Sourav Joshi Controversy: पत्नी को डॉग बाउल में पानी पिलाने पर मचा बवाल, यूट्यूबर बोले- ‘मैंने तो खुद खाया है…’

भारत के सबसे लोकप्रिय और करोड़ों सब्सक्राइबर्स वाले फैमिली व्लॉगर सौरव जोशी एक बार फिर इंटरनेट पर भारी विवादों के केंद्र में आ गए हैं। रोजमर्रा की जिंदगी, सादगी और पारिवारिक पलों को कैमरे में कैद कर करोड़ों दिलों पर राज करने वाले इस यूट्यूबर के हालिया वीडियो ने दर्शकों को हैरान और नाराज कर दिया है। दरअसल, एक हालिया व्लॉग के दौरान सौरव ने मजाक-मजाक में अपनी पत्नी प्रिया को उनके पालतू कुत्ते ओरियो (Oreo) के पानी पीने वाले कटोरे (डॉग बाउल) में पानी परोस दिया। इस हरकत का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर क्लिप होकर वायरल हुआ, वैसे ही नेटिजन्स ने सौरव को असंवेदनशील, अस्वच्छ और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए जमकर लताड़ लगानी शुरू कर दी। विवाद को थामने और अपनी सफाई पेश करने के लिए सौरव ने जब अगला वीडियो जारी किया, तो स्थिति संभलने के बजाय और बिगड़ गई। सौरव ने सफाई देते हुए यहां तक कह डाला कि इसमें कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि उन्होंने खुद कई बार अपने डॉगी के बर्तन से खाया-पिया है और पालतू जानवरों के साथ ऐसा लगाव आम बात है। उनके इस नए तर्क ने सोशल मीडिया पर बहस को शांत करने के बजाय एक नई तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दे दिया है।

व्लॉग में आखिर हुआ क्या था और कैसे भड़का मामला

पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सौरव जोशी के एक आम दैनिक व्लॉग से हुई थी, जहां वह अपने घर पर परिवार के साथ समय बिता रहे थे। बातचीत और हंसी-मजाक के दौरान उन्होंने रसोई से पानी लाने के बजाय जमीन पर रखे अपने पालतू लैब्राडोर डॉग के पानी वाले बाउल में पानी भरा और अपनी पत्नी को पीने के लिए थमा दिया। वीडियो में पत्नी पहले तो इसे सामान्य गिलास समझकर घूंट भरती नजर आईं, लेकिन जैसे ही उन्हें अहसास हुआ कि यह बर्तन उनके पालतू जानवर का है, उनके चेहरे पर असहजता और नाराजगी साफ झलकने लगी। सौरव इस पूरे वाकये को कैमरे पर रिकॉर्ड करते हुए जोर-जोर से हंसते रहे और इसे एक हल्का-फुल्का प्रैंक करार दिया। हालांकि, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर जब इस क्लिप को लाखों दर्शकों ने देखा, तो लोगों ने इसे प्रैंक मानने से साफ इनकार कर दिया और इसे पत्नी के प्रति अनादर और घोर अस्वच्छता की पराकाष्ठा करार देते हुए आलोचना शुरू कर दी।

विवाद बढ़ने पर सौरव जोशी ने दी अजीबोगरीब सफाई

जैसे ही सोशल मीडिया पर सौरव के खिलाफ बॉयकॉट और अनसब्सक्राइब करने की मांग उठने लगी, यूट्यूबर ने स्थिति को संभालने के लिए अपने अगले वीडियो में इस पर विस्तार से बात की। सौरव ने कहा कि उनके वीडियो को गलत संदर्भ में लिया जा रहा है और उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना या पत्नी का अपमान करना बिल्कुल नहीं था। उन्होंने सफाई पेश करते हुए कहा कि ओरियो उनके परिवार के एक छोटे बच्चे की तरह है और वह उसके बर्तनों को बेहद साफ-सुथरा रखते हैं। इसके आगे उन्होंने दर्शकों को चौंकाते हुए कहा, “जो लोग पेट लवर्स हैं, वे जानते हैं कि हम अपने डॉगी को कितना प्यार करते हैं। मैंने खुद बचपन से और कई बार ओरियो के कटोरे से खाना खाया है और पानी पिया है, इसमें कोई घिनौनी बात नहीं है।” सौरव का यह तर्क उनके आलोचकों के गले बिल्कुल नहीं उतरा और लोगों ने इसे अपनी गलती को ढंकने के लिए दिया गया एक बेतुका और स्वास्थ्य के लिहाज से खतरनाक बयान करार दिया।

हेल्थ एक्सपर्ट्स और नेटिजन्स ने उठाए स्वच्छता पर सवाल

सौरव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों ने उन पर बच्चों और युवाओं को गलत सीख देने का आरोप लगाया है। आलोचकों का कहना है कि सौरव जोशी के मुख्य दर्शक स्कूली बच्चे और किशोर हैं, जो उनकी हर आदत की नकल करने की कोशिश करते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों (वेट्स) के अनुसार, पालतू जानवरों की लार में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया, परजीवी और जूनोटिक पैथोजेन्स (जैसे साल्मोनेला और कैम्पिलोबैक्टर) मौजूद हो सकते हैं, जो इंसानों में गंभीर पेट के संक्रमण, आंतों की बीमारी और एलर्जी का कारण बन सकते हैं। पालतू जानवर से बेपनाह प्यार करना एक बात है, लेकिन उनके जूठे बर्तनों का इस्तेमाल इंसानों द्वारा किया जाना सीधे तौर पर बुनियादी हाइजीन और स्वास्थ्य विज्ञान के नियमों का उल्लंघन है। कई यूजर्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि व्यूज और टीआरपी के लालच में इतने बड़े डिजिटल क्रिएटर का ऐसी आदतों को बढ़ावा देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।

सोशल मीडिया पर दो फाड़ हुए दर्शक

इस पूरे विवाद ने इंटरनेट पर यूजर्स को दो अलग-अलग धड़ों में बांट दिया है। सौरव जोशी के कट्टर समर्थकों और कुछ पेट पेरेंट्स का तर्क है कि फैमिली व्लॉग्स में पति-पत्नी के बीच इस तरह के हल्के मजाक चलते रहते हैं और जब बर्तन धुला हुआ था तो इसे इतना बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोई जरूरत नहीं है। उनके समर्थकों का मानना है कि सौरव को बेवजह ट्रोल किया जा रहा है और उनके सीधे-सादे व्यवहार का गलत मतलब निकाला गया है। वहीं दूसरी तरफ, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम जनता के बड़े वर्ग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 25 मिलियन से अधिक लोगों तक अपनी पहुंच रखने वाले व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए। लोगों ने टिप्पणी की कि कंटेंट और प्रैंक के नाम पर परिवार के सदस्यों के आत्मसम्मान और सेहत के साथ खिलवाड़ करना अब व्लॉगिंग कल्चर की एक खराब आदत बन चुका है।

डिजिटल क्रिएटर्स की सीमाओं और प्रैंक कल्चर पर बहस

यह पहली बार नहीं है जब सौरव जोशी अपने किसी वीडियो या बयान को लेकर विवादों के घेरे में आए हों, इससे पहले भी उत्तराखंड के प्रति उनके बयानों और व्लॉगिंग प्राइवेसी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, कुत्ते के कटोरे में पानी पिलाने और उसके बाद दी गई इस सफाई ने भारतीय यूट्यूब कम्युनिटी में ‘फैमिली प्रैंक’ की नैतिकता पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। कंटेंट बनाने की अंधी दौड़ में क्या क्रिएटर्स पारिवारिक गरिमा, स्वच्छता और सामान्य समझ की सीमाएं लांघ रहे हैं? यह सवाल अब हर सोशल मीडिया मंच पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि दर्शकों की इस कड़ी नाराजगी के बाद क्या सौरव जोशी अपनी गलती को स्वीकार करते हुए एक स्पष्ट माफीनामा जारी करते हैं या फिर इस विवाद को भी अपने चैनल के रोजमर्रा के कंटेंट की तरह हवा में उड़ जाने देंगे।

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