
उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 9.18 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 483 करोड़ रुपये से ज्यादा की कृषि निवेश अनुदान राशि सीधे ट्रांसफर कर दी है। गोरखपुर से आयोजित विशेष कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह धनराशि अन्नदाताओं के खातों में भेजी। सरकार के इस कदम से बाढ़, अत्यधिक वर्षा और हालिया चक्रवाती तूफानों से प्रभावित किसानों को त्योहारों से ठीक पहले बड़ा आर्थिक संबल मिला है।
9.18 लाख से अधिक किसान चिन्हित, पारदर्शी तरीके से हुआ नुकसान का आकलन
राहत आयुक्त कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष के दौरान प्रदेश भर में आई बाढ़, भारी बारिश, ओलावृष्टि और सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए चक्रवाती तूफान से बड़े पैमाने पर फसलें तबाह हुई थीं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद राजस्व और कृषि विभाग की टीमों ने गांव-गांव जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और डिजिटल सर्वे के आधार पर 9 लाख 18 हजार 91 किसानों को फसल क्षति का पात्र पाया। बाढ़ का पानी उतरते ही प्रशासन ने युद्धस्तर पर कागजी कार्रवाई पूरी की ताकि किसानों को मुआवजे के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सीएम ने कहा कि डीबीटी व्यवस्था के कारण बीच के दलालों और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो गई है और सरकार का एक-एक पैसा सीधे जरूरतमंद किसानों की जेब में पहुंच रहा है।
पहले भी मिल चुकी है करोड़ों की अग्रिम मदद, आपदा पीड़ितों को मिला संबल
प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए योगी सरकार पहले से ही तत्परता दिखाती रही है। राहत आयुक्त के अनुसार, जिलों को शुरुआती आकलन के आधार पर पहले ही 169 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि भेजी जा चुकी थी। इसमें से 1.29 लाख से अधिक किसानों को करीब 78.75 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति पहले ही वितरित की जा चुकी थी। इसके अलावा जनहानि, पशुहानि और मकानों के ढहने जैसे मामलों में भी प्रभावित परिवारों को अब तक 225.93 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि दैवीय आपदा की घड़ी में प्रदेश का कोई भी पीड़ित परिवार बिना सरकारी मदद के बेसहारा नहीं रहेगा।
छोटे किसानों के लिए सस्ता हुआ कर्ज, 11% की जगह अब केवल 6% पर लोन
फसल मुआवजे के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों को एक और बड़ा उपहार दिया है। ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ के तहत अब उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) की 323 शाखाओं के माध्यम से किसानों को बेहद रियायती दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पहले जहां किसानों को 11 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता था, वहीं अब सरकार की ब्याज अनुदान योजना के तहत यह लोन महज 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर मिलेगा। ब्याज में मिलने वाली इस 5 प्रतिशत की सीधी छूट की भरपाई राज्य सरकार खुद बैंक को सब्सिडी देकर करेगी, जिससे किसानों पर कर्ज का भारी बोझ नहीं पड़ेगा और वे अगली रबी फसल की तैयारी बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे।
गिरे पेड़ों के निस्तारण और खेतों की तैयारी पर भी कड़े प्रशासनिक निर्देश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि आंधी-तूफान के कारण किसानों के खेतों और निजी भूमि पर गिरे पेड़ों के निस्तारण में कोई देरी न की जाए। वन विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों के आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर ट्रांजिट परमिट जारी किए जाएं ताकि वे अपनी लकड़ी बेचकर खेत तुरंत खाली कर सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी किसान का आर्थिक या मानसिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। सीएम ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ यहां का किसान है और उसकी खुशहाली ही राज्य के समग्र विकास की गारंटी है।
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