
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन के स्थानीय निकायों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। शासन ने लंबे समय से लंबित मथुरा-वृंदावन नगर निगम और जनपद की विभिन्न नगर पंचायतों में मनोनीत सदस्यों (नॉमिनेटेड मेंबर्स) की नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस फैसले के बाद ब्रज क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
मई 2023 से अटका था मामला, अब मिली हरी झंडी
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मई 2023 में स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न हुए थे। चुनाव के बाद से ही नगर निगमों और नगर पंचायतों में मनोनीत सदस्यों की नियुक्तियां अटकी हुई थीं। मथुरा-वृंदावन नगर निगम में 10 और जनपद की 13 नगर पंचायतों में कुल 39 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति की जानी थी। करीब पौने तीन साल के लंबे इंतजार के बाद अब शासन ने इन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सक्रियता का दिखा असर
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इन नियुक्तियों को अमलीजामा पहनाने में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की भूमिका बेहद अहम रही है। संगठन के भीतर कार्यकर्ताओं के सामंजस्य और स्थानीय निकाय के कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से उन्होंने इस मामले में व्यक्तिगत सक्रियता दिखाई। पंकज चौधरी की पहल के बाद ही शासन स्तर पर रुकी हुई इस फाइल को रफ्तार मिली और अधिसूचना जारी की गई।
निकाय कार्यों में आएगी तेजी और बढ़ेगा वर्चस्व
इन नियुक्तियों के बाद अब मथुरा-वृंदावन नगर निगम और 13 नगर पंचायतों में बोर्ड की बैठकों में मनोनीत सदस्यों की उपस्थिति से कामकाज में और पारदर्शिता आने की उम्मीद है। ये सदस्य सीधे तौर पर सरकार और संगठन के प्रतिनिधि के रूप में स्थानीय विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे। अधिसूचना जारी होने के बाद अब जल्द ही सभी मनोनीत सदस्य अपने-अपने निकायों में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
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