मैनपुरी में यूपी पुलिस के हेड कांस्टेबल की संदिग्ध मौत: मथुरा पुलिस लाइन में तैनात अमित चौहान मंदिर के पास मिले थे अचेत

उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। मथुरा पुलिस लाइन में मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) के पद पर सेवारत अमित कुमार चौहान की उनके गृह जनपद मैनपुरी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। विभाग से विधिवत अवकाश स्वीकृत कराकर अपने पैतृक गांव आए पुलिसकर्मी मंगलवार शाम किसी परिचित से मिलने की बात कहकर घर से निकले थे, जिसके कुछ ही घंटों बाद वे शहर के एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल के पास मरणासन्न हालत में पड़े पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस महकमे के साथ-साथ उनके पैतृक गांव में गहरा शोक छा गया।

अमित कुमार चौहान वर्तमान में मथुरा जनपद की पुलिस लाइन में अपनी सेवाएं दे रहे थे और एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। विभागीय काम के दबाव से कुछ दिन की राहत पाकर वे परिजनों के साथ वक्त बिताने अपने घर आए हुए थे। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके अचानक इस तरह बेसुध हालत में मिलने और फिर अस्पताल में दम तोड़ने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली है और स्थानीय पुलिस को इस मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

मृतक हेड कांस्टेबल की पहचान 44 वर्षीय अमित कुमार चौहान के रूप में हुई है, जो मैनपुरी जनपद के थाना बिछवां क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव जिरौली के मूल निवासी थे। उनके पिता चक्रपाल सिंह ने रुंधे गले से बताया कि अमित परिवार के सबसे बड़े आधार और उम्मीदों के केंद्र थे। वे अपने परिवार में दो बहनों के बीच इकलौते भाई थे, जिसके चलते पूरा परिवार उन पर अत्यधिक स्नेह और भरोसा रखता था। उत्तर प्रदेश पुलिस बल में मुख्य आरक्षी के पद पर रहते हुए उन्होंने हमेशा अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया था।

अमित कुछ दिनों की आधिकारिक छुट्टी लेकर अपने गांव जिरौली आए हुए थे। मंगलवार दोपहर तक घर का माहौल बिल्कुल सामान्य और खुशहाल था। शाम होते-होते अमित ने परिवार के सदस्यों से कहा कि वे किसी जरूरी काम के सिलसिले में एक परिचित से मिलने के लिए मैनपुरी शहर जा रहे हैं और कुछ देर में लौट आएंगे। परिजनों को इस बात का जरा भी अंदेशा नहीं था कि घर की दहलीज लांघते हुए वे अपने इकलौते बेटे को आखिरी बार हंसते-बोलते देख रहे हैं। शाम के बाद जैसे ही रात घिरने लगी, परिवार उनके लौटने का इंतजार करने लगा, लेकिन कुछ ही देर में उनके पास जिला अस्पताल से फोन आ गया जिसने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।

घटनाक्रम के अनुसार, मंगलवार रात करीब आठ बजे मैनपुरी शहर के प्रसिद्ध और भीड़भाड़ वाले शीतला देवी मंदिर के समीप कुछ राहगीरों ने एक व्यक्ति को अचेत और मरणासन्न अवस्था में सड़क किनारे पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि उनकी सांसें बेहद धीमी चल रही थीं और वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं थे। उस समय मौके पर मौजूद सजग स्थानीय नागरिकों ने बिना कोई देर किए तुरंत 112 डायल कर स्थानीय पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस की मदद से अचेत पड़े मुख्य आरक्षी को तत्काल मैनपुरी के जिला अस्पताल पहुंचाया।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत अमित कुमार चौहान को प्राथमिक उपचार देना शुरू किया। इसी बीच सूचना मिलते ही उनके पिता चक्रपाल सिंह और अन्य नजदीकी परिजन बदहवास हालत में जिला अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए आवश्यक दवाएं और ऑक्सीजन सपोर्ट दिया, लेकिन उनकी शारीरिक स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा था। उनकी लगातार बिगड़ती और नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक स्तर पर हाथ खड़े कर दिए और परिजनों को बेहतर व उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें तुरंत उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान संस्थान (UPUMS) सैफई ले जाने की सलाह दी।

जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सलाह पर परिजन बिना एक पल गंवाए गंभीर हालत में अमित को लेकर तत्काल आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई पहुंचे। सैफई के इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी नब्ज टटोली और कई गहन नैदानिक परीक्षण किए। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत अमित कुमार चौहान को आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा मृत्यु की पुष्टि करते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों में कोहराम मच गया और पिता चक्रपाल सिंह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े।

अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सैफई थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को कब्जे में लेकर संस्थान के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बुधवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। मैनपुरी पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि मंगलवार शाम को अमित गांव से निकलने के बाद शहर में किससे मिलने गए थे, उनके साथ उस दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और वे मंदिर के पास किन परिस्थितियों में पहुंचे। पुलिस उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) और मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी है ताकि मौत के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।

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