
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 को आसमान में भयानक हादसे से बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सेहत को लेकर बड़ा और गंभीर मेडिकल अपडेट सामने आया है। कॉकपिट में ओमानी को-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले के दौरान कैप्टन स्मित के सिर पर इतनी जोर से वार किया गया था कि उनकी खोपड़ी की हड्डी टूटकर अंदर की तरफ धंस गई थी। चिकित्सा विज्ञान में इस गंभीर स्थिति को ‘डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर’ (Depressed Skull Fracture) कहा जाता है। गंभीर चोट और दिमाग पर हड्डी के दबाव को देखते हुए डॉक्टरों को उनकी तत्काल आपातकालीन न्यूरोसर्जरी करनी पड़ी, जिसके बाद अब उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार देखा जा रहा है।
कॉकपिट क्रैश ऐक्स से हमला और डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर का खतरा
प्राप्त जानकारी और मेडिकल रिपोर्टों के अनुसार, बीच हवा में जब विमान 33,000 फीट की ऊंचाई पर था, तब ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी ‘क्रैश ऐक्स’ (कुल्हाड़ी) उठाकर कैप्टन स्मित मच्छार पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुल्हाड़ी के सीधे प्रहार से कैप्टन के सिर की बाहरी हड्डी टूटकर अंदरूनी हिस्से की ओर दब गई। डॉक्टरों के मुताबिक, डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर एक अत्यधिक नाजुक और जानलेवा स्थिति होती है, क्योंकि इसमें टूटी हुई हड्डी का टुकड़ा सीधे मस्तिष्क के ऊतकों (Brain Tissues) पर दबाव डालने लगता है। यदि समय रहते आपातकालीन सर्जरी न की जाए, तो आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) और स्थाई मस्तिष्क क्षति का खतरा पैदा हो जाता है।
सऊदी अरब के तबुक में हुई सफल सर्जरी, अब अबू धाबी में इलाज
हमले के बाद जब विमान की सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, तो कैप्टन मच्छार को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वहां विशेषज्ञ न्यूरोसर्जन की टीम ने उनकी खोपड़ी की जटिल सर्जरी की और धंसे हुए हड्डी के हिस्से को मस्तिष्क से अलग कर खोपड़ी की संरचना को रीकंस्ट्रक्ट किया। सिर के अलावा कैप्टन के हाथों, सीने और पेट के ऊपरी हिस्से पर भी गंभीर वार के निशान थे। सऊदी अरब में प्राथमिक सर्जरी और स्थिति स्थिर होने के बाद उन्हें बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए अबू धाबी के प्रतिष्ठित मिलिट्री हॉस्पिटल में एयरलिफ्ट किया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
फर्श पर खून से लथपथ होने के बावजूद नहीं टूटने दिया हौसला
कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस तरह की अदम्य इच्छाशक्ति दिखाई, वह दुनिया भर के उड्डयन इतिहास में विरले ही देखने को मिलती है। सिर पर लगातार कुल्हाड़ी के वार होने, आंख के सामने अंधेरा छाने और कॉकपिट के फर्श पर तेजी से खून बहने के बावजूद उन्होंने अपनी सुधबुध नहीं खोई। वे अच्छी तरह जानते थे कि हमलावर विमान को क्रैश करने की कोशिश कर रहा है और विमान तेजी से 18,000 फीट नीचे गिर रहा था। कैप्टन ने अपनी बची हुई पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का आंतरिक सुरक्षा दरवाजा अनलॉक कर दिया। दरवाजा खुलते ही बाहर मौजूद यात्री और केबिन क्रू अंदर पहुंचे और उन्होंने हमलावर को रस्सियों व केबल्स से बांधकर काबू में किया, जिससे विमान में सवार 170 से अधिक निर्दोष लोगों की जान बच सकी।
पीएम मोदी से बातचीत: ‘मैं 170 यात्रियों को मरने नहीं दे सकता था’
अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे कैप्टन स्मित मच्छार से पिछले दिनों भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर उनके हालचाल जाने थे। बातचीत के दौरान कैप्टन ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया था कि जब वे फर्श पर पड़े थे और उन पर लगातार हमले हो रहे थे, तब उन्होंने खुद से कहा कि यह उनकी आखिरी सांस हो सकती है लेकिन उन्हें दरवाजा खोलना ही होगा। उन्होंने कहा था, “मैं अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा था, लेकिन मेरे दिमाग में यह बात बिल्कुल साफ थी कि मेरे पीछे 170 से ज्यादा मासूम लोगों का जीवन है और मैं उन्हें किसी भी कीमत पर मरने नहीं दूंगा”।
वैश्विक स्तर पर वीरता को सलाम, जल्द सामान्य होने की उम्मीद
कैप्टन स्मित मच्छार की इस बहादुरी की गूंज वैश्विक पटल पर सुनाई दे रही है। भारत, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात समेत दुनिया भर के शीर्ष नेताओं और उड्डयन विशेषज्ञों ने उन्हें एक सच्चा ‘ग्लोबल हीरो’ करार दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर की इतनी गंभीर चोट के बाद रिकवरी प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन कैप्टन की मानसिक दृढ़ता और सफल सर्जरी के चलते वे बहुत तेजी से सुधार की ओर बढ़ रहे हैं। उनके परिवार को भी अस्पताल में मिलने की अनुमति दे दी गई है और मेडिकल टीम को उम्मीद है कि वे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने पैरों पर खड़े होंगे।
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