
प्रसिद्ध पॉप गायक दलेर मेहंदी के साथ एक सार्वजनिक सांस्कृतिक उत्सव के दौरान हुए विवाद ने अब राजनीतिक और सांस्कृतिक गलियारों में बड़ा तूल पकड़ लिया है। मंच पर प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी को कथित तौर पर ‘नशे की हालत में’ बताकर फटकार लगाने और उन्हें बीच में ही परफॉर्मेंस रोकने के लिए मजबूर करने वाले राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री अपने रुख पर पूरी तरह अडिग हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बावजूद मंत्री ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी बात पर कायम हैं और किसी भी सूरत में सार्वजनिक मंच पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। मंत्री ने कहा कि वे किसी से कोई माफी नहीं मांगेंगे क्योंकि उनका मकसद आयोजन की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखना था।
‘कलाकार हो तो कायदे में रहो’: मंत्री ने दोहराया अपना कड़ा रुख
प्रेस से बातचीत के दौरान मंत्री ने अपने आचरण का बचाव करते हुए कहा कि एक कलाकार को मंच और सामने बैठे परिवारों की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि गायक का व्यवहार मंच पर असामान्य था और वे तय प्रोटोकॉल की अनदेखी कर रहे थे। मंत्री के अनुसार, जब स्थिति हाथ से बाहर जाती दिखी, तभी उन्होंने आयोजकों और अधिकारियों को हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया था। उन्होंने दो टूक कहा कि कोई कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो, वह कानून और सार्वजनिक मर्यादा से ऊपर नहीं हो सकता।
बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री में आक्रोश: मीका सिंह और शान ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद बॉलीवुड और भारतीय संगीत जगत एकजुट होकर दलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आया है। दलेर मेहंदी के छोटे भाई और मशहूर सिंगर मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर तीखा पोस्ट लिखते हुए इसे सत्ता के अहंकार का खुला प्रदर्शन करार दिया। मीका ने लिखा, “दलेर पाजी ने पूरी दुनिया में भारतीय संगीत का परचम लहराया है। वे अपनी शुद्ध ऊर्जा और सूफी अंदाज के लिए जाने जाते हैं। जो लोग कला और ऊर्जावान परफॉर्मेंस की समझ नहीं रखते, वे कुर्सी के घमंड में कलाकारों का अपमान करने से नहीं चूकते। यह बर्ताव बिल्कुल अस्वीकार्य है।” वहीं पार्श्वगायक शान, विशाल ददलानी और सुनिधि चौहान जैसे दिग्गजों ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि अगर नेताओं को कलाकारों की कद्र नहीं है तो उन्हें ऐसे आयोजनों में बुलाया ही नहीं जाना चाहिए।
दलेर मेहंदी की टीम का बयान: ‘आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण’
दलेर मेहंदी के आधिकारिक प्रबंधन दल ने मंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश करार दिया है। टीम ने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी पूरी तरह शाकाहारी और सात्विक जीवनशैली का पालन करते हैं और उन्होंने कभी मंच पर किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन नहीं किया। वे अपने ट्रेडमार्क ‘तुनक तुनक तुन’ और ‘बोलो ता रा रा’ की स्वाभाविक मस्ती और ऊर्जा के साथ परफॉर्म कर रहे थे, जिसे गलत तरीके से पेश किया गया। टीम ने कहा कि बिना किसी मेडिकल जांच या सबूत के ऐसे अपमानजनक आरोप लगाना मानहानि के दायरे में आता है, जिसके खिलाफ वे कानूनी कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर बंटे यूजर्स: कला का सम्मान बनाम आयोजन की मर्यादा
इस विवाद को लेकर इंटरनेट पर भी तीखी बहस छिड़ गई है। एक बड़ा वर्ग कलाकारों की गरिमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में खड़ा है और मंत्री के इस कदम को वीआईपी कल्चर का घिनौना रूप बता रहा है। वहीं, कुछ स्थानीय लोग और मंत्री समर्थक यह दलील दे रहे हैं कि सरकारी और पारिवारिक आयोजनों में कलाकारों को निर्धारित समय सीमा और स्थानीय आचार संहिता का ध्यान रखना चाहिए। फिलहाल दोनों पक्षों के कड़े रुख के चलते यह मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है।
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