
बॉलीवुड में अपनी दमदार मौजूदगी और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता अर्जुन कपूर इन दिनों अपनी पर्सनल ग्रोथ, मेंटल हेल्थ और ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में छाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रोलिंग और आलोचनाओं का सामना करने वाले अर्जुन ने हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान अपने जीवन के उन पहलुओं पर रोशनी डाली है, जिन्होंने पिछले कुछ सालों में उनकी सोच को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। ‘एस्क्वायर’ (Esquire) को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में अर्जुन कपूर ने इस बात का खुलासा किया है कि कैसे थेरेपी ने उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाया है और अब उन्हें अकेले रहने से किसी भी प्रकार का डर नहीं लगता है।
थेरेपी और मेंटल हेल्थ पर अर्जुन कपूर का बड़ा खुलासा
अक्सर अपनी फिटनेस और पर्सनल लाइफ को लेकर मीडिया की सुर्खियों में रहने वाले अर्जुन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उनका दृष्टिकोण बिल्कुल बदल चुका है। उन्होंने स्वीकार किया कि जीवन में कई ऐसे दौर आए जब बाहरी दबाव और सोशल मीडिया का शोर मानसिक रूप से उन्हें प्रभावित कर रहा था, लेकिन थेरेपी की मदद से उन्होंने न केवल खुद को संभाला, बल्कि अपने भीतर की कई कमियों और डर का सामना करना भी सीखा। अर्जुन के मुताबिक, थेरेपी लेने के बाद अब वे मानसिक रूप से काफी मजबूत महसूस करते हैं और यही वजह है कि अब उन्हें अकेले रहने में किसी तरह की घबराहट या डर महसूस नहीं होता, बल्कि वे इस समय का उपयोग खुद को समझने में करते हैं।
70 किलो वजन कम करने का संघर्ष और शरीर की यूनीक बनावट
अपने वजन घटाने के लंबे और संघर्षपूर्ण सफर पर बात करते हुए अर्जुन कपूर ने बताया कि उनका शरीर अन्य लोगों के मुकाबले काफी अलग तरीके से काम करता है। उन्होंने खुलकर कहा कि जिस प्रकार का बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन कुछ लोगों को महज तीन महीने की कड़ी मेहनत के बाद मिल जाता है, उसी मुकाम तक पहुंचने के लिए उनके शरीर को छह महीने या उससे अधिक का वक्त लग सकता है। एक वक्त पर आकर उन्हें यह अहसास हुआ कि उन्हें खुद को समाज या इंडस्ट्री द्वारा तय की गई फिक्स टाइमलाइन्स और डेडलाइन्स के हिसाब से नहीं चलाना चाहिए। अर्जुन ने माना कि उन्हें दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपने शरीर की प्राकृतिक बनावट और मेटाबॉलिज्म को समझते हुए इस पूरी प्रक्रिया का आनंद लेना चाहिए।
फिल्मों की डेडलाइन्स और फिटनेस के दबाव से मुक्ति
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अर्जुन ने बताया कि पहले वे फिटनेस को सिर्फ फिल्मों की शूटिंग और कॉन्ट्रैक्ट्स की डेडलाइन्स से जोड़कर देखते थे। उनके मन में हमेशा यह दबाव रहता था कि चूंकि उनकी अगली फिल्म तीन महीने में शुरू होने वाली है, इसलिए उन्हें हर हाल में उस तय तारीख तक परफेक्ट शेप में दिखना ही होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का लगातार दबाव फिटनेस और उनके आपसी रिश्ते को पूरी तरह बदल देता था, जिससे वे वर्कआउट के प्रोसेस को एन्जॉय करना बंद कर चुके थे। लेकिन अब उनकी सोच में बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है और वे किसी भी बाहरी दबाव में आए बिना अपनी सेहत, मानसिक शांति और फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।
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