असम पुलिस के सामने पेश हुए पवन खेड़ा: सीएम हिमंत की पत्नी से जुड़े दावों पर क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ, बोले- ‘कानून का सम्मान करता हूं’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा बुधवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के समक्ष पेश हुए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी सरमा भुइयां द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि और धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए उन्हें तलब किया गया था। गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचने पर खेड़ा ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की और जांच में सहयोग करने की बात दोहराई।

क्या है पूरा विवाद? चुनावी रैलियों में किए थे दावे

यह पूरा मामला 2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से शुरू हुआ। पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनावी सभाओं में दावा किया था कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास विदेशों में बेनामी संपत्तियां हैं और उनके पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं। इन दावों के समर्थन में खेड़ा ने कुछ दस्तावेज भी पेश किए थे। रिंकी सरमा भुइयां ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने और फर्जी दस्तावेज के जरिए धोखाधड़ी करने का प्रयास बताया और गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज कराई।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद पहुंचे गुवाहाटी

पवन खेड़ा के लिए असम पुलिस के सामने पेश होने तक का सफर कानूनी दांव-पेंचों से भरा रहा:

  • दबिश और तलाश: असम पुलिस ने खेड़ा की गिरफ्तारी के लिए उनके दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की थी, लेकिन वह नहीं मिले।

  • अदालती चक्कर: खेड़ा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट और फिर गुवाहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन दोनों ही जगहों से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई।

  • शीर्ष अदालत का दखल: अंततः सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि यह मामला “राजनीतिक अदावत” से प्रेरित लगता है और खेड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। इसी राहत के चलते आज वह बिना गिरफ्तारी के डर के पुलिस के सामने पेश हो सके।

‘जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं’

क्राइम ब्रांच के दफ्तर में प्रवेश करने से पहले पवन खेड़ा ने पत्रकारों से कहा, “मुझे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है और कानून का पालन करने वाले नागरिक के तौर पर मैं यहां आया हूं। हम न्यायपालिका और कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। मैं जांच में पूरा सहयोग कर रहा हूं और पूछताछ खत्म होने के बाद विस्तार से बात करूंगा।”

हिमंत बनाम खेड़ा: राजनीतिक रंग ले चुका है मामला

इस केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में भी मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयानों का जिक्र हुआ था। अदालत ने माना था कि जिस तरह से दोनों ओर से बयानबाजी हो रही है, उससे साफ है कि यह मुद्दा कानूनी से ज्यादा राजनीतिक है। वहीं, हिमंत बिस्वा सरमा ने खेड़ा को राहत मिलने पर पलटवार करते हुए कहा था कि कानून अपनी जगह काम करेगा और गलत दावों के परिणाम भुगतने होंगे।

फिलहाल, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पवन खेड़ा से उन दस्तावेजों के स्रोत के बारे में पूछताछ कर रही है, जिन्हें उन्होंने चुनाव के दौरान सार्वजनिक किया था।

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