अपरा एकादशी 2026: किस्मत चमकाने वाले ये 6 अचूक उपाय, बरसेगी श्रीहरि और मां लक्ष्मी की असीम कृपा

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और जब बात अपरा एकादशी की हो, तो इसका फल ‘अपार’ माना जाता है। आज यानी 13 मई 2026 को देशभर में अपरा एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन किए गए विशेष कार्य न केवल पापों का नाश करते हैं, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य के द्वार भी खोल देते हैं। अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं या करियर में बाधाएं आ रही हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज के दिन ये 6 उपाय करना आपके लिए चमत्कारी सिद्ध हो सकता है।

विष्णु सहस्रनाम का पाठ: मानसिक शांति का मार्ग

अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के हजार नामों यानी विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि आपके पास समय का अभाव है या पाठ करने में कठिनाई हो, तो आप इसे सुन भी सकते हैं। इसके अलावा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करने से न केवल मानसिक तनाव दूर होता है, बल्कि रुके हुए काम भी तेजी से बनने लगते हैं।

तुलसी पूजन: शाम को जरूर करें ये काम

भगवान विष्णु की पूजा तुलसी के बिना अधूरी मानी जाती है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और उनकी 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। ध्यान रहे: एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते भूलकर भी न तोड़ें, इसे बेहद अशुभ माना जाता है।

पीले रंग का महत्व: श्रीहरि को लगाएं विशेष भोग

चूँकि भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए आज के दिन उन्हें पीले फूल, पीले फल (जैसे केला या आम) और केसर मिश्रित खीर का भोग जरूर लगाएं। यह उपाय आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और सुख-सुविधाओं में वृद्धि करता है।

शंख पूजन: घर से दूर होगी नकारात्मकता

अगर आपके घर में दक्षिणावर्ती शंख है, तो आज उससे भगवान विष्णु का अभिषेक करें। शंख में गंगाजल या दूध भरकर अभिषेक करने से मां लक्ष्मी का स्थाई निवास आपके घर में होता है और वास्तु दोष व नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

पीपल के पेड़ की सेवा: पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

धर्म शास्त्रों के अनुसार, पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास होता है। आज सूर्योदय के समय पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और शाम को वहां दीपक जलाएं। यह उपाय न केवल आपको कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाता है, बल्कि पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त कराता है।

दान का पुण्य: बढ़ाएगा धन-धान्य

एकादशी पर दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। आज किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या केसर का दान करें। दान करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं और घर में बरकत बनी रहती है।


सावधानी: अपरा एकादशी के दिन घर में चावल बनाना और खाना पूरी तरह वर्जित है। सात्विक आचरण अपनाएं और किसी की बुराई न करें। पूजा के बाद अपनी गलतियों के लिए प्रभु से क्षमा याचना जरूर करें।

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