अक्षय तृतीया 2026: बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा! 19 और 20 अप्रैल को करें ये अचूक वास्तु उपाय

लखनऊ। हिंदू धर्म में वैशाख शुक्ल तृतीया यानी अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। साल 2026 में यह पावन पर्व 19 और 20 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इसे ‘अबूझ मुहूर्त’ कहा जाता है, जिसमें बिना मुहूर्त देखे शादी, गृह प्रवेश और खरीदारी जैसे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ छोटे लेकिन प्रभावी उपाय आपके जीवन में स्थायी सुख-समृद्धि और धन की वर्षा कर सकते हैं।

मुख्य द्वार से होगा लक्ष्मी का आगमन: ऐसे करें स्वागत

अक्षय तृतीया के दिन घर के मुख्य द्वार की सफाई का विशेष महत्व है। वास्तु के अनुसार, मां लक्ष्मी का प्रवेश द्वार से ही होता है, इसलिए:

  • सफाई: घर के मुख्य द्वार को साफ करें और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए नमक मिले पानी से पोछा लगाएं।

  • शुभ चिह्न: प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक या ओम का चिन्ह अवश्य बनाएं। यह सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है।

  • जालों की सफाई: घर या ऑफिस में कहीं भी मकड़ी के जाले न रहने दें, क्योंकि ये धन के प्रवाह (Money Flow) में बाधक बनते हैं।

धन रखने की सही दिशा: उत्तर-पूर्व का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बड़ा महत्व है। अक्षय तृतीया पर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान को व्यवस्थित करें:

  • उत्तर और पूर्व दिशा: इस दिन अपनी नकदी और गहनों को घर की उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। इससे आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं।

  • ईशान कोण (North-East): घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसे बिल्कुल साफ और खाली रखें ताकि समृद्धि का स्रोत बना रहे।

दर्पण और टपकते नल: छोटे बदलाव, बड़ा असर

अक्षय तृतीया पर घर की छोटी-छोटी चीजों को दुरुस्त करना आपको कर्ज से मुक्ति दिला सकता है:

  • दर्पण का कमाल: वास्तु के अनुसार, इस दिन उत्तर दिशा की दीवार पर दर्पण (Mirror) लगाना बेहद शुभ होता है। यह सकारात्मक ऊर्जा को रिफ्लेक्ट करता है और आय बढ़ाता है।

  • नल की मरम्मत: सुनिश्चित करें कि घर में कोई भी नल टपक (Dripping Tap) न रहा हो। टपकता हुआ नल धन के व्यर्थ बह जाने का संकेत है। इस शुभ दिन से पहले इनकी मरम्मत जरूर करवा लें।

पूजा, दान और खरीदारी का फल होगा ‘अक्षय’

अक्षय तृतीया पर किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता:

  • सोना और नमक: इस दिन सोना खरीदना सौभाग्य लाता है, लेकिन यदि सामर्थ्य न हो तो नमक जरूर खरीदें। नमक खरीदना दरिद्रता को दूर करने वाला माना गया है।

  • दीपदान और दान: शाम के समय मंदिर में घी का दीपक जलाएं। गरीबों को अन्न, वस्त्र या जल का दान करना आपको अनंत पुण्य प्रदान करेगा।

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा कर इन वास्तु नियमों का पालन करने से आपके घर में सकारात्मकता का संचार होगा और सुख-शांति बनी रहेगी।

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