“नॉट कूल”: पीएम मोदी पर टिप्पणी को लेकर ध्रुव राठी पर भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग

सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी बेबाक राय के लिए चर्चा में रहने वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार उनका निशाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे, जिस पर एक्ट्रेस और पूर्व उम्मीदवार गुल पनाग ने कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए गुल पनाग ने उन्हें लोकतंत्र की गरिमा और मर्यादा की याद दिलाई है।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत 19 मई को हुई जब ध्रुव राठी ने पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में एक नॉर्वेजियन पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर पीएम मोदी के वहां से चले जाने को ध्रुव राठी ने आधार बनाया। ध्रुव ने इस घटना पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री को हर जगह सवाल किए जाने चाहिए और उन्हें इतना “शर्मिंदा” किया जाना चाहिए कि वे जवाब देने के लिए मजबूर हो जाएं।

गुल पनाग का पलटवार: “ये लोकतंत्र है, अपमान नहीं”

ध्रुव राठी की इस टिप्पणी को लेकर गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ध्रुव के ट्वीट को री-शेयर करते हुए लिखा, “नॉट कूल”। अपने तर्क में उन्होंने कहा:

  • लोकतंत्र में किसी को सरकार या प्रधानमंत्री से असहमति का पूरा अधिकार है।

  • आप विरोध कर सकते हैं, वोट बदल सकते हैं, यह आपका अधिकार है।

  • लेकिन, विदेश में भारत के प्रधानमंत्री के पद को नीचा दिखाना, उनके व्यक्तित्व का मजाक उड़ाना और उन्हें विदेशी धरती पर अपमानित करने की अपील करना गलत है। यह प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि देश और उसकी संस्था का अपमान है।

ध्रुव राठी का विवादित ट्वीट

ध्रुव राठी ने अपने पोस्ट में लिखा था, “मोदी जहां जाते हैं, उन्हें बेइज्जत होना ही चाहिए। पिछले 12 सालों में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। वे यूरोपियन पत्रकारों से अपील करते हैं कि वे मोदी से सवाल पूछें और उन्हें इतना शर्मिंदा करें कि वे जवाब देने के लिए मजबूर हो जाएं।” इसी मांग को लेकर सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं। जहां कुछ लोग ध्रुव राठी के समर्थन में तर्क दे रहे हैं कि यह जवाबदेही की मांग है, वहीं गुल पनाग जैसे कई लोग इसे ‘मर्यादा का उल्लंघन’ मान रहे हैं।

ध्रुव राठी और उनके विवादास्पद वीडियो

यह पहली बार नहीं है जब ध्रुव राठी चर्चा में हैं। वे अपने यूट्यूब वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लगातार भारत सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। एक पक्ष उन्हें ‘लोकतंत्र का प्रहरी’ मानता है, तो दूसरा पक्ष उन्हें ‘प्रोपेगेंडा फैलाने वाला’ कहकर ट्रोल करता है। फिलहाल, गुल पनाग की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है, जहां लोग देश के सर्वोच्च पद की गरिमा बनाम अभिव्यक्ति की आजादी पर अपनी राय रख रहे हैं।

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