क्या है MOAB? ट्रंप क्यों गिराना चाहते हैं ईरान पर सबसे घातक गैर-परमाणु बम, जानिए ISIS कनेक्शन

अमेरिकी शस्त्रागार में परमाणु हथियारों के बाद सबसे विनाशकारी और भारी-भरकम पारंपरिक हथियार GBU-43/B Massive Ordnance Air Blast है, जिसे आम बोलचाल में ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ (MOAB) कहा जाता है। यह अमेरिकी सेना का सबसे बड़ा गैर-परमाणु बम है। इसका कुल वजन करीब 21,600 पाउंड (लगभग 9,800 किलोग्राम या 9.8 टन) है, जिसमें 18,700 पाउंड बेहद शक्तिशाली ‘H-6’ विस्फोटक भरा होता है। यह विस्फोटक सामान्य टीएनटी (TNT) की तुलना में सवा गुना से भी ज्यादा विध्वंसक असर पैदा करता है। इसकी मारक क्षमता इतनी अधिक है कि इसके विस्फोट की तीव्रता को छोटे सामरिक परमाणु हथियारों (टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स) के समतुल्य आंका जाता है।

यह काम कैसे करता है और कितना खौफनाक है इसका असर?

आम बंकर बस्टर बमों के विपरीत, जो जमीन के भीतर गहराई तक धंसने के बाद फटते हैं, MOAB एक ‘एयर-ब्लास्ट’ (Air Blast) हथियार है।

  • हवा में विस्फोट: यह जमीन से टकराने से ठीक पहले हवा में ही फटता है।

  • शॉकवेव और ऑक्सीजन सोखना: इसके धमाके से एक विशाल आग का गोला और अत्यंत तीव्र सुपरसोनिक शॉकवेव निकलती है, जो लगभग 1 से 1.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाली हर सतही संरचना, सैन्य उपकरणों और बंकरों के ऊपरी ढांचे को राख में बदल देती है।

  • नौ ब्लॉकों में तबाही: यह एक साथ शहर के लगभग 9 बड़े ब्लॉकों के बराबर इलाके को पूरी तरह समतल करने की क्षमता रखता है। यह धमाके के आसपास के पूरे वायुमंडल से ऑक्सीजन खींच लेता है, जिससे भूमिगत सुरंगों में छिपे लड़ाकों के फेफड़े फट जाते हैं।

MOAB का ISIS कनेक्शन: 2017 में ट्रंप ने ही दिया था आदेश

MOAB का इतिहास में केवल एक बार वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल हुआ है, और वह आदेश खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में दिया था।

  • 13 अप्रैल 2017 का हमला: अमेरिकी वायुसेना के MC-130 विमान से अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के अचिन जिले में आतंकी संगठन ISIS-K (इस्लामिक स्टेट – खुरासान) के एक विशालकाय गुफा और सुरंग नेटवर्क पर MOAB गिराया गया था।

  • आतंकियों का सफाया: इस ऐतिहासिक हमले में अमेरिकी सेना ने ISIS के उस पूरे भूमिगत ठिकाने को मलबे में तब्दील कर दिया था, जिसमें 36 से अधिक खूंखार आतंकी मारे गए थे और उनके हथियार डिपो तबाह हो गए थे। इस हमले के बाद ही पूरी दुनिया में इस बम का खौफ फैल गया था।

ईरान पर इसे गिराने की चर्चा क्यों, क्या है ट्रंप की रणनीति?

मध्य पूर्व में गहराते तनाव और सैन्य टकराव के बीच पेंटागन और व्हाइट हाउस स्तर पर ईरान के रणनीतिक सैन्य व ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए MOAB के विकल्प पर विचार किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

  • मनोवैज्ञानिक दबाव और निर्णायक प्रहार: अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों का मानना है कि MOAB जैसा विशाल धमाका तेहरान पर भारी मनोवैज्ञानिक दबाव बना सकता है और जंग के रुख को एक झटके में बदल सकता है।

  • परमाणु हथियार न इस्तेमाल करने का विकल्प: ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं करेंगे, ऐसे में पारंपरिक हथियारों की श्रेणी में MOAB ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जो बिना परमाणु विकिरण के भारी तबाही का संदेश दे सकता है।

क्या ईरान के भूमिगत परमाणु बंकरों को तबाह कर पाएगा MOAB?

रक्षा विशेषज्ञों और सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि MOAB की अपनी सीमाएं हैं। ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु केंद्र, जैसे नतांज के पास स्थित ‘पिकैक्स माउंटेन’ (कुह-ए-कलंग गज़ ला), ग्रेनाइट की पहाड़ियों में सैकड़ों फीट गहराई में बने हुए हैं।

  • चूंकि MOAB सतह के ऊपर ब्लास्ट करता है, इसलिए यह पहाड़ों के नीचे बहुत गहरे बंकरों को पूरी तरह नष्ट नहीं कर सकता।

  • भूमिगत बंकरों को भेदने के लिए अमेरिका के पास 30,000 पाउंड वजनी GBU-57 MOP (Massive Ordnance Penetrator) बंकर बस्टर मौजूद है।

  • हालांकि, अगर ईरान के सतही मिसाइल लॉन्च पैड्स, ड्रोन बेस, रिफाइनरियों या सैन्य कमान केंद्रों को समतल करना हो, तो MOAB से अधिक घातक पारंपरिक हथियार दुनिया में दूसरा कोई नहीं है।

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