बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’, इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ ने उड़ाया गर्दा: 10 दिनों में 136 करोड़ पार कर बनी ब्लॉकबस्टर, जानें दोनों फिल्मों का पूरा हिसाब-किताब

स्वतंत्रता दिवस के लंबे वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस पर हुआ महामुकाबला अब पूरी तरह एकतरफा साबित हो चुका है। 14 अगस्त को एक साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्मों—सनी देओल स्टारर ‘बंटवारा 1947’ (Batwara 1947) और इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ (Awarapan 2) की किस्मत का फैसला दर्शकों ने साफ कर दिया है। जहां एक तरफ ‘गदर 2’ के बाद सनी देओल से बड़ी देशभक्ति हिट की उम्मीद लगाई जा रही थी, वहीं उनकी 150 करोड़ रुपये के भारी बजट में बनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ 10 दिनों के बाद भी 40 करोड़ रुपये का आंकड़ा छूने के लिए संघर्ष कर रही है। दूसरी तरफ, महज 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई इमरान हाशमी और दिशा पाटनी की म्यूजिकल रोमांटिक-एक्शन थ्रिलर ‘आवारापन 2’ ने टिकट खिड़की पर ऐसा तूफान खड़ा किया है कि फिल्म ने 10 दिनों में भारतीय बाजार में 136 करोड़ रुपये से अधिक का नेट बिजनेस कर अपनी लागत से 300 फीसदी से ज्यादा का मुनाफा कमा लिया है। इस रिपोर्ट की पुष्टि The Times of India की रिपोर्ट में भी की गई है।

14 अगस्त के महाक्लैश का नतीजा: इमरान का ऐतिहासिक जलवा और सनी देओल पस्त

बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के 10वें दिन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस क्लैश ने बॉलीवुड के कई पुराने समीकरणों को बदल कर रख दिया है। रिलीज के पहले दिन से ही ‘आवारापन 2’ ने बढ़त बना ली थी, जब उसने 22 करोड़ रुपये की बंपर ओपनिंग दर्ज की थी, जबकि ‘बंटवारा 1947’ पहले दिन केवल 5.75 करोड़ रुपये ही जुटा सकी थी। दूसरे दिन 15 अगस्त की छुट्टी का फायदा दोनों फिल्मों को मिला, लेकिन ‘आवारापन 2’ ने 33.75 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक कलेक्शन कर सबको चौंका दिया, जबकि सनी देओल की फिल्म 13.50 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाई।

पहले वीकेंड के बाद वीकडेज में ‘बंटवारा 1947’ की कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार से शुक्रवार के बीच सनी देओल की फिल्म प्रतिदिन 1 से 2 करोड़ रुपये के बीच सिमट गई, जबकि ‘आवारापन 2’ लगातार 6 से 9 करोड़ रुपये की मजबूत दैनिक कमाई करती रही। 10वें दिन (रविवार) को जहां ‘आवारापन 2’ ने लगभग 9 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, वहीं ‘बंटवारा 1947’ मुश्किल से 1.30 करोड़ रुपये ही जुटा सकी।

‘आवारापन 2’ की बंपर कमाई: बतौर सोलो लीड इमरान हाशमी की पहली 100 करोड़ी फिल्म

नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी ‘आवारापन 2’ इमरान हाशमी के पूरे करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन साबित हुई है। हालांकि इमरान इससे पहले ‘टाइगर 3’ जैसी फिल्मों में मुख्य खलनायक के रूप में 100 करोड़ और 300 करोड़ क्लब का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन बतौर सोलो लीड हीरो उनके करियर में यह पहली बार हुआ है जब किसी फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ और फिर 135 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार किया है।

फिल्म के 10 दिनों के घरेलू नेट कलेक्शन का कुल आंकड़ा अब 136.25 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, जबकि भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन 160 करोड़ रुपये को पार कर गया है। ओवरसीज (विदेशी) मार्केट में भी इमरान हाशमी की जबरदस्त फैन फॉलोइंग का असर देखने को मिला है, जहां से फिल्म ने करीब 30 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस कर लिया है। इस तरह 10 दिनों में दुनियाभर के सिनेमाघरों से ‘आवारापन 2’ ने 190 करोड़ रुपये से अधिक का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन दर्ज कर लिया है और यह तेजी से 200 करोड़ के क्लब में कदम रखने जा रही है।

150 करोड़ के भारी बजट में बनी ‘बंटवारा 1947’ की बत्ती गुल: लागत निकालना नामुमकिन

दूसरी तरफ, मशहूर फिल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी पीरियड ड्रामा फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के लिए बॉक्स ऑफिस का सफर किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ है। सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल और अली फजल जैसे मंझे हुए कलाकारों की भारी-भरकम स्टारकास्ट के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह नाकाम रही।

10 दिनों के बाद ‘बंटवारा 1947’ का भारत में कुल नेट कलेक्शन महज 36.80 करोड़ रुपये ही हो सका है। फिल्म का घरेलू ग्रॉस कलेक्शन लगभग 43.50 करोड़ और ओवरसीज ग्रॉस करीब 9 करोड़ रुपये रहा है, जिससे इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन केवल 52.52 करोड़ रुपये पर अटक गया है। ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, 120 से 150 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म को अपनी केवल आधी लागत निकालने के लिए भी कम से कम 80 करोड़ रुपये की जरूरत थी, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह फिल्म अपनी लाइफटाइम कमाई 45 करोड़ रुपये के अंदर ही समेट लेगी, जिससे निर्माताओं को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा।

दर्शकों की नब्ज पकड़ने में क्यों सफल हुई ‘आवारापन 2’ और कहां चूकी ‘बंटवारा 1947’?

सिनेमा विश्लेषकों का मानना है कि इस क्लैश में दोनों फिल्मों के कंटेंट और ट्रीटमेंट ने सबसे बड़ा फर्क पैदा किया। साल 2007 में आई महेश भट्ट की ओरिजिनल कल्ट क्लासिक फिल्म ‘आवारापन’ से जुड़े दर्शकों के नॉस्टेल्जिया, उसके चार्टबस्टर गानों और ‘शिवम’ के किरदार के प्रति युवाओं के भावनात्मक लगाव ने सीक्वल के पक्ष में जबरदस्त माहौल तैयार किया। नितिन कक्कड़ ने कहानी में भावनात्मक गहराई, हाई-स्टेक एक्शन और रूहानी संगीत का ऐसा सटीक मिश्रण तैयार किया, जिसे युवाओं और फैमिली ऑडियंस दोनों ने हाथों-हाथ लिया।

इसके विपरीत, ‘बंटवारा 1947’ की विफलता की मुख्य वजह इसकी कमजोर और पुरानी पड़ चुकी पटकथा मानी जा रही है। दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का कहना था कि देश के विभाजन के दर्द पर पहले भी कई प्रभावशाली फिल्में बन चुकी हैं, और राजकुमार संतोषी इस संवेदनशील विषय में कोई नया सिनेमाई दृष्टिकोण पेश नहीं कर पाए। इसके अलावा, फिल्म की गति काफी धीमी थी और सनी देओल का किरदार भी दर्शकों को ‘गदर 2’ जैसा रोमांच देने में नाकाम रहा। कमजोर माउथ पब्लिसिटी और सोशल मीडिया पर मिले नकारात्मक रिव्यूज ने पहले सोमवार के बाद ही फिल्म की कमर तोड़ दी।

मल्टीप्लेक्सों में बदला खेल: ‘बंटवारा’ के शो काटकर ‘आवारापन 2’ को मिली अतिरिक्त स्क्रीन्स

फिल्मों के प्रदर्शन का सीधा असर सिनेमाघरों की शेड्यूलिंग पर पड़ा है। रिलीज के पहले दिन ‘बंटवारा 1947’ को देश भर में लगभग 6,600 से अधिक शोज मिले थे, जबकि ‘आवारापन 2’ को 9,000 के करीब शोज आवंटित किए गए थे। लेकिन जैसे ही दूसरे और तीसरे दिन दर्शकों की भीड़ ‘आवारापन 2’ की ओर मुड़ी, मल्टीप्लेक्स मालिकों ने तुरंत फैसला लेते हुए ‘बंटवारा 1947’ के खाली जा रहे मॉर्निंग और लेट-नाइट शोज को कैंसिल करना शुरू कर दिया।

दूसरे वीकेंड तक आते-आते ‘आवारापन 2’ के शोज की संख्या बढ़कर 10,500 के पार पहुंच गई, जबकि ‘बंटवारा 1947’ के शोज घटकर एक-तिहाई से भी कम रह गए। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख हिंदी बेल्ट के सर्किटों में सिंगल स्क्रीन्स पर भी ‘आवारापन 2’ हाउसफुल बोर्ड के साथ चलती नजर आई, जिसने फिल्म की कमाई में लगातार इजाफा किया।

यश की ‘टॉक्सिक’ की दस्तक और दोनों फिल्मों का अंतिम भविष्य

हालांकि ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर जोरदार मुनाफा कमा चुकी है, लेकिन अब उसके पास खुलकर कमाई करने के लिए केवल दो से तीन दिनों की मोहलत बची है। 26 अगस्त को सिनेमाघरों में केजीएफ 2 फेम सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म ‘टॉक्सिक’ (Toxic) रिलीज होने जा रही है। ‘टॉक्सिक’ को देश भर के अधिकांश सिंगल स्क्रीन्स और आईमैक्स थिएटर्स में बड़े पैमाने पर लगाया जाएगा, जिसके चलते चालू फिल्मों की स्क्रीन्स में भारी कटौती होगी।

ट्रेड जानकारों का अनुमान है कि ‘आवारापन 2’ अपनी लाइफटाइम जर्नी भारत में 150 से 155 करोड़ नेट और वर्ल्डवाइड 210 करोड़ रुपये के पार खत्म करेगी, जो इसे साल 2026 की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली हिंदी फिल्मों की सूची में शीर्ष पर स्थापित कर देगी। वहीं सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ के लिए ‘टॉक्सिक’ के आते ही थिएटर्स से पूरी तरह विदाई तय मानी जा रही है।

Check Also

‘वो मेरे बगल में सो रहे थे और मेरी सांसें थम गईं…’: हिना खान ने याद किया शाहरुख खान संग पहली मुलाकात का किस्सा; फ्लाइट के उस जादुई सफर की सुनाई दास्तान

भारतीय टेलीविजन और ओटीटी जगत की सबसे लोकप्रिय और जुझारू अभिनेत्रियों में शुमार हिना खान …