
उत्तर प्रदेश की आबोहवा में इन दिनों दोतरफा मौसमी बदलाव साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है, जहां दिन के समय तेज धूप और चिपचिपी उमस लोगों के पसीने छुड़ा रही है, वहीं शाम ढलते ही चलने वाली हल्की पुरवाई हवाएं मौसम में नरमी का अहसास करा रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, लेकिन वायुमंडल में मौजूद नमी और स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण के चलते कई इलाकों में कभी बादलों की आवाजाही तो कभी तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तीखी धूप और छिटपुट बारिश का यह लुकाछिपी का खेल चलता रहेगा, जिसके बाद तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी और प्रदेशवासियों को गुलाबी ठंड का अहसास होने लगेगा।
दिन में तेज धूप और उमस का सितम, पारे में उतार-चढ़ाव जारी
वर्तमान में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बरेली समेत अधिकांश मैदानी जनपदों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर बना हुआ है। दिन के समय सूर्य की तीखी किरणें और हवा में उच्च आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) के कारण लोगों को भारी उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के वक्त सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है और पंखे-कूलर की हवा भी राहत नहीं दे पा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कई शहरों में दिन का पारा 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया जा रहा है, जिससे अक्टूबर के महीने में भी लोगों को ज्येष्ठ जैसी तपन का अनुभव हो रहा है।
पूर्वी और तराई इलाकों में बादलों का डेरा, हल्की बारिश का अलर्ट
उमस भरी गर्मी के इस माहौल के बीच बादलों की सक्रियता ने कई जिलों में अचानक मौसम का रुख बदल दिया है। मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, तराई बेल्ट और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, गोंडा, बस्ती, देवरिया और कुशीनगर में स्थानीय स्तर पर ट्रफ रेखा और नमी के संचय से गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और आगरा में मौसम अधिकांशतः शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन आसमान में बादलों के आने-जाने से धूप की तीव्रता कभी-कभी कम हो जाती है। यह स्थानीय मौसमी असंतुलन तब तक बना रहेगा जब तक कि मानसूनी हवाएं पूरी तरह से विदा होकर उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं को रास्ता नहीं दे देतीं।
अक्टूबर के मध्य से दस्तक देगी गुलाबी ठंड, रातें होंगी ठंडी
मौसम विशेषज्ञों का आकलन है कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े से उत्तर प्रदेश के मौसम में निर्णायक मोड़ आएगा। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी की शुरुआत होते ही उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं यूपी के मैदानी इलाकों की ओर रुख करेंगी। इन शुष्क और ठंडी हवाओं के प्रवेश करते ही वातावरण की नमी तेजी से घटेगी और न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिलेगी। इसके प्रभाव से रात और अलसुबह के समय पंखे बंद करने की नौबत आ जाएगी और हवा में हल्की सिहरन महसूस होने लगेगी, जिसे आम बोलचाल में ‘गुलाबी ठंड’ कहा जाता है। दीपावली तक आते-आते सुबह के समय हल्की धुंध और कोहरा भी नजर आने लगेगा।
बदलते मौसम में सेहत को लेकर डॉक्टरों की सलाह
धूप, उमस, बारिश और फिर अचानक गिरते पारे का यह उतार-चढ़ाव मौसमी बीमारियों को तेजी से दावत दे रहा है। अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार, खांसी और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। चिकित्सकों का परामर्श है कि दिन में तेज धूप से सीधे एसी में जाने से बचें और भरपूर मात्रा में पानी पीएं। अलसुबह या देर रात घर से बाहर निकलते समय हल्के फुल-आस्तीन के कपड़े पहनें, ताकि अचानक ठंड लगने से बचा जा सके। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर वायरल संक्रमण का खतरा सर्वाधिक रहता है।
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