
आंध्र प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार वाईएसआर परिवार का अंदरूनी विवाद अब पूरी तरह सार्वजनिक हो चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी छोटी बहन व आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) की अध्यक्ष वाईएस शर्मिला के बीच संपत्ति और सियासी विरासत को लेकर चल रही खींचतान ने अब बेहद कड़वा मोड़ ले लिया है। विजयवाड़ा में मीडिया से बात करते हुए शर्मिला ने अपने बड़े भाई जगन पर बेहद गंभीर और भावनात्मक आरोप लगाए हैं। शर्मिला ने खुलासा किया कि जगन मोहन रेड्डी ने उनकी बेटी (अपनी सगी भांजी) की शादी के आयोजनों के लिए पारिवारिक पैतृक संपत्ति देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि शादी के निमंत्रण पत्र तक बांटे जा चुके थे।
‘निमंत्रण पत्र बंट चुके थे, ऐन वक्त पर जगह देने से मुकरे जगन’
शर्मिला ने प्रेस वार्ता में नम आंखों से अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि एक मामा और परिवार के सबसे बड़े सदस्य के तौर पर जगन का यह व्यवहार अमानवीय और पीड़ादायक है। शर्मिला ने कहा, “मेरी बेटी की शादी का कार्यक्रम हमारे पैतृक स्थान पर आयोजित होना तय हुआ था। रिश्तेदारों और गणमान्य अतिथियों को निमंत्रण पत्र तक भेजे जा चुके थे, जिन पर आयोजन स्थल का पूरा विवरण दर्ज था। लेकिन ऐन मौके पर जगन अन्ना ने अपनी ही भांजी के लिए उस जगह के दरवाजे बंद करवा दिए और परिसर के उपयोग की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हमें अंतिम समय में भारी अपमान और अफरातफरी के बीच दूसरा वेन्यू तलाशना पड़ा।”
संपत्ति और विरासत को लेकर NCLT तक पहुंचा विवाद
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों भाई-बहनों के बीच का संपत्ति विवाद राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की दहलीज पर पहुंच चुका है। जगन मोहन रेड्डी ने हाल ही में हैदराबाद स्थित एनसीएलटी में याचिका दायर कर ‘सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड’ में अपनी मां वाईएस विजयम्मा और बहन शर्मिला के नाम शेयर ट्रांसफर किए जाने को चुनौती दी है।
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जगन का पक्ष: जगन का दावा है कि उन्होंने केवल स्नेह और पारिवारिक समझौते (MoU) के तहत अपनी व्यक्तिगत अर्जित संपत्तियों में हिस्सा देने की बात कही थी, लेकिन शर्मिला के राजनीतिक रूप से विरोधी खेमे (कांग्रेस) में जाने और सार्वजनिक हमले करने के बाद वे समझौते की शर्तों से बंधे नहीं हैं।
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शर्मिला का पलटवार: वहीं शर्मिला का स्पष्ट कहना है कि यह संपत्ति जगन की अपनी कमाई हुई नहीं है, बल्कि उनके दिवंगत पिता वाईएस राजशेखर रेड्डी (YSR) की पैतृक विरासत है, जिस पर सभी चारों पोते-पोतियों और वारिसों का समान अधिकार है।
‘अन्ना ने मां को भी अदालत में घसीट लिया’: शर्मिला का तीखा प्रहार
शर्मिला ने भावुक होते हुए कहा कि संपत्ति के लालच और राजनीतिक अहंकार ने जगन को इतना अंधा कर दिया है कि उन्होंने अपनी जन्मदात्री मां वाईएस विजयम्मा को भी कानूनी पचड़ों और अदालत में घसीटने से गुरेज नहीं किया। उन्होंने कहा कि जिस मां ने बेटे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिन-रात धूप में प्रचार किया और परिवार को एकजुट रखा, आज उसी मां पर कंपनी के शेयर चुराने जैसे अपमानजनक आरोप लगाए जा रहे हैं।
आंध्र की सियासत में हलचल तेज
वाईएस परिवार के इस खुले पारिवारिक संग्राम ने आंध्र प्रदेश के राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। सत्ताधारी तेलगू देशम पार्टी (TDP) और जनसेना इसे जगन मोहन रेड्डी के ‘अहंकार और संवेदनहीनता’ का सबूत बता रही हैं, वहीं वाईएसआरसीपी के नेता इसे पारिवारिक आंतरिक विवाद बताकर कांग्रेस पर चंद्रबाबू नायडू के इशारे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पत्रों और कानूनी नोटिसों के आदान-प्रदान के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि यह जंग सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित न रहकर कानूनी मोर्चे पर भी लंबी खिंचेगी।
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