नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ से ठीक पहले भारत की हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए रूस ने बड़ी खेप भेजी है। दुनिया के सबसे मारक मिसाइल डिफेंस सिस्टम माने जाने वाले S-400 की चौथी यूनिट रूस से भारत के लिए रवाना हो चुकी है। यह सिस्टम मई के मध्य तक भारत पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने भारतीय आसमान की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए 5 और नए S-400 सिस्टम और भारी मात्रा में मिसाइलों की खरीद पर मुहर लगा दी है।
राजस्थान बॉर्डर पर होगी तैनाती, पाकिस्तान में दहशत
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने रूस में इस चौथे सिस्टम का निरीक्षण पूरा कर लिया है। इसे राजस्थान सेक्टर में तैनात किए जाने की योजना है। इस तैनाती के बाद पाकिस्तान के साथ लगी सीमा पर भारत का रक्षा कवच इतना मजबूत हो जाएगा कि दुश्मन का कोई भी विमान या मिसाइल भारतीय सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं कर पाएगा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखा S-400 का असली दम
पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में S-400 ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया था।
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सटीक निशाना: भारत ने ऑपरेशन के दौरान 11 लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं, जिन्होंने दुश्मन के लड़ाकू विमानों और AWACS (हवाई चेतावनी प्रणाली) को हवा में ही ध्वस्त कर दिया।
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क्वेटा-पेशावर भागे पाकिस्तानी विमान: S-400 के डर से पाकिस्तान को अपने लड़ाकू विमान भारतीय सीमा के पास से हटाकर दूर स्थित क्वेटा और पेशावर एयरबेस पर भेजने पड़े थे। सिंधु नदी के पूर्व में पाकिस्तान का कोई भी विमान S-400 की रेंज से बाहर नहीं था।
मोदी सरकार का बड़ा फैसला: 280 मिसाइलें और 5 नए सिस्टम
भारत ने केवल मौजूदा कमी को ही पूरा नहीं किया है, बल्कि भविष्य की तैयारियों के लिए ‘मेगा डील’ को हरी झंडी दे दी है:
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नया ऑर्डर: भारत 5 और नए S-400 सिस्टम खरीदेगा, जिनकी मारक क्षमता 400 किमी तक है।
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मिसाइलों का स्टॉक: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इस्तेमाल हुई मिसाइलों की भरपाई के लिए 280 नई छोटी और लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदी जाएंगी।
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चीन सीमा पर नजर: पांचवां S-400 सिस्टम इस साल नवंबर तक भारत आएगा, जिसे चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के ‘मिडल सेक्टर’ में तैनात किया जाएगा।
‘पैंटसिर’ बनेगा S-400 का बॉडीगार्ड
महंगे और आधुनिक S-400 सिस्टम को दुश्मन के आत्मघाती ड्रोन और छोटी मिसाइलों से बचाने के लिए भारत अब ‘पैंटसिर’ (Pantsir) एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीद रहा है।
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G2G डील: रूस के साथ सरकार-से-सरकार सौदे के तहत 12 पैंटसिर सिस्टम खरीदे जाएंगे।
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मेक इन इंडिया: ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत 40 पैंटसिर सिस्टम का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इसके साथ ही S-400 के रखरखाव (MRO) के लिए भारत में ही प्राइवेट सेक्टर की मदद से सेंटर बनाया जाएगा।
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