राज्यसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुईं कोयल मल्लिक: पार्टी ने पहले ही घोषित किया था उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दलबदल और सियासी समीकरणों का खेल लगातार तेज होता जा रहा है। बंगाली सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और पूर्व सांसद कोयल मल्लिक (रुक्मिणी मल्लिक) सोमवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने उनके पार्टी में शामिल होने की औपचारिक घोषणा से एक दिन पहले ही उन्हें पश्चिम बंगाल से राज्यसभा उपचुनाव का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया था।

पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करने के बाद कोयल मल्लिक ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया है।

4 महीने में ही छोड़ दिया था टीएमसी का साथ

कोयल मल्लिक के राजनीतिक सफर में यह बदलाव बेहद नाटकीय रहा है:

  • मार्च 2026 में टीएमसी से बनी थीं सांसद: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मार्च 2026 में कोयल मल्लिक को राज्यसभा भेजा था।

  • एक भी सत्र में नहीं लिया हिस्सा: बतौर सांसद शपथ लेने के बावजूद उन्होंने संसद के किसी भी सत्र की कार्यवाही में भाग नहीं लिया।

  • जुलाई में दिया इस्तीफा: संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले जुलाई 2026 में उन्होंने अप्रत्याशित रूप से उच्च सदन की सदस्यता और टीएमसी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के चलते ही पश्चिम बंगाल की यह राज्यसभा सीट खाली हुई थी, जिस पर अब 16 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।

बीजेपी में शामिल होकर क्या बोलीं कोयल मल्लिक?

बीजेपी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कोयल मल्लिक ने अपने फैसले का बचाव किया और अपनी मंशा साफ की:

  • ‘जनता की सेवा का मौका’: उन्होंने कहा, “मैं हमेशा एक नागरिक के रूप में देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। मैं किसी भी पार्टी को नीचा नहीं दिखाना चाहती। मैंने बीजेपी का दामन इसलिए थामा है क्योंकि मुझे लगता है कि यहां मुझे बंगाल की जनता और युवाओं की सेवा करने का सही अवसर मिलेगा।”

  • प्रतिभा पलायन और रोजगार पर फोकस: उन्होंने कहा कि राज्य में नई व्यवस्था के तहत ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है जिससे बंगाल के हुनर और युवाओं को राज्य से बाहर न जाना पड़े।

  • टीएमसी से नहीं कोई शिकायत: जब उनसे पूछा गया कि क्या टीएमसी में जाना उनकी गलती थी, तो उन्होंने सधा हुआ जवाब देते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल के काम करने का अपना तौर-तरीका होता है और उनके मन में किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है।

विपक्ष का तंज, बीजेपी ने बताया नई शुरुआत

कोयल मल्लिक के इस कदम पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं:

  • माकपा (CPI-M) का तंज: वामपंथी नेता शतरूप घोष ने बीजेपी पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें भाजपा के उन पुराने जमीनी कार्यकर्ताओं पर तरस आता है जो दशकों से झंडा उठा रहे हैं, लेकिन पार्टी हाईकमान बार-बार टीएमसी से आए नेताओं को ही संसद भेज देता है।

  • टीएमसी का बयान: टीएमसी के बागी व अन्य नेताओं का कहना है कि हर जनप्रतिनिधि को अपना राजनीतिक रुख तय करने का अधिकार है, लेकिन जनता अवसरवादिता को भली-भांति समझती है।

  • बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया: वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के कई अन्य वरिष्ठ नेता और सांस्कृतिक हस्तियां भी बीजेपी के विकास के विजन से जुड़ने के लिए कतार में हैं।

16 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की इस एक सीट पर मतदान होना है। बंगाल विधानसभा में बदले संख्याबल के बीच कोयल मल्लिक की यह उम्मीदवारी राज्य की सांस्कृतिक और राजनीतिक फिजा में एक नई हलचल पैदा कर चुकी है।

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