शरीर पर दाद सिर्फ स्किन प्रॉब्लम नहीं: हो सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बड़ा खतरा, नई मेडिकल रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

त्वचा पर लाल चकत्ते, तेज खुजली, असहनीय जलन और फफोले—आमतौर पर लोग इसे साधारण चर्म रोग या दाद मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या केवल कोई स्किन ऑइंटमेंट लगाकर छोड़ देते हैं। लेकिन यदि आप भी इसे महज एक कॉस्मेटिक या सतही समस्या समझ रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल रिसर्च और कार्डियोलॉजी अध्ययनों में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, दाद यानी हर्पीज जोस्टर (Herpes Zoster / Shingles) केवल त्वचा तक सीमित रहने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह आपके दिल और दिमाग की नसों को सीधे प्रभावित कर हार्ट अटैक (Heart Attack) और ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) का जोखिम काफी हद तक बढ़ा देती है।

दाद और हार्ट अटैक का क्या है सीधा कनेक्शन?

मेडिकल साइंस के अनुसार, दाद का यह गंभीर रूप वैरिसेला-जोस्टर वायरस (Varicella-Zoster Virus) के दोबारा सक्रिय होने से होता है—यह वही वायरस है जो बचपन में चिकनपॉक्स (छोटी माता) का कारण बनता है।

जब किसी व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर होती है, तो यह सुप्त वायरस नसों में दोबारा सक्रिय हो जाता है:

  • रक्त वाहिकाओं में गंभीर सूजन (Vascular Inflammation): जब यह वायरस त्वचा की नसों से होकर रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) तक पहुंचता है, तो यह धमनियों की अंदरूनी परत में तेज सूजन पैदा कर देता है।

  • ब्लड क्लॉटिंग (खून के थक्के जमना): धमनियों में सूजन आने से रक्त का प्रवाह बाधित होता है और नसों में ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। यदि यह थक्का हृदय तक जाने वाली कोरोनरी आर्टरी में फंस जाए तो हार्ट अटैक आता है, और यदि यह दिमाग की नस में रुकावट डाले तो जानलेवा इस्केमिक स्ट्रोक का कारण बनता है।

  • ब्लड प्रेशर में अचानक उछाल: दाद के कारण होने वाले असहनीय नसों के दर्द (न्यूरोपैथिक पेन) और तनाव के चलते शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन) का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो जाता है।

रिसर्च के आंकड़े: संक्रमण के पहले कुछ महीनों में सबसे ज्यादा खतरा

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) और प्रमुख मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार:

  • शुरुआती 30 दिन बेहद नाजुक: शिंगल्स (दाद) के लक्षण उभरने के पहले महीने के भीतर स्ट्रोक का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में 30% से 50% तक बढ़ जाता है।

  • चेहरे और आंखों के पास दाद ज्यादा खतरनाक: यदि दाद गर्दन, चेहरे या आंखों के आसपास (Ophthalmic Zoster) हुआ है, तो स्ट्रोक का जोखिम तीन गुना तक बढ़ जाता है क्योंकि यह इलाका सेरेब्रल ब्लड वेसल्स (दिमाग की नसों) के बेहद करीब होता है।

  • दीर्घकालिक प्रभाव: शोध बताते हैं कि संक्रमण ठीक होने के एक साल बाद तक पीड़ित व्यक्ति में कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

यदि शरीर पर दाद के साथ नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सकीय सहायता लें:

  1. सीने में भारीपन, जकड़न या बाएं हाथ व जबड़े की तरफ फैलता दर्द।

  2. अचानक बोलने में लड़खड़ाहट, चेहरे का एक तरफ झुकना या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी।

  3. अचानक सिर में तेज दर्द, चक्कर आना या आंखों से धुंधला दिखना।

  4. सांस लेने में तकलीफ या बिना वजह अत्यधिक पसीना आना।

बचाव और विशेषज्ञों की सलाह

  • 72 घंटे के भीतर एंटीवायरल इलाज: स्किन पर दाद के दाने या तेज तंत्रिका दर्द (Nerve Pain) शुरू होते ही पहले 72 घंटों के भीतर डॉक्टर से संपर्क करें और निर्धारित एंटीवायरल दवाएं शुरू करें। इससे वायरस का फैलाव रुकता है और धमनियों में सूजन का खतरा घटता है।

  • वैक्सीनेशन (टीकाकरण): 50 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए शिंगल्स वैक्सीन (Shingles Vaccine) उपलब्ध है, जो इस संक्रमण और इसके कार्डियोवैस्कुलर जोखिमों को काफी हद तक रोकती है।

  • हार्ट और बीपी की नियमित जांच: यदि आपको शिंगल्स हुआ है और आपकी उम्र 45 वर्ष से अधिक है या आप पहले से बीपी/डायबिटीज के मरीज हैं, तो रिकवरी के दौरान अपने कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य पर कड़ी नजर रखें।

(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, दाद के लक्षण या हृदय संबंधी परेशानी के मामले में तुरंत योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लें।)

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