
उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई है, जिनमें जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य सबसे अहम माना जा रहा है। इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए नोएडा के जेवर एयरपोर्ट को सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सफर और व्यापारिक गतिविधियां बेहद आसान हो जाएंगी। राज्य सरकार के इस फैसले से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक गलियारों के विकास को भी जबरदस्त गति मिलेगी।
जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे: नोएडा से गंगा एक्सप्रेस-वे तक सीधी कनेक्टिविटी का मेगा प्लान
उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे के बन जाने से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे तक की सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेस-वे से कनेक्टेड है, लेकिन इस नए लिंक एक्सप्रेस-वे के जुड़ने से यात्रियों और माल ढुलाई करने वाले वाहनों को प्रयागराज तक का सफर तय करने के लिए एक वैकल्पिक और अत्याधुनिक राष्ट्रीय स्तर का नया रास्ता मिल जाएगा। यह प्रोजेक्ट भविष्य की ट्रैफिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, ताकि अगले 30 वर्षों तक भारी वाहनों और गाड़ियों के लोड को सुगमता से संभाला जा सके।
8585 करोड़ रुपये की लागत और तकनीकी विशेषताएं
यह प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे कुल 74.46 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग के मानकों के अनुसार छह लेन चौड़ा बनाया जाएगा। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस एक्सप्रेस-वे की क्षमता को आगे चलकर आठ लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान भी रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण पर कुल 8,585.51 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। एक्सप्रेस-वे के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी यूपीडा को सौंपी गई है। तकनीकी रूप से इस मार्ग को बेहद मजबूत और सुरक्षित बनाया जा रहा है, जिसमें कुल 7 अंडरपास, 11 छोटे पुल, 3 बड़े पुल, 2 बड़े अंडरपास, 1 भव्य फ्लाईओवर और 4 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
रूट और पैकेज की पूरी जानकारी: कहां से गुजरेगा यह एक्सप्रेस-वे
यह छह लेन का एक्सप्रेस-वे नोएडा के भाईपुर ब्राह्मण क्षेत्र से शुरू होकर बुलंदशहर के बहांपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेस-वे में जाकर मिलेगा। इस पूरी परियोजना को सुचारू और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए इसे दो प्रमुख पैकेजों में विभाजित किया गया है। पहले पैकेज के तहत निर्माण कार्य नोएडा के भाईपुर ब्राह्मण से शुरू होकर बुलंदशहर के बिचौला गांव तक किया जाएगा। वहीं, दूसरे पैकेज का निर्माण बुलंदशहर के बिचौला गांव से शुरू होकर बहांपुर तक पूरा किया जाएगा। इस मार्ग के जरिए यह यमुना एक्सप्रेस-वे को भी आपस में कनेक्ट करेगा, जिससे क्षेत्र के स्थानीय और दूर-दराज के यात्रियों के लिए आवागमन के कई विकल्प खुल जाएंगे।
औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार, लॉजिस्टिक और ई-कॉमर्स को बढ़ावा
जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से केवल सड़क यातायात ही बेहतर नहीं होगा, बल्कि इसके किनारे विकसित हो रहे औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक क्लस्टर को एक नई जीवनरेखा मिल जाएगी। गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर कई आधुनिक इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इस लिंक एक्सप्रेस-वे के माध्यम से इन सभी औद्योगिक केंद्रों को सीधे जेवर एयरपोर्ट और प्रमुख एक्सप्रेस-वे नेटवर्क्स से जोड़ दिया जाएगा। इससे कार्गो सेवाओं, ई-कॉमर्स कंपनियों, और एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों में भारी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। निवेशकों के लिए यह कॉरिडोर व्यापार को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का एक सशक्त माध्यम साबित होगा।
राज्य संपत्ति विभाग में सहायक लेखाकार के पदों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला
कैबिनेट बैठक में केवल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मामलों पर भी मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य संपत्ति विभाग लेखा संवर्ग सेवा नियमावली, 2026 को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस नए संशोधन और नियम के लागू होने से राज्य संपत्ति विभाग में सहायक लेखाकार के पदों पर भर्ती और पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब विभाग में एंट्री लेवल और पदोन्नति के पदों की संख्या को बिल्कुल एकसमान कर दिया गया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक अड़चनें समाप्त हो गई हैं।
पदों का नया गणित और समय पर प्रमोशन का लाभ
विस्तार से समझें तो, अभी तक राज्य संपत्ति विभाग में सहायक लेखाकार के कुल 12 पद थे, जिनमें से केवल 3 पद एंट्री लेवल के थे और 9 पद प्रमोशन के थे। इस विषम अनुपात के कारण संकट यह था कि केवल एंट्री लेवल के 3 पद ही भर पाते थे और पदोन्नति वाले पदों को भरने में भारी कठिनाई आ रही थी। अब नई नियमावली 2026 के तहत इन पदों की संख्या को संशोधित करके 6 पद एंट्री लेवल के और 6 पद पदोन्नति वाले कर दिए गए हैं। इस एकसमान व्यवस्था के कारण अब विभाग के सभी 12 पद पूरी तरह भरे जा सकेंगे और कर्मचारियों को समय पर उनकी पदोन्नति भी मिल सकेगी, जिससे विभागीय कार्यक्षमता में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया