सपा नेता की बिना अनुमति रैली से सोनौली हाईवे पर लगा भीषण जाम: एंबुलेंस भी फंसी

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से शक्ति प्रदर्शन और ट्रैफिक व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रविवार को समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता साधु यादव द्वारा निकाली गई एक विशाल रैली के कारण गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-24) पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास रैली में शामिल गाड़ियों के लंबे काफिले और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के चलते हाईवे की पूरी एक लेन ठप हो गई। इस भीषण जाम में सैकड़ों निजी और व्यावसायिक वाहनों के साथ एक जीवनरक्षक एंबुलेंस भी बुरी तरह फंस गई, जिससे मरीज और तीमारदारों की जान सांसत में आ गई। हालात बेकाबू होते देख पीपीगंज, कैंपियरगंज और चिलुआताल समेत कई थानों की पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हल्का बल प्रयोग करते हुए जाम को खुलवाया।

भरवल से शुरू हुआ काफिला, रोकने पर भी नहीं माने समर्थक

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सपा नेता साधु यादव की यह राजनीतिक रैली रविवार सुबह पीपीगंज क्षेत्र के भरवल से शुरू हुई थी। रैली शुरू होते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आयोजकों से प्रशासनिक अनुमति पत्र दिखाने को कहा। जब नेताओं के पास रैली की कोई अधिकृत अनुमति नहीं मिली, तो पुलिस ने इसे तत्काल रोकने का प्रयास किया।

हालांकि, नेताओं और भारी संख्या में जुटे समर्थकों की भीड़ के आगे शुरुआती पुलिस बल बेबस नजर आया और काफिला जबरन आगे बढ़ गया। इस रैली में करीब आधा दर्जन ट्रैक्टर, सैकड़ों मोटरसाइकिलें और दर्जनों चार पहिया वाहन शामिल थे। पीपीगंज बाईपास होते हुए जैसे ही यह काफिला जंगल कौड़िया टोल प्लाजा के पास पहुंचा, वहां वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया।

टोल प्लाजा पर चक्काजाम, सायरन बजाती एंबुलेंस भी फंसी

जंगल कौड़िया टोल प्लाजा पर अचानक सैकड़ों वाहनों के एक साथ रुकने से हाईवे की एक लेन पूरी तरह ब्लॉक हो गई। देखते ही देखते दूसरी लेन पर भी दबाव बढ़ गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तकरीबन एक घंटे तक सैकड़ों राहगीर और परिवार तपती धूप में जाम में फंसे रहे।

हद तो तब हो गई जब एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी इस जाम के बीच फंस गई। एंबुलेंस का सायरन बजता रहा, लेकिन आगे-पीछे गाड़ियां इतनी सटकर खड़ी थीं कि उसे निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इस दौरान आम नागरिकों में व्यवस्था और बिना अनुमति रैली निकालने वालों के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिला।

कई थानों की पुलिस ने किया बल प्रयोग, नोकझोंक के बाद खुला रास्ता

सोनौली हाईवे पर जाम और एंबुलेंस फंसने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में क्षेत्राधिकारी (सीओ) कैंपियरगंज अनुराग सिंह के नेतृत्व में कैंपियरगंज, पीपीगंज और चिलुआताल थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाउडस्पीकर से समर्थकों को हाईवे खाली करने की चेतावनी दी, लेकिन सपा समर्थक हटने को तैयार नहीं हुए।

स्थिति को नियंत्रित करने और एंबुलेंस को सुरक्षित रास्ता दिलाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग (हल्की लाठियां पटकना) करना पड़ा। इसके बाद कार्यकर्ताओं को हाईवे से खदेड़ा गया और धीरे-धीरे एक-एक करके वाहनों को आगे बढ़ाकर यातायात को सुचारू कराया जा सका।

पैदल रैली पर अड़े सपा नेता, 54 लोगों पर मुकदमा दर्ज

पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के विरोध में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चिंता यादव, सपा नेता सुरेंद्र यादव और मुख्य आयोजक साधु यादव मौके पर ही धरने पर बैठ गए। सपा नेता पुलिस से तीखी बहस करते हुए पैदल रैली निकालने की मांग पर अड़े रहे, जिससे काफी देर तक टोल प्लाजा पर तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

कैंपियरगंज के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आलोक रंजन सिंह ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक आयोजन के लिए प्रशासन से कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, पीपीगंज पुलिस ने हाईवे जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और नियमों के उल्लंघन के आरोप में आयोजक साधु यादव समेत 19 नामजद और 35 अज्ञात लोगों (कुल 54) के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने रैली में शामिल बिना नंबर प्लेट वाले छह ट्रैक्टरों और एक कार को भी जब्त कर लिया है।

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