यूपी के 4 जिलों में यूनिवर्सिटी, डिग्री व मेडिकल कॉलेजों की छुट्टी घोषित, प्रशासन का सख्त आदेश जारी

उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख जिलों में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी व निजी विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण महाविद्यालयों (डिग्री कॉलेजों) और मेडिकल कॉलेजों को आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है। स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था, भारी भीड़ नियंत्रण और संभावित आपातकालीन परिस्थितियों के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के बाद अब उच्च शिक्षण संस्थानों पर भी यह आदेश सख्ती से लागू कर दिया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इन चार जिलों में पूरी तरह ठप रहेंगी शैक्षणिक गतिविधियां

संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों (DM) द्वारा जारी संयुक्त दिशा-निर्देशों के तहत राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या (या प्रभावित जिलों) में संचालित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों पर यह आदेश तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गया है। इसके अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी डिग्री कॉलेज, ऑटोनॉमस इंस्टीट्यूट्स, पॉलिटेक्निक और मेडिकल कॉलेजों के क्लासरूम लेक्चर्स स्थगित रहेंगे। हालांकि, मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की नियमित कक्षाएं स्थगित रहेंगी, लेकिन अस्पतालों में संचालित होने वाली इमरजेंसी और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं (OPD/Emergency Services) रोस्टर प्रणाली के तहत सामान्य रूप से सुचारू रहेंगी।

प्रशासनिक आदेश के पीछे क्या है मुख्य वजह?

जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट अथवा मौसमी आपदा अलर्ट के चलते जनपदों में यातायात और कानून-व्यवस्था का दबाव काफी अधिक है। ऐसे में शहर के प्रमुख मार्गों पर छात्रों और आम जनता को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए शिक्षण संस्थानों को भौतिक रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उच्च शिक्षण संस्थान छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर सकते हैं।

आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर होगी सख्त कार्रवाई

उच्च शिक्षा विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन ने सभी कुलपतियों, कुलसचिवों और प्राचार्यों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस सरकारी आदेश का अक्षरशः पालन किया जाए। जो भी निजी या वित्तविहीन महाविद्यालय आदेश का उल्लंघन कर विद्यार्थियों को परिसर में बुलाएंगे, उनके खिलाफ महामारी प्रबंधन अधिनियम और आपदा प्रबंधन नियमावली की सुसंगत धाराओं में दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपने संबंधित कॉलेज के आधिकारिक नोटिस बोर्ड व जिला प्रशासन के आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Check Also

अखिलेश-आजम की जेल मुलाकात पर BJP का तीखा पलटवार: तावड़े ने PDA को बताया ‘दंगा और अराजकता’, डिप्टी सीएम पाठक ने भी घेरा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा रामपुर जिला कारागार में वरिष्ठ नेता आजम …