
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से स्वास्थ्य जगत को हैरान कर देने वाला एक बेहद दुर्लभ मामला सामने आया है, जहां दो महिलाओं में पेट के कैंसर (गैस्ट्रिक कैंसर) की पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि इन दोनों मरीजों में जो लक्षण दिखाई दे रहे थे, वे शुरुआत में पूरी तरह ओवेरियन ट्यूमर (अंडाशय के ट्यूमर) जैसे प्रतीत हो रहे थे, जिसके कारण डॉक्टरों के लिए भी सही बीमारी की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ श्रेणी में आते हैं, जिनमें कैंसर का प्राथमिक स्रोत पेट होता है लेकिन इसके लक्षण महिलाओं के प्रजनन अंगों पर असर डालते हैं।
ओवेरियन ट्यूमर और पेट के कैंसर का उलझा हुआ कनेक्शन
मेडिकल भाषा में इस जटिल स्थिति को क्रुकेनबर्ग ट्यूमर (Krukenberg Tumor) या मेटास्टेटिक गैस्ट्रिक कैंसर के रूप में जाना जाता है, जिसमें पेट या आंत का कैंसर फैलकर ओवरी तक पहुंच जाता है। मुंबई के डॉक्टरों के मुताबिक, जब ये दोनों महिलाएं पेट दर्द और पेट में सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचीं, तो शुरुआती सोनोग्राफी और सीटी स्कैन रिपोर्ट देखकर ऐसा लगा कि मामला ओवेरियन कैंसर का है। हालांकि, जब डॉक्टरों ने गहन जांच और बायोप्सी की प्रक्रिया पूरी की, तो पता चला कि असल बीमारी पेट के भीतर छिपी हुई थी और कैंसर वहां से फैलकर दूसरे अंगों को प्रभावित कर रहा था।
समय पर पहचान और विशेषज्ञों की चेतावनी
इस दुर्लभ और चौंकाने वाले मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि महिलाओं में पेट से जुड़े छोटे-छोटे लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में शुरुआती स्तर पर सही डायग्नोसिस न होने के कारण इलाज में देरी हो सकती है, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। फिलहाल, मुंबई के इन दोनों मामलों में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा सफल सर्जरी और आधुनिक कीमोथेरेपी प्रोटोकॉल के जरिए इलाज शुरू कर दिया गया है, जो इस तरह की जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाता है।
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