आलमबाग में गंदे पानी की सप्लाई पर फूटा जनता का गुस्सा, अवध चौराहे से इंडियन बैंक तक सड़क जाम कर जलकल के खिलाफ प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर स्थानीय जनता का धैर्य सोमवार को पूरी तरह जवाब दे गया। क्षेत्र के मानक नगर और आलमबाग इलाके में पिछले कई दिनों से हो रही गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई के विरोध में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

गुस्साए क्षेत्रवासियों ने अवध चौराहे से लेकर आलमबाग स्थित इंडियन बैंक के सामने तक जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्य कानपुर रोड मार्ग को कुछ समय के लिए पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जलकल विभाग की घोर लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की।

नलों से आ रहा है बदबूदार पानी, खाना बनाना भी हुआ दूषित

सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से उनके घरों में आने वाला पानी पूरी तरह दूषित, मटमैला और बदबूदार है। नलों से निकलने वाले पानी में सीधे तौर पर गंदगी और सीवर का कचरा देखा जा सकता है, जिसके कारण यह पानी पीने तो क्या, किसी भी घरेलू काम के लायक नहीं बचा है।

गंदे पानी की इस सप्लाई से क्षेत्र के हजारों परिवारों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों को मजबूरन बाहर से पानी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है, क्योंकि खाना बनाने और बर्तन धोने जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी साफ पानी उपलब्ध नहीं है।

“अधिकारियों से कई बार की शिकायत, लेकिन कान पर जूं तक नहीं रेंगी”

प्रदर्शन में शामिल बुजुर्गों और युवाओं ने जलकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पानी में आ रही इस गंदगी और लीकेज को लेकर उन्होंने जलकल विभाग के क्षेत्रीय इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें कीं।

लेकिन हर बार अधिकारियों ने उनकी समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। लगातार हो रही इस अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण ही आज क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों को चिलचिलाती धूप में मजबूरन सड़क पर उतरकर चक्काजाम करना पड़ा है।

संक्रामक बीमारियां फैलने का बढ़ा खतरा, स्वास्थ्य संकट की आशंका

गर्मी के इस मौसम में दूषित पानी की सप्लाई ने स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस गंदे पानी के सेवन या इस्तेमाल से इलाके में हैजा, टायफाइड, पीलिया (जॉन्डिस) और पेट से जुड़ी तमाम संक्रामक बीमारियां महामारी का रूप ले सकती हैं।

विशेषकर घर के मासूम बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। नागरिकों ने मांग की है कि जलकल विभाग तत्काल पूरी पाइपलाइन की जांच कराए, जहां भी सीवर और पानी की लाइन आपस में मिक्स हो रही है उस लीकेज को ढूंढकर इसका स्थायी समाधान किया जाए।

जाम से प्रभावित हुआ यातायात, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

अवध चौराहे से लेकर इंडियन बैंक, आलमबाग तक हुए इस भारी विरोध प्रदर्शन और रोड जाम के कारण कानपुर रोड पर कुछ समय के लिए वाहनों के पहिए थम गए और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। हालांकि, मौके पर स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस बल भी पहुंच गया।

प्रदर्शन कर रहे क्षेत्रवासियों ने दो टूक शब्दों में जिला प्रशासन और नगर निगम को चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर घरों में स्वच्छ और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल सड़क जाम तक सीमित नहीं रहेगा। लोग जलकल मुख्यालय का घेराव करेंगे और इस आंदोलन को और उग्र व व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे।

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