तमिलनाडु में थलपति विजय की सरकार पर मंडराया संकट? वामपंथियों की धमकी के बाद TVK का बड़ा धमाका

तमिलनाडु की सियासत में इन दिनों हर पल एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। सूबे के नए मुख्यमंत्री थलपति विजय के लिए सत्ता का ताज कांटों भरा ताज साबित हो रहा है। पहले जैसे-तैसे बहुमत का आंकड़ा जुटाकर सरकार बनाने वाले विजय के सामने अब अपने कुनबे को एकजुट रखने की सबसे बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। इस बार विवाद की वजह बना है आगामी कैबिनेट विस्तार, जिसने सरकार के सहयोगी दलों के बीच रार पैदा कर दी है।

दरअसल, सरकार में शामिल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कड़े तेवर अपना लिए हैं। वामपंथियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बागी गुट के विधायकों को कैबिनेट में जगह दी गई, तो वे सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे। इस हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामे और वामपंथियों की खुली धमकी के बाद अब विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) का आधिकारिक बयान सामने आ गया है।

खेल मंत्री आधव अर्जुना ने तोड़ी चुप्पी, अफवाहों पर लगाया विराम

कैबिनेट विस्तार को लेकर मचे घमासान के बीच TVK के वरिष्ठ नेता और सूबे के खेल व पीडब्ल्यूडी मंत्री आधव अर्जुना ने मोर्चा संभाला। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उन तमाम कयासों और चर्चाओं को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार AIADMK के बागी विधायकों को मंत्री पद से नवाजने जा रही है।

आधव अर्जुना ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा कि सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले बागी विधायकों ने किसी लालच में आकर सरकार का साथ नहीं दिया है। इन विधायकों ने सूबे में लोकतंत्र की रक्षा करने और ईपीएस (एडप्पादी के. पलानीस्वामी) की गलत नीतियों के विरोध में थलपति विजय की सरकार को अपना समर्थन दिया था, न कि सत्ता की मलाई या मंत्री पद हासिल करने के लिए।

सहयोगियों को खुला न्योता, कांग्रेस की जल्द होगी एंट्री

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री आधव अर्जुना ने गठबंधन के सहयोगियों को लेकर एक बड़ा बयान भी दिया। उन्होंने CPI, CPM, थोल थिरुमावलवन की पार्टी वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) को सीधे तौर पर सरकार (कैबिनेट) में शामिल होने का खुला आमंत्रण दिया।

अर्जुना ने मुख्यमंत्री की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि अपने सभी सहयोगी दलों को कैबिनेट में शामिल कर सत्ता साझा करना थलपति विजय का सपना और दिली इच्छा है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात की भी पुष्टि की कि गठबंधन की सबसे बड़ी साझेदार कांग्रेस पार्टी बहुत जल्द होने वाले कैबिनेट विस्तार के तहत सरकार का हिस्सा बनने जा रही है।

फ्लोर टेस्ट के बाद शुरू हुआ था असली सियासी ड्रामा

इस पूरे विवाद की जड़ें पिछले हफ्ते हुए फ्लोर टेस्ट से जुड़ी हुई हैं। तमिलनाडु में थलपति विजय ने कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई, सीपीएम और मुस्लिम लीग के साथ मिलकर एक मजबूत गठबंधन सरकार बनाई है। हालांकि, पिछले दिनों हुए बहुमत परीक्षण के दौरान अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) को बड़ा झटका लगा, जब उनकी पार्टी के 25 बागी विधायकों ने व्हिप के खिलाफ जाकर विजय सरकार के पक्ष में मतदान कर दिया।

सीवी शनमुगम की अगुवाई वाले इस बागी गुट के समर्थन के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह अफवाह तेजी से फैलने लगी कि विजय इन 25 विधायकों को तोहफा देने के लिए कैबिनेट में जगह दे सकते हैं। इसी अफवाह ने गठबंधन के साथी वामपंथियों को नाराज कर दिया।

CPM की सीधी चेतावनी: राइट विंग को बर्दाश्त नहीं करेंगे

बागी विधायकों को मंत्री बनाए जाने की खबरों से नाराज वामपंथी दलों ने मुख्यमंत्री विजय को सीधे शब्दों में चेतावनी दे डाली थी। CPM के राज्य सचिव पी शन्मुगम ने साफ कहा कि यदि अन्नाद्रमुक के किसी भी धड़े या दक्षिणपंथी झुकाव वाले नेताओं को सरकार में शामिल किया गया, तो पार्टी अपने समर्थन पर नए सिरे से विचार करेगी।

शन्मुगम ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री ऐसा कोई आत्मघाती कदम नहीं उठाएंगे, लेकिन यदि AIADMK को कैबिनेट में जगह मिलती है, तो वामपंथी दल चुप नहीं बैठेंगे। बहरहाल, अब TVK की ओर से आई सफाई के बाद देखना होगा कि तमिलनाडु के इस सियासी ड्रामे का ऊँट किस करवट बैठता है।

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