
घर की रोजाना झाड़ू-पोछा करते समय अक्सर हम उन कोनों को नजरअंदाज कर देते हैं जो सीधे नजर नहीं आते। इनमें सबसे प्रमुख जगह है बेड का पिछला हिस्सा और दीवार के बीच का संकरा कोना। अक्सर लोग बेड को दीवार से बिल्कुल सटाकर लगा देते हैं। समय बीतने के साथ वहां धूल, बाल, जाले और डस्ट माइट्स (धूल के सूक्ष्म कीड़े) का एक मोटा ढेर जमा हो जाता है।
यह जमा गंदगी न केवल बेडरूम की हवा की गुणवत्ता खराब करती है, बल्कि सुबह उठते ही छींक आना, सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ या त्वचा पर खुजली (डस्ट एलर्जी) की बड़ी वजह बनती है। यदि आप सही तकनीक अपनाएं, तो भारी-भरकम बेड को बिना रोज-रोज हिलाए भी इस संकरी जगह को पूरी तरह साफ रखा जा सकता है।
दीवार और बेड के बीच 2 से 4 इंच का गैप रखना क्यों है जरूरी?
वास्तु शास्त्र और आधुनिक इंटीरियर डिजाइनिंग दोनों ही बेड को दीवार से बिल्कुल सटाकर रखने से मना करते हैं। इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण हैं:
-
एयर सर्कुलेशन (हवा का बहाव): बेड और दीवार के बीच कम से कम 2 से 4 इंच का फासला होने से हवा का वेंटिलेशन बना रहता है। इससे दीवार पर सीलन (Dampness) नहीं आती और फंगस पनपने का खतरा खत्म हो जाता है।
-
सफाई में आसानी: थोड़ा गैप रहने से वैक्यूम क्लीनर का नोजल या लंबा डस्टर बिना बेड को हिलाए आसानी से अंदर चला जाता है।
-
दीवार की सुरक्षा: बेड का हेडबोर्ड बार-बार दीवार से टकराने पर दीवार का पेंट, वॉलपेपर या पुट्टी खराब नहीं होती।
बेड के पीछे की संकरी जगह साफ करने के 4 स्मार्ट हैक्स
भारी बेड को अकेले खिसकाना कमर दर्द का कारण बन सकता है। ऐसे में इन आसान और असरदार घरेलू तरीकों से बेड के पीछे की धूल मिनटों में साफ की जा सकती है:
1. पुराने मोजे और वाइपर/स्केल की देसी जुगाड़ ट्रिक यदि आपके पास वैक्यूम क्लीनर नहीं है, तो यह तरीका सबसे कारगर है। एक लंबा प्लास्टिक का स्केल, चपटा वाइपर या पतली छड़ी लें। उस पर एक पुराना सूती या माइक्रोफाइबर मोजा चढ़ा दें। मोजे को हल्का-सा गीला करें (या उस पर सिरका और पानी का स्प्रे करें)। अब इसे बेड और दीवार के बीच डालकर नीचे तक घुमाएं। माइक्रोफाइबर कपड़ा स्थिर विद्युत (Static Electricity) के कारण धूल और बालों को अपने में चिपका लेगा और धूल हवा में नहीं उड़ेगी।
2. हेयर ड्रायर की ‘ब्लोअर’ ट्रिक अगर बेड के पीछे बहुत महीन धूल और जाले जमा हैं जो हाथ से नहीं निकल रहे, तो हेयर ड्रायर का ‘कूल मोड’ इस्तेमाल करें। बेड के एक तरफ गीला पोछा बिछा दें और दूसरी तरफ से हेयर ड्रायर की तेज हवा बेड के पीछे मारें। सारी धूल उड़कर सीधे गीले पोछे पर आकर चिपक जाएगी, जिससे वह कमरे में फैलने से बच जाएगी।
3. वैक्यूम क्लीनर का क्रेविस टूल (Crevice Attachment) वैक्यूम क्लीनर के साथ आने वाला लंबा और पतला नोजल (क्रेविस टूल) विशेष रूप से ऐसी ही संकरी जगहों के लिए डिजाइन किया जाता है। महीने में कम से कम दो बार इस पतले नोजल को बेड के पीछे डालकर पूरी धूल और डस्ट माइट्स को खींच लें।
4. माइक्रोफाइबर फ्लैक्सिबल डस्टर का इस्तेमाल बाजार में आजकल मुड़ने वाले (Flexible) और लंबे हैंडल वाले माइक्रोफाइबर डस्टर आसानी से मिल जाते हैं। इनके लचीले ब्लेड को किसी भी कोण पर मोड़ा जा सकता है, जिससे यह बेड के हेडबोर्ड के पीछे और नीचे तक पहुंचकर धूल को सोख लेते हैं।
बेड के पीछे धूल जमने से कैसे रोकें?
-
हेडबोर्ड कवर का इस्तेमाल: बेड के हेडबोर्ड पर धोने योग्य (Washable) फैब्रिक कवर चढ़ाएं, जिसे हर 15 दिन में उतारकर धोया जा सके।
-
गीला पोछा तकनीक: बेड के पीछे झाड़ू कभी न लगाएं; सूखी झाड़ू से धूल उड़कर गद्दे और तकियों पर बैठ जाती है। हमेशा हल्के गीले कपड़े या स्प्रे मॉप का उपयोग करें।
-
बेकिंग सोडा और कपूर का छिड़काव: सफाई के बाद बेड के पीछे हल्का-सा बेकिंग सोडा और पिसा हुआ कपूर छिड़कने से वहां कीड़े, खटमल या सीलन की बदबू पैदा नहीं होती।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया