यूपी में बेमौसम बारिश से लुढ़का पारा, गुलाबी ठंड की दस्तक के बीच आज भी बूंदाबांदी का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक आए तेज बदलाव ने पूरे सूबे की आबोहवा बदल दी है। बीते चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हुई झमाझम और रिमझिम बारिश के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। दिन के वक्त पसीना छुड़ाने वाली उमस और कड़ी धूप से जूझ रहे लोगों को इस बारिश ने बड़ी राहत दी है, लेकिन इसके साथ ही अक्टूबर के महीने में पहली बार हल्की ठिठुरन और गुलाबी ठंड का अहसास भी करा दिया है। सुबह और देर शाम के समय चल रही ठंडी हवाओं के चलते लोगों ने पंखों और एयर कंडीशनर की रफ्तार धीमी कर दी है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को हल्की गर्म चादर और जैकेट का सहारा लेना पड़ रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता और नम हवाओं के आपसी टकराव के कारण वातावरण में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों सामान्य से कई डिग्री नीचे आ गए हैं।

पश्चिमी यूपी से लेकर अवध तक मौसम का मिजाज बदला, ठंडी हवाओं से बढ़ी सिहरन

मौसम के बदले मिजाज का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र के जिलों में देखने को मिला है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा और मथुरा समेत आसपास के जनपदों में काले घने बादलों के साथ तेज हवाएं चलीं और कई चरणों में बारिश रिकॉर्ड की गई। मेरठ और आगरा में दोपहर के समय अचानक अंधेरा छा गया और झमाझम बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। इसके बाद चली सर्द हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी। वहीं, राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, अयोध्या और बाराबंकी में भी रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही से अधिकतम पारे में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। दिन के समय जो तापमान 34 से 35 डिग्री के पार जा रहा था, वह अब गिरकर 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ टिका है। पूर्वांचल के वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर और गोरखपुर में भी आसमान में बादलों का डेरा बना हुआ है, जिससे उमस भरी चिपचिपाहट से पूरी तरह निजात मिल चुकी है।

आज भी कई जिलों में बूंदाबांदी और बादलों का डेरा, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक, प्रदेश में बारिश और बादलों का यह सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों ने आज भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों और मध्य यूपी के कई जनपदों में छिटपुट गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के असर से वायुमंडल में अभी पर्याप्त नमी मौजूद है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका भी बनी हुई है। हालांकि, दोपहर बाद पश्चिमी जिलों से बादलों का असर धीरे-धीरे कम होने और हल्की धूप खिलने के आसार हैं, लेकिन रात के तापमान में गिरावट का दौर लगातार जारी रहेगा।

किसानों के चेहरे पर खिली उम्मीद तो मंडियों में खुले धान को लेकर बढ़ी चिंता

इस बेमौसम बारिश का दोहरा असर उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां आलू, सरसों और दलहनी फसलों की अगेती बुवाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह नमी वरदान साबित हो रही है। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से जुताई और बीज अंकुरण में आसानी होगी, जिससे किसानों को निजी सिंचाई के खर्च से बड़ी राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर, धान की कटाई कर रहे और अपनी कटी हुई फसल को कृषि उपज मंडियों में लेकर पहुंचे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं। प्रदेश की कई अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीगने की खबरें आई हैं। यदि आने वाले घंटों में तेज बारिश होती है, तो तैयार खड़ी धान की पकी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी निकासी का समुचित प्रबंध रखें और कटी हुई उपज को सुरक्षित तिरपाल से ढक कर रखें।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम, कब से सताएगी कड़ाके की ठंड?

मौसम विभाग के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, 17 और 18 अक्टूबर के बाद प्रदेश भर में बारिश की गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी और आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। लेकिन आसमान साफ होने के बावजूद तापमान में दोबारा भारी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। जैसे ही उत्तर-पश्चिमी शुष्क और बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में प्रवेश करेंगी, रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जाएगी। सुबह के समय हल्की धुंध और कोहरे की चादर भी दिखाई देने लगेगी। मौसम विज्ञानियों का आकलन है कि दिवाली के आसपास प्रदेश में सर्दी की नियमित शुरुआत हो जाएगी और नवंबर के पहले पखवाड़े से लोगों को रात के साथ-साथ सुबह भी गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी। डॉक्टरों ने भी मौसम के इस उतार-चढ़ाव को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों को सर्दी-जुकाम और मौसमी फ्लू से सतर्क रहने की सलाह दी है।

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