नई दिल्ली: सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। साल 2026 में यह महापर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं, जिससे इस दिन किए गए कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। यदि आप इस अक्षय तृतीया पर अपने सपनों के घर में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, तो वास्तु और शास्त्रों के अनुसार कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि घर में हमेशा बरकत बनी रहे।
अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त
यूं तो पूरा दिन ही शुभ है, लेकिन 19 अप्रैल 2026 को अभिजित मुहूर्त विशेष फलदायी रहेगा:
-
समय: सुबह 11:55 से दोपहर 12:46 तक।
गृह प्रवेश के 7 महत्वपूर्ण नियम
1. मुख्य द्वार की भव्य सजावट
नए घर के मुख्य द्वार को घर का ‘मुख’ माना जाता है। गृह प्रवेश के दिन द्वार पर ताजे फूलों का तोरण, आम या अशोक के पत्तों की वंदनवार और सुंदर रंगोली जरूर बनाएं। यह सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी को आमंत्रित करने का संकेत है।
2. वास्तु शांति और हवन
घर में प्रवेश से पहले वास्तु शांति और नवग्रह पूजा अवश्य कराएं। इससे निर्माण के दौरान उत्पन्न हुए वास्तु दोष दूर होते हैं। गृह प्रवेश के समय एक कलश में जल या दूध भरकर रखें और उसे अगले दिन किसी मंदिर में दान करें।
3. शंख ध्वनि और ब्राह्मण पूजा
विधि-विधान से पूजा के लिए किसी योग्य विद्वान ब्राह्मण की सहायता लें। घर की दहलीज पार करते समय शंख जरूर बजाएं। शंख की ध्वनि नकारात्मक शक्तियों को घर से बाहर निकालती है और वातावरण को पवित्र बनाती है।
4. दाहिने पैर से ‘मंगल प्रवेश’
जब गृहस्वामी और उनकी पत्नी घर में प्रवेश करें, तो हमेशा दाहिना (सीधा) पैर सबसे पहले अंदर रखें। यह शुभता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
5. रसोई में पहली बार दूध उबालना
गृह प्रवेश के तुरंत बाद रसोई घर में चूल्हा जलाकर सबसे पहले दूध उबालना चाहिए। उफनता हुआ दूध घर में समृद्धि और वैभव का प्रतीक है। इसके बाद उस दूध से खीर या हलवा जैसा मीठा प्रसाद बनाकर भगवान को भोग लगाएं।
6. ब्राह्मण भोजन और दान
पूजा संपन्न होने के बाद ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं और सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा दें। अक्षय तृतीया के दिन किया गया दान अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) फल देता है, इसलिए इस दिन निर्धनों की सहायता भी जरूर करें।
7. दीपदान और रात्रि जागरण
गृह प्रवेश की रात घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। ध्यान रखें कि नए घर को पहली रात खाली नहीं छोड़ना चाहिए। परिवार के कम से कम एक सदस्य का घर में रहना अनिवार्य है।
विशेष सावधानियां
-
40 दिन का नियम: गृह प्रवेश के बाद अगले 40 दिनों तक घर को पूरी तरह बंद या खाली न छोड़ें।
-
खिड़की-दरवाजे: प्रवेश के दिन घर की सभी खिड़कियां और दरवाजे खोल देने चाहिए ताकि ताजी हवा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया