‘सतलुज’ बैन विवाद पर अकाली दल का बड़ा ऐलान- पंजाब के हर गांव में दिखाएंगे फिल्म, अकाल तख्त करेगा विशेष अरदास

मशहूर अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ की हालिया रिलीज फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर पंजाब का राजनीतिक और धार्मिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 3 जुलाई 2026 को ओटीटी प्लेटफॉर्म ज़ी5 (Zee5) पर रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर इस फिल्म को अचानक हटा दिया गया (बैन) था, जिसके बाद से सिख संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश है। अब इस विवाद में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त की सीधी एंट्री हो गई है।

सुखबीर सिंह बादल की हुंकार: आने वाली पीढ़ी जानेगी इतिहास

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया के जरिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अकाली दल इस फिल्म को पंजाब के हर गांव और हर कोने-कोने में पब्लिक स्क्रीनिंग के जरिए दिखाएगा। बादल ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान हजारों निर्दोष सिख युवाओं और मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद भाई जसवंत सिंह खालरा जैसी महान शख्सियत पर जो अमानवीय अत्याचार ढाए गए थे, यह फिल्म उसी काले दौर को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि देश को इस दर्दनाक इतिहास को जानने से रोका जा रहा है, जिसे अकाली दल बर्दाश्त नहीं करेगा।

क्या है फिल्म ‘सतलुज’ की असली कहानी?

हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सतलुज’ में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित है। 1990 के दशक में खालरा ने एक सनसनीखेज जांच में दावा किया था कि पंजाब पुलिस ने उग्रवाद के दौर में करीब 25,000 अज्ञात और लावारिस शवों का अवैध रूप से अंतिम संस्कार कर दिया था, जो असल में निर्दोष सिख युवा थे। बाद में खुद जसवंत सिंह खालरा भी लापता हो गए थे।

अकाल तख्त की विशेष अरदास और केंद्र की जांच समिति

इस संवेदनशील मुद्दे पर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने घोषणा की है कि आगामी 14 जुलाई को हरीके पत्तन में सतलुज नदी के किनारे एक विशेष धार्मिक सभा बुलाई जाएगी। इस सभा में पुलिस अत्याचार का शिकार हुए निर्दोष युवाओं की आत्मशांति और पीड़ित परिवारों के न्याय के लिए विशेष अरदास की जाएगी। दूसरी ओर, पंजाब भाजपा के अनुसार, बढ़ते विवाद को देखते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने तीन सदस्यीय समीक्षा समिति का गठन किया है, जो इस बात की जांच करेगी कि फिल्म को किन परिस्थितियों में ओटीटी से हटाया गया। इसी बीच, फिल्म यूट्यूब पर भी लीक हो गई है, जिस पर दिलजीत दोसांझ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ‘हुंड़ नहीं रुकनी फिल्म’ (अब यह फिल्म नहीं रुकेगी)।

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