
देश के सबसे चर्चित और 200 करोड़ रुपये के महाठगी मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर जेल की चारदीवारी के पीछे से नया ‘लेटर बम’ फोड़कर बॉलीवुड और कानूनी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। आए दिन मीडिया और जांच एजेंसियों के नाम चिट्ठियां लिखकर सुर्खियों में रहने वाले सुकेश चंद्रशेखर ने इस बार सीधे तौर पर बॉलीवुड की मशहूर डांसर व अभिनेत्री नोरा फतेही पर बेहद गंभीर, चौंकाने वाले और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। सुकेश ने अपने ताजा पत्र में दावा किया है कि नोरा फतेही अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस से बुरी तरह जलती थीं और वे लगातार उससे यह गुहार लगाती थीं कि वह जैकलीन को छोड़ दे और केवल उनके साथ ही रिश्ता रखे।
सुकेश चंद्रशेखर का यह दावा सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत में नई बहस छिड़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा जांचे जा रहे इस मामले में पहले से ही कई मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्रियों के नाम शामिल रहे हैं, लेकिन सुकेश के इस नए पत्र ने दोनों शीर्ष अभिनेत्रियों के बीच की प्रतिद्वंद्विता और जेल के खेल को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है।
‘जैकलीन को छोड़ दो, मुझसे रिश्ता रखो…’ सुकेश का सनसनीखेज दावा
जेल से अपने वकील के जरिए जारी किए गए विस्तृत पत्र में सुकेश चंद्रशेखर ने दावा किया कि नोरा फतेही उसके साथ गहरे व्यक्तिगत रिश्ते में थीं और वे जैकलीन फर्नांडिस को लेकर हमेशा असुरक्षित (Insecure) महसूस करती थीं। सुकेश ने लिखा कि नोरा दिन में कई-कई बार उसे फोन करती थीं और घंटों तक जैकलीन के खिलाफ उसका ब्रेनवॉश करने की कोशिश करती थीं।
सुकेश ने पत्र में लिखा, “नोरा हमेशा मुझसे यह कहती थीं कि जैकलीन एक भरोसेमंद इंसान नहीं हैं और मुझे उनके साथ अपना रिश्ता तुरंत खत्म कर देना चाहिए। नोरा मुझसे लगभग भीख मांगती थीं कि मैं जैकलीन को छोड़कर पूरी तरह उनके साथ रिश्ते में आ जाऊं। जब भी मैं जैकलीन को कोई महंगा उपहार देता था या उनके साथ समय बिताता था, तो नोरा नाराज हो जाती थीं और मुझसे उससे भी ज्यादा कीमती तोहफों की मांग करती थीं। नोरा का एकमात्र मकसद जैकलीन को नीचा दिखाना और मेरी दौलत का फायदा उठाना था।” सुकेश ने यह भी आरोप लगाया कि नोरा ने उससे कई लग्जरी बैग, घड़ियां, गहने और महंगी गाड़ियां अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम पर हासिल की थीं।
200 करोड़ की ठगी और जेल से चिट्ठियों की सियासत
तिहाड़ और मंडोली जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह और मालविंदर सिंह की पत्नी से केंद्रीय गृह सचिव व कानून मंत्रालय का अधिकारी बनकर 200 करोड़ रुपये से अधिक की रंगदारी वसूलने का संगीन आरोप है। सुकेश जेल के भीतर से ही फर्जी कॉलिंग ऐप्स और तकनीक का सहारा लेकर देश के बड़े कारोबारियों को ठगता था और उस काली कमाई को बॉलीवुड की चकाचौंध में पानी की तरह बहाता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सुकेश ने अवैध तरीके से जुटाए गए इन पैसों से कई नामचीन अभिनेत्रियों और मॉडल्स को करोड़ों रुपये के तोहफे भेजे थे। इनमें बेशकीमती हीरे, हेमीज (Hermès) और गुच्ची (Gucci) के डिजाइनर बैग, रोलेक्स घड़ियां, करोड़ों की लग्जरी कारें, अरबी घोड़े और महंगे आभूषण शामिल थे। सुकेश पिछले कई महीनों से लगातार जेल से चिट्ठियां लिखकर कभी जैकलीन के प्रति अपने प्रेम का इजहार करता है, तो कभी अन्य हस्तियों पर आरोप लगाकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश करता दिखाई देता है।
नोरा फतेही का रुख: ‘मैं खुद इस ठग की साजिश की पीड़ित हूं’
सुकेश चंद्रशेखर के इन आरोपों पर नोरा फतेही और उनकी कानूनी टीम ने हमेशा कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। नोरा फतेही ने ईडी और अदालत के समक्ष दिए गए अपने बयानों में बार-बार यह साफ किया है कि उनका सुकेश चंद्रशेखर के साथ कभी कोई व्यक्तिगत, रोमांटिक या वित्तीय संबंध नहीं रहा। नोरा का कहना है कि सुकेश ने एक चैरिटी इवेंट के बहाने उनसे संपर्क किया था और वे उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि से पूरी तरह अनजान थीं।
नोरा ने जांच एजेंसियों को बताया था कि उन्हें एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जहां उन्हें एक बीएमडब्ल्यू (BMW) कार और एक लग्जरी बैग टोकन ऑफ एप्रिसिएशन के तौर पर दिया गया था। जब उन्हें सुकेश के 200 करोड़ के फर्जीवाड़े की सच्चाई पता चली, तो उन्होंने तुरंत खुद को इस मामले से अलग कर लिया और जांच में एजेंसियों का पूरा सहयोग किया। नोरा के वकीलों का कहना है कि सुकेश जेल में बैठकर अपनी घटिया पब्लिसिटी और सनसनी फैलाने के लिए एक प्रतिष्ठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार की छवि को धूमिल करने की लगातार साजिश रच रहा है।
नोरा बनाम जैकलीन: मानहानि का मुकदमा और तीखी कानूनी जंग
सुकेश चंद्रशेखर प्रकरण का सबसे बड़ा दुष्परिणाम नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस के बीच आपसी कानूनी टकराव के रूप में सामने आया था। जब ईडी की चार्जशीट में दोनों अभिनेत्रियों के नाम आए, तो मीडिया में आई कुछ खबरों और बयानों को लेकर नोरा फतेही ने पटियाला हाउस कोर्ट में जैकलीन फर्नांडिस और कुछ मीडिया संस्थानों के खिलाफ 200 करोड़ रुपये का मानहानि (Criminal Defamation) का मुकदमा दायर कर दिया था।
नोरा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि जैकलीन ने अपनी गलतियों को छिपाने और खुद को बचाने के लिए जानबूझकर उनके खिलाफ झूठे बयान दिए और उनके करियर व प्रतिष्ठा को बर्बाद करने की कोशिश की। नोरा का तर्क था कि जहां जैकलीन सीधे तौर पर सुकेश से उपहार ले रही थीं और उसके संपर्क में थीं, वहीं उनका सुकेश से कोई सीधा लेना-देना नहीं था। दोनों शीर्ष अभिनेत्रियों के बीच अदालत में चल रही यह कानूनी जंग आज भी सुर्खियों में बनी हुई है।
ठग के दावों की कानूनी विश्वसनीयता पर उठते बड़े सवाल
कानूनी विशेषज्ञों और वरिष्ठ वकीलों का मानना है कि सुकेश चंद्रशेखर जैसे आदतन अपराधी और महाठग द्वारा जेल से लिखी जाने वाली चिट्ठियों की कोई सीधी कानूनी विश्वसनीयता (Evidentiary Value) नहीं होती। जब तक किसी आरोप के समर्थन में ठोस फॉरेंसिक साक्ष्य, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, डिजिटल चैट और स्वतंत्र गवाह पेश नहीं किए जाते, तब तक ऐसे बयानों को केवल ध्यान भटकाने वाला हथकंडा माना जाता है।
वकीलों के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर का यह पूरा खेल जांच एजेंसियों पर दबाव बनाने, मीडिया में प्रासंगिक बने रहने और अपने मुकदमे को सनसनीखेज बनाकर मुख्य ठगी के आरोपों से जनता का ध्यान हटाने की एक सुनियोजित रणनीति है। अदालत में केवल वही तथ्य मान्य होते हैं जो आरोप पत्र (Chargesheet) और गवाहों के बयानों से प्रमाणित होते हैं।
ईडी की चार्जशीट और मामले में आगे क्या?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में कई पूरक आरोप पत्र (Supplementary Chargesheets) दाखिल कर चुका है, जिनमें सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल, जैकलीन फर्नांडिस और अन्य सहयोगियों की भूमिका का विस्तार से उल्लेख किया गया है। कोर्ट में मामले की नियमित सुनवाई चल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
सुकेश चंद्रशेखर की यह ताजा चिट्ठी एक बार फिर यह दर्शाती है कि 200 करोड़ की महाठगी का यह मामला केवल एक वित्तीय अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बॉलीवुड की ग्लैमरस दुनिया, अंधाधुंध दौलत की लालसा और कानून के शिकंजे के बीच का एक ऐसा जटिल नाटक बन चुका है जिसका हर नया अध्याय पहले से ज्यादा सनसनीखेज साबित हो रहा है। अदालत में चल रही सुनवाई ही यह तय करेगी कि सच क्या है और कौन अपनी बेगुनाही साबित कर पाता है।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया