मंदाकिनी नदी में भारी बारिश के बाद फिर आया भयानक उफान: खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी एक बार फिर पूरे उफान पर आ गई है। महज अड़तालीस घंटे के भीतर जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे नदी खतरे के निशान को पार करते हुए दो मीटर ऊपर बहने लगी है। नदी के विकराल रूप को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। तटीय क्षेत्रों, निचले रिहायशी इलाकों और प्रमुख स्नान घाटों पर पानी भर जाने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय पुलिस और राहत-बचाव दल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए हैं।

घाट जलमग्न और निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी

मंदाकिनी के जलस्तर में अचानक हुई इस भारी बढ़ोतरी से किनारे बने सभी प्रमुख घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। कई प्रमुख मंदिरों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच चुका है और घाटों पर लगी दुकानें तथा अस्थायी निर्माण बहने की कगार पर आ गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और नाविकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने के निर्देश जारी किए गए हैं। नदी के आसपास बसे निचले मोहल्लों में पानी का तेज बहाव घुसने लगा है, जिसके कारण दर्जनों परिवारों को राहत शिविरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटवर्ती बस्तियों में लाउडस्पीकर के जरिए लगातार मुनादी करवाई जा रही है ताकि लोग समय रहते सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच सकें।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर: एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नदी किनारे संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग कर दी गई है और आम नागरिकों तथा श्रद्धालुओं के पानी के करीब जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की विशेष टुकड़ियों को मोटरबोट्स और लाइफ-सेविंग उपकरणों के साथ तैनात कर दिया गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से हर घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे राहत सामग्री, दवाओं, शुद्ध पेयजल और खाद्य पैकेटों का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखें।

लगातार मानसूनी बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने से बिगड़े हालात

मौसम विभाग के अनुसार ऊपरी पहाड़ी इलाकों और जलग्रहण क्षेत्रों में बीते तीन दिनों से रुक-रुक कर भारी वर्षा हो रही है। सहायक नदियों और बरसाती नालों का अतिरिक्त पानी सीधे मंदाकिनी में समाहित हो रहा है, जिससे नदी का वेग और जलस्तर दोनों खतरनाक स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले दो दिनों तक पानी में कुछ गिरावट देखी गई थी, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने जैसी मूसलाधार बारिश के बाद स्थिति फिर से गंभीर हो गई। जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक यदि बारिश का यही दौर जारी रहा तो जलस्तर में और अधिक बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय निवासियों, यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए सख्त सुरक्षा निर्देश

प्रशासन ने आम जनता और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नदी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे सेल्फी लेने, वीडियो बनाने या स्नान करने के उद्देश्य से घाटों और पुलों के करीब न जाएं। तेज बहाव वाले पुलों और रपटों पर यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को भी जलजनित बीमारियों और आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा के लिए मोबाइल मेडिकल वैन तैयार रखने को कहा गया है। स्थानीय नाविकों और गोताखोरों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी अनहोनी से तुरंत निपटा जा सके।

आगामी 48 घंटों के लिए मौसम का पूर्वानुमान और एहतियाती उपाय

मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटों के दौरान क्षेत्र में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जब तक जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आ जाता, तब तक तटीय इलाकों में धारा 144 के तहत पाबंदियां लागू रह सकती हैं। स्थानीय नगर निगम और पंचायत प्रशासन को नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को खुला रखने का जिम्मा सौंपा गया है ताकि शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। आपातकालीन स्थितियों के लिए जिला प्रशासन ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी सार्वजनिक कर दिए हैं, जिन पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

मंदाकिनी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर पर चौबीसों घंटे सैटेलाइट और वायरलेस नेटवर्क के जरिए नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी संभावित खतरे की पूर्व सूचना निचले गांवों तक त्वरित गति से पहुंचाई जा सके।

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