‘नीला ड्रम कांड’ में कोर्ट से दोषी करार होते ही फूट-फूटकर रो पड़े मुस्कान और साहिल, जेल में नहीं उतरा गले से खाना

देश भर को झकझोर कर रख देने वाले सनसनीखेज ‘नीला ड्रम कांड’ में अदालत का अंतिम फैसला आते ही मुख्य अभियुक्तों की हेकड़ी और बेरुखी आंसुओं के सैलाब में बदल गई। अदालत द्वारा हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने के गंभीर आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बाद मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके साथी साहिल की हालत पूरी तरह पस्त नजर आई। कोर्ट रूम से लेकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचने तक दोनों के चेहरों पर खौफ और किए का पछतावा साफ देखा गया। जेल प्रशासन के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोषी करार दिए जाने के बाद से ही दोनों लगातार फूट-फूटकर रो रहे हैं और उन्होंने बुधवार की पूरी रात जेल की अपनी बैरकों में न तो एक निवाला खाया और न ही एक पल के लिए सो सके।

कोर्ट रूम में जज का फैसला सुनते ही कांपने लगे पैर, छलक पड़े आंसू

अदालत में जब मामले की अंतिम सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देने का आदेश सुनाया, तो कोर्ट रूम का माहौल पूरी तरह शांत हो गया। फैसला सुनते ही कठघरे में खड़ी मुस्कान अपना सिर पकड़कर वहीं बैठ गई और सुबक-सुबक कर रोने लगी। वहीं दूसरी तरफ साहिल के चेहरे का रंग पूरी तरह उड़ चुका था और उसके हाथ-पैर कांपने लगे थे। जिस बेदर्दी और ठंडे दिमाग से इस हत्याकांड की पटकथा रची गई थी, कोर्ट के फैसले के बाद आरोपियों के चेहरे पर वह आक्रामकता कहीं नजर नहीं आई। पुलिस अभिरक्षा में जब दोनों को बाहर निकाला जा रहा था, तब भी वे मीडिया के कैमरों से नजरें चुराते हुए केवल आंसुओं से अपना चेहरा छिपाते दिखे।

जेल में कटी करवटों भरी रात: थाली को हाथ तक नहीं लगाया, पानी पीकर काटा वक्त

दोषी ठहराए जाने के बाद दोनों को संबंधित जेल में दाखिल कराया गया। जेल प्रशासन के प्रोटोकॉल के मुताबिक जब शाम को सभी कैदियों के साथ उन्हें भी खाना परोसा गया, तो दोनों ने भोजन की थाली को हाथ तक नहीं लगाया। महिला वार्ड में बंद मुस्कान रात भर अपनी कोठरी के कोने में बैठी रोती रही। महिला जेल प्रहरियों ने कई बार उसे खाना खाने और समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने सिर्फ इनकार में सिर हिला दिया। वहीं पुरुष बैरक में बंद साहिल का भी यही हाल रहा। उसने भी रात का खाना लेने से साफ इनकार कर दिया और केवल पानी पीकर पूरी रात जागते हुए काटी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है, ताकि वे मानसिक तनाव में कोई अप्रिय कदम न उठा लें।

क्या था खौफनाक ‘नीला ड्रम कांड’ जिसने हर किसी की रूह कंपा दी थी?

यह पूरा मामला तब सामने आया था जब किराए के मकान से बदबू आने के बाद पुलिस ने छापेमारी की थी और कमरे में रखे एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम से क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि अवैध संबंधों, लालच और साजिश के चलते मृतक की बेरहमी से हत्या की गई थी। इसके बाद लाश की पहचान मिटाने और दुर्गंध को दबाने के लिए शव के टुकड़े कर उसे नीले ड्रम में केमिकल और नमक डालकर बंद कर दिया गया था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। महीनों चली कानूनी बहस और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया। अब सभी की निगाहें अदालत द्वारा तय की जाने वाली सजा के ऐलान पर टिकी हैं।

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