
भारतीय थ्रिलर सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुकी दृश्यम फ्रेंचाइजी के तीसरे अध्याय को लेकर दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है। जब भी इस फिल्म का जिक्र आता है, तो सिनेमा प्रेमियों के दिमाग में दो चेहरे सबसे पहले उभरते हैं—मलयालम में जॉर्जकुट्टी का किरदार अमर करने वाले सुपरस्टार मोहनलाल और हिंदी में विजय सलगांवकर बनकर पूरे देश के दिलों पर छा जाने वाले अजय देवगन। दोनों ही अभिनेताओं ने अपनी-अपनी इंडस्ट्री में इस सस्पेंस थ्रिलर को ऐसी ऊंचाई दी है, जिसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। दृश्यम और दृश्यम 2 की जबरदस्त कामयाबी के बाद अब हर किसी की निगाहें दृश्यम 3 पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या अजय देवगन की हिंदी दृश्यम 3 भी पूरी तरह से मोहनलाल की मलयालम फिल्म की कहानी पर आधारित होगी, या इस बार हिंदी दर्शकों के लिए किसी अलग मोड़ और नए सस्पेंस की तैयारी की जा रही है।
दूसरा पार्ट देखने के बाद बदली कहानी की दिशा और दर्शकों की सोच
फ्रेंचाइजी के दूसरे भाग यानी दृश्यम 2 ने बॉक्स ऑफिस और समीक्षाओं के लिहाज से जो इतिहास रचा, उसने तीसरे पार्ट की उम्मीदों को कई गुना बढ़ा दिया है। मूल मलयालम फिल्म को ओटीटी पर ऐतिहासिक प्यार मिला था, वहीं जब हिंदी में दृश्यम 2 सिनेमाघरों में आई, तो इसने दर्शकों की भीड़ को खींचकर 200 करोड़ से अधिक का शानदार कारोबार किया। दूसरे पार्ट में जिस तरह से कहानी को एक नया मोड़ दिया गया था—जहां पुलिस सात साल पुराने केस को फिर से खोलती है और विजय सलगांवकर अपने चालाक दिमाग से खुद को सुरक्षित रखने के लिए नए पैंतरे रचता है—उसने यह साबित कर दिया था कि यह सिर्फ एक रीमेक नहीं बल्कि भावनाओं और बुद्धिमत्ता की गहरी जंग है। दूसरे पार्ट के बाद से ही निर्माताओं और कलाकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह खड़ी हुई कि तीसरे भाग की पटकथा पहले दोनों भागों से भी ज्यादा असरदार, अप्रत्याशित और बौद्धिक रूप से मजबूत होनी चाहिए।
क्या मोहनलाल के वर्जन से अलग होगा अजय देवगन का सफर
अजय देवगन और मूल निर्देशक जीतू जोसेफ के बीच तीसरे भाग को लेकर लगातार बातचीत चल रही है। जब अभिनेताओं और मेकर्स से यह पूछा गया कि क्या हिंदी वर्जन मलयालम से अलग होगा, तो इस बात का संकेत साफ मिलता है कि फिल्म की मूल आत्मा और मुख्य विचार एक जैसा रहेगा, लेकिन हिंदी दर्शकों के स्वाद और स्थानीय मिजाज को ध्यान में रखते हुए पटकथा में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। पिछले दोनों भागों में यह देखा गया था कि मलयालम फिल्म पहले दर्शकों के सामने आ गई थी, जिसकी वजह से हिंदी दर्शकों के एक बड़े वर्ग को मुख्य सस्पेंस पहले ही पता चल चुका था। हालांकि, इसके बावजूद हिंदी में फिल्म को जबरदस्त सफलता मिली। अब तीसरे भाग के लिए मेकर्स इस बात को लेकर बेहद सतर्क हैं कि सस्पेंस लीक न हो। यही कारण है कि इस बार दोनों फिल्मों के ट्रीटमेंट, कुछ अहम किरदारों के आर्क और सब-प्लॉट्स में हल्का बदलाव देखा जा सकता है, ताकि दोनों भाषाओं के दर्शक अपनी-अपनी फिल्मों में नएपन का अनुभव कर सकें।
एक साथ शूटिंग और पैन-इंडिया रिलीज की गुप्त रणनीति
दृश्यम 3 के साथ फिल्म उद्योग में एक नया प्रयोग करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। चर्चा है कि निर्देशक जीतू जोसेफ और हिंदी निर्माता कुमार मंगत पाठक दोनों फिल्मों को एक ही समय पर शूट करने और एक ही दिन या बहुत कम अंतर में रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक कदम होगा, जहां एक ही मूल कहानी के दो अलग-अलग भाषाई संस्करण एक साथ दर्शकों के सामने पेश किए जाएंगे। इस रणनीति का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी दर्शक के लिए स्पॉइलर का खतरा नहीं रहेगा और हिंदी पट्टी के दर्शक भी उसी रोमांच और रहस्य का अनुभव कर पाएंगे, जो दक्षिण के दर्शक महसूस करेंगे। अजय देवगन की टीम स्क्रिप्टिंग के हर पहलू पर बारीकी से नजर रखे हुए है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि विजय सलगांवकर का कैरेक्टर आर्क किसी भी स्तर पर कमजोर न पड़े।
जॉर्जकुट्टी और विजय सलगांवकर: कानून और परिवार की अंतिम लड़ाई
दृश्यम की पूरी कहानी एक आम आदमी की अपने परिवार को बचाने की असीम क्षमता के इर्द-गिर्द घूमती है। चाहे जॉर्जकुट्टी हो या विजय सलगांवकर, दोनों ने यह साबित किया है कि एक पिता और पति अपने परिवार की रक्षा के लिए कानून, समाज और व्यवस्था के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। तीसरे पार्ट को इस फ्रेंचाइजी का अंतिम और सबसे निर्णायक अध्याय माना जा रहा है। दर्शक यह देखना चाहते हैं कि क्या कानून का शिकंजा आखिरकार सलगांवकर परिवार पर कस जाएगा या फिर वह हमेशा के लिए इस जुर्म के साए से मुक्त हो जाएगा। पटकथा लेखकों के लिए सबसे पेचीदा काम यही है कि वे फिल्म को ऐसा क्लाइमेक्स दें, जो न सिर्फ कानूनी रूप से संतुष्टिदायक हो, बल्कि नैतिक और भावनात्मक रूप से भी दर्शकों के दिलों को छू जाए।
स्क्रिप्ट पर चल रहा काम और आधिकारिक एलान का इंतजार
वर्तमान में दृश्यम 3 की स्क्रिप्ट पर गहन मंथन का दौर जारी है। जीतू जोसेफ ने पहले ही यह स्पष्ट किया है कि वे तीसरे भाग की कहानी तभी पर्दे पर उतारेंगे जब उनके पास एक पुख्ता और चौंकाने वाला क्लाइमेक्स होगा। अजय देवगन भी स्क्रिप्ट के पूरी तरह तैयार होने के बाद ही शूटिंग की तारीखें तय करेंगे। जब तक प्रोडक्शन हाउस की ओर से आधिकारिक तौर पर शूटिंग शेड्यूल और रिलीज की तारीख की घोषणा नहीं की जाती, तब तक फैंस को थोड़ा सब्र रखना होगा। लेकिन इतना तय है कि दृश्यम 3 चाहे मोहनलाल के रूप में पर्दे पर आए या अजय देवगन के रूप में, यह सिनेमाई इतिहास का सबसे प्रतीक्षित और रोंगटे खड़े कर देने वाला सस्पेंस थ्रिलर साबित होने वाला है।
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