देश के रेल नेटवर्क को दहलाने की बड़ी साजिश? हावड़ा से राजस्थान तक ट्रेनों में लगी आग पर रेलवे का खौफनाक खुलासा

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में हाल के दिनों में ट्रेनों में अचानक आग लगने की सिलसिलेवार घटनाओं को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा किया है। रेलवे ने बुधवार, 20 मई 2026 को साफ किया कि इन हादसों को महज कोई तकनीकी खराबी या इत्तेफाक नहीं माना जा सकता, बल्कि इसके पीछे किसी गहरी और सुनियोजित ‘साजिश’ की आशंका है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, अब तक की शुरुआती जांच के जो नतीजे सामने आए हैं, वे सीधे तौर पर ‘असामाजिक तत्वों’ की संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे हैं। इस गंभीर खुलासे के बाद देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया है।

सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं ये 4 संदिग्ध मामले

रेलवे प्रशासन ने विशेष रूप से चार ऐसी घटनाओं की सूची तैयार की है, जिन्होंने सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ा दी है। इन मामलों में राजस्थान के अमरपुरा और कोटा, बिहार के सासाराम तथा पश्चिम बंगाल के हावड़ा की घटनाएं शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि इन सभी वारदातों के पैटर्न को ‘बेहद गंभीरता’ से परखा जा रहा है। अमरपुरा में जहां ट्रेन के भीतर यात्रियों को मिलने वाले बेडरोल (कंबल-चादर) में आग लगाने का प्रयास किया गया, वहीं हावड़ा में ट्रेन के कोच के बाथरूम से पेट्रोल से सना हुआ एक कपड़ा बरामद हुआ है। पेट्रोल से सने कपड़े का मिलना इस बात का पुख्ता सबूत है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं था।

कोटा और सासाराम में भी दिखी उपद्रवियों की खौफनाक मंशा

साजिश की कड़ियां यहीं नहीं रुकतीं; कोटा में वीआईपी मानी जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से अचानक आग की लपटें उठती देखी गईं। दूसरी ओर, बिहार के सासाराम स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 पर खड़ी सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक खाली डिब्बे में किसी अज्ञात उपद्रवी ने जलती हुई वस्तु फेंक दी। हालांकि, सासाराम की घटना के शुरुआती दौर में कयास लगाए जा रहे थे कि यह शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ होगा, लेकिन अब इसमें भी जानबूझकर की गई तोड़फोड़ और आगजनी (Sabotage) का एंगल सामने आ रहा है।

रतलाम में धू-धू कर जली थी राजधानी एक्सप्रेस, बाल-बाल बचे थे 68 यात्री

रेलवे का यह सख्त बयान मध्य प्रदेश के रतलाम मंडल में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में लगी भीषण आग के कुछ दिनों बाद आया है। यह भयावह हादसा विक्रमगढ़ आलोट और लूनी ऋचा स्टेशनों के बीच सुबह करीब 5:15 बजे हुआ था, जब ट्रेन के बी-1 (B-1) कोच में अचानक भयंकर आग लग गई। उस वक्त कोच के अंदर 68 यात्री गहरी नींद में सो रहे थे। गनीमत यह रही कि मुस्तैदी के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और कोई हताहत नहीं हुआ।

आग का तांडव इतना खौफनाक था कि जब प्रभावित डिब्बे को ट्रेन से अलग किया गया, तब तक आसमान में काले धुएं का गुबार छा चुका था और लपटें ट्रैक किनारे लगे पेड़ों तक पहुंच गई थीं। इस बड़ी घटना के कारण उस पूरे रूट का रेल ट्रैफिक बुरी तरह चरमरा गया था, जिससे वंदे भारत सहित कम से कम 18 ट्रेनों के शेड्यूल पर बुरा असर पड़ा था।

RPF की स्पेशल टीमें कर रही हैं हर एंगल से विस्तृत जांच

एक के बाद एक सामने आ रही इन संदेहास्पद घटनाओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। इस पूरे मामले की तह तक जाने और साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरपीएफ की स्पेशल टीमें हर एक घटना स्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि देश की जीवनरेखा कहे जाने वाले रेल नेटवर्क को नुकसान पहुंचाने के पीछे किन देशविरोधी ताकतों का हाथ है।

यात्रियों के लिए रेलवे का सख्त अलर्ट: संदिग्ध दिखे तो तुरंत करें यह काम

ट्रेनों को निशाना बनाए जाने की इन घटनाओं के मद्देनजर रेलवे ने आम जनता और यात्रियों से भी अतिरिक्त सतर्क रहने की पुरजोर अपील की है। रेलवे द्वारा जारी नई सुरक्षा एडवाइजरी में कहा गया है, “सभी यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा के दौरान पूरी तरह अलर्ट रहें। अगर आपको ट्रेन के अंदर, टॉयलेट के पास या रेलवे स्टेशन पर कोई भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो बिना एक पल गंवाए तुरंत रेलवे के सेंट्रलाइज्ड हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें और प्रशासन को सूचित करें।”

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