
नई दिल्ली। देश में चुनावी बिगुल फूंकने के साथ ही निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने चुनावी शुचिता बनाए रखने के लिए अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी कर दी है। चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) के उल्लंघन पर लगाम लगाने और अवैध धन व सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए जमीन पर ‘सुपरफास्ट’ टीमों की फौज उतार दी है। आयोग की इस सख्त रणनीति से राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों में खलबली मच गई है।
फ्लाइंग स्क्वॉड्स और सर्विलांस टीमों का चक्रव्यूह
स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में 5,000 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड्स (उड़नदस्ते) और 5,200 से ज्यादा स्टेटिक सर्विलांस टीमों (SST) को तैनात किया है। ये टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहेंगी। फ्लाइंग स्क्वॉड्स को खास तौर पर उन जगहों पर तैनात किया गया है, जहां अवैध नकदी, शराब या उपहार बांटने की सूचना मिलने की संभावना अधिक है। वहीं, स्टेटिक टीमें प्रमुख रास्तों और नाकों पर सघन चेकिंग अभियान चलाएंगी ताकि चुनाव को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
100 मिनट का ‘डेडलाइन’: शिकायत मिलते ही होगा एक्शन
आयोग ने इस बार तकनीक और त्वरित कार्रवाई के तालमेल पर विशेष जोर दिया है। निर्वाचन आयोग ने लक्ष्य रखा है कि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की कोई भी शिकायत मिलने पर उसका निपटारा महज 100 मिनट के भीतर कर दिया जाएगा। इसके लिए ‘cVIGIL’ ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। जैसे ही कोई नागरिक ऐप के माध्यम से उल्लंघन की फोटो या वीडियो अपलोड करेगा, नजदीकी फ्लाइंग स्क्वॉड को तुरंत अलर्ट जाएगा और तय समय सीमा के भीतर मामले की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
चुनाव की शुचिता के लिए आयोग का सख्त संदेश
निर्वाचन आयोग की इस अभूतपूर्व तैनाती का मकसद केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि एक डर पैदा करना भी है ताकि कोई भी आचार संहिता की धज्जियां न उड़ा सके। आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उड़नदस्तों को जीपीएस के जरिए ट्रैक किया जा रहा है ताकि उनकी लोकेशन और रिस्पॉन्स टाइम पर सीधी नजर रखी जा सके। इस सख्त निगरानी तंत्र से आयोग ने यह संदेश दे दिया है कि इस बार चुनाव में ‘बाहुबल’ और ‘धनबल’ की जगह केवल लोकतंत्र की आवाज गूंजेगी।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया