
स्वस्थ रहने और शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन सबसे प्राथमिक पोषक तत्वों में से एक माना जाता है। इसे हमारे शरीर का ‘बिल्डिंग ब्लॉक’ कहा जाता है, जो त्वचा, बाल, हड्डियों, मांसपेशियों और विभिन्न प्रकार के एंजाइमों के निर्माण व मरम्मत में लगातार सक्रिय रहता है। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि एक दिन में आखिर कितना प्रोटीन खाना चाहिए। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि प्रोटीन की अधिक आवश्यकता सिर्फ जिम जाने वाले युवाओं या बॉडीबिल्डर्स को ही होती है, जबकि सच्चाई यह है कि बच्चों के विकास से लेकर बुजुर्गों में मांसपेशियों के क्षरण (सार्कोपेनिया) को रोकने तक हर उम्र के व्यक्ति को इसकी पर्याप्त खुराक की नियमित आवश्यकता होती है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक सामान्य वयस्क को प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर औसतन 0.8 से 1.0 ग्राम प्रोटीन रोजाना लेना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी वयस्क का आदर्श वजन 60 किलोग्राम है, तो उसे प्रतिदिन लगभग 48 से 60 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। हालांकि, यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, जेंडर, शारीरिक गतिविधि (फिजिकल एक्टिविटी) और गर्भावस्था जैसी विशेष शारीरिक स्थितियों के आधार पर भिन्न हो सकती है।
उम्र और जरूरत के अनुसार प्रोटीन की दैनिक मात्रा का गणित
बच्चों के तेजी से बढ़ते शरीर के लिए प्रोटीन अनिवार्य होता है। 1 से 3 साल के नन्हे बच्चों को रोजाना लगभग 12 से 13 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। 4 से 8 साल के बच्चों के लिए यह मात्रा बढ़कर 19 ग्राम प्रतिदिन हो जाती है, जबकि 9 से 13 वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन लगभग 34 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है। किशोरावस्था (14 से 18 वर्ष) में शारीरिक बदलावों और हड्डियों-मांसपेशियों के तेजी से विकास के कारण लड़कों को रोजाना करीब 52 ग्राम और लड़कियों को लगभग 46 ग्राम प्रोटीन लेने की सलाह दी जाती है।
वयस्कों के स्तर पर, एक सामान्य निष्क्रिय जीवनशैली (Sedentary Lifestyle) जीने वाले पुरुष को प्रतिदिन औसतन 54 से 60 ग्राम और महिला को लगभग 46 से 50 ग्राम प्रोटीन का उपभोग करना चाहिए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के मामले में यह जरूरत काफी बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें भ्रूण के विकास और दूध निर्माण के लिए अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है; ऐसे में उन्हें सामान्य से 15 से 20 ग्राम अतिरिक्त प्रोटीन रोजाना लेना जरूरी होता है। वहीं 50 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को मांसपेशियों की कमजोरी और फ्रैक्चर के जोखिम से बचने के लिए प्रति किलोग्राम वजन पर 1.0 से 1.2 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है।
वर्कआउट और एथलीटों के लिए प्रोटीन का विशेष पैमाना
यदि आप नियमित रूप से जिम जाते हैं, भारी वजन उठाते हैं या मैराथन जैसी सहनशक्ति (Endurance) वाली गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो मांसपेशियों के फाइबर तेजी से टूटते हैं। ऐसे सक्रिय व्यक्तियों को अपने शरीर के प्रति किलोग्राम वजन के अनुपात में 1.2 से लेकर 2.0 ग्राम तक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए, 70 किलो वजन वाले किसी स्ट्रेंथ-ट्रेनिंग एथलीट को रोजाना 100 से 140 ग्राम तक प्रोटीन की जरूरत पड़ सकती है। इस अतिरिक्त मात्रा की पूर्ति केवल सामान्य भोजन से या जरूरत पड़ने पर प्रमाणित व्हे प्रोटीन (Whey Protein) सप्लीमेंट से की जा सकती है।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि प्रोटीन का संतुलन बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। बिना जरूरत के बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ सकता है और पहले से किडनी की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए यह नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए किसी भी एक्सट्रीम हाई-प्रोटीन डाइट को अपनाने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।
शाकाहारी और मांसाहारी दोनों के लिए बेहतरीन प्रोटीन स्रोत
प्रोटीन की दैनिक जरूरत को पूरा करने के लिए आहार में विविधता लाना सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है। शाकाहारी लोगों के लिए दालें (मूंग, मसूर, अरहर), चना, राजमा, सोयाबीन, पनीर, टोफू, ग्रीक योगर्ट और चिया सीड्स बेहतरीन विकल्प हैं। 100 ग्राम पनीर से लगभग 18 ग्राम और 100 ग्राम उबले चने से करीब 8 से 9 ग्राम प्रोटीन प्राप्त हो जाता है। सोयाबीन को शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का ‘पावरहाउस’ माना जाता है, जिसमें प्रति 100 ग्राम लगभग 36 ग्राम प्रोटीन मौजूद होता है।
मांसाहारी खानपान में अंडे की सफेदी (Egg White), चिकन ब्रेस्ट, मछली और मटन प्रोटीन के संपूर्ण स्रोत (Complete Proteins) माने जाते हैं, जिनमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स (Essential Amino Acids) मौजूद होते हैं। एक पूरे अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट से लगभग 25 से 30 ग्राम तक शुद्ध प्रोटीन मिल जाता है। भोजन में प्रोटीन को दिन भर के तीन मुख्य मील्स (नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का खाना) में बराबर बांटकर खाने से शरीर उसका अवशोषण सबसे प्रभावी ढंग से करता है।
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