उत्तर प्रदेश में मौसम का ‘रेड अलर्ट’: लखनऊ-बांदा समेत 45+ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी; हीट वेव से मिली बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में भीषण लू के दौर को समाप्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश और तेज हवाओं ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है, जिससे आम जनजीवन को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़े रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग का अलर्ट (45+ जिले):

मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है:

  • ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत कबीर नगर, देवरिया, गोरखपुर, संत रविदास नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर। इन क्षेत्रों में मेघगर्जन (बिजली कड़कने) के साथ भारी बारिश की प्रबल संभावना है।

  • येलो अलर्ट वाले जिले: प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज और एटा। यहाँ 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।

तापमान में गिरावट और आगे का अनुमान:

  • हीट वेव पर ब्रेक: 16 मई से जारी लू का दौर अब थम चुका है। कानपुर जैसे जिलों में तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

  • अगले 48 घंटे: मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक आंधी-पानी का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे अधिकतम तापमान में गिरावट बनी रहेगी।

  • सामान्य स्थिति: 3 जून के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा और तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

सुरक्षा सलाह:

आंधी और गरज-चमक के दौरान प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:

  • पेड़, बिजली के खंभों, जर्जर मकानों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े न हों।

  • खुले मैदानों में वज्रपात (बिजली गिरने) का खतरा रहता है, इसलिए सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें।

  • किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करें।

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