ा किया, तो मुकाबला सीधे तौर पर क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय व छोटे दलों के विधायकों के पाला बदलने पर टिक जाएगा। अतीत में भी उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनावों में अतिरिक्त प्रत्याशी उतारे जाने पर क्रॉस वोटिंग का खेल देखने को मिल चुका है, जिसने कई बार विपक्षी दलों के समीकरणों को बिगाड़ दिया था।

‘मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू’ की राजनीति पर कसा तंज

उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेषकर सपा, बसपा और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये दल अपनी सुविधा के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। केशव मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दलों की राजनीति “मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू” जैसी हो चुकी है। जब चुनाव में इन्हें सफलता मिलती है, तो वही ईवीएम और चुनाव व्यवस्था बिल्कुल सही लगने लगती है, लेकिन जैसे ही भाजपा या एनडीए चुनाव जीतता है, तो ये तुरंत चुनाव प्रणाली और संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने लगते हैं।

केशव प्रसाद मौर्य ने अतीत के चुनावी परिणामों का हवाला देते हुए याद दिलाया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जब राज्य में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब भी भाजपा गठबंधन ने उत्तर प्रदेश की 80 में से 73 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने प्रचंड 325 सीटें जीतीं, जबकि समाजवादी पार्टी महज 47 सीटों पर सिमट गई थी। मौर्य ने कहा कि जनादेश को अपनी सुविधा के अनुसार परिभाषित करना और व्यवस्था को कोसना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है।

2027 में भी बनेगी भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार

आगामी विधानसभा चुनाव 2027 का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दल चाहे मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, उत्तर प्रदेश की जनता का विश्वास सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों और भाजपा सरकार की नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस का साथ आना या अलग रहना 2027 के परिणामों को नहीं बदल सकता और भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में वापसी करेगी।

वैचारिक मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि वे बचपन से ‘राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ’ के संकल्प और आंदोलन से जुड़े रहे हैं। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि भगवान श्रीकृष्ण और विश्वनाथ धाम से जुड़े विषय अभी शेष हैं। संगठन के विस्तार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं की अनर्गल बयानबाजी से भाजपा के संगठन पर कोई असर नहीं पड़ता और पार्टी पूरे देश में जनसेवा के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।

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