सत्ता बदलते ही बदले पुलिस के ‘सुर’: शुभेंदु के CM बनते ही कोलकाता पुलिस ने ममता को किया अनफॉलो, मोदी-शाह को जोड़ा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सत्ता में ‘परिवर्तन’ केवल विधानसभा की कुर्सियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर अब सरकारी विभागों के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी दिखने लगा है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही कोलकाता पुलिस के आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल की फॉलोइंग लिस्ट में रातों-रात बड़ा बदलाव आया है।

ममता-अभिषेक आउट, मोदी-शाह इन

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय है कि कोलकाता पुलिस ने अपने आधिकारिक अकाउंट से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी को अनफॉलो कर दिया है। उनकी जगह अब यह हैंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को फॉलो कर रहा है। इसे महज एक डिजिटल अपडेट नहीं, बल्कि बंगाल प्रशासन के बदले हुए तेवर और नई राजनीतिक व्यवस्था के साथ तालमेल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शुभेंदु का ‘राजतिलक’

शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में बांग्ला भाषा में शपथ ली। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद शुभेंदु ने प्रधानमंत्री मोदी के पास जाकर उनके पैर छुए और आशीर्वाद लिया। इस समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा एनडीए शासित राज्यों के 20 मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता मौजूद रहे।

इन 5 दिग्गजों ने भी ली मंत्री पद की शपथ

शुभेंदु अधिकारी के साथ राज्यपाल आरएन रवि ने पांच अन्य विधायकों को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। नई सरकार की पहली टीम में इन चेहरों को जगह मिली है:

  1. दिलीप घोष (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)

  2. अग्निमित्रा पॉल (आसनसोल दक्षिण विधायक)

  3. निशीथ प्रामाणिक (पूर्व केंद्रीय मंत्री)

  4. अशोक कीर्तनिया

  5. खुदीराम टूडू

मंच पर भावुक क्षण: पीएम मोदी ने छुए बुजुर्ग कार्यकर्ता के पैर

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक ऐसा क्षण आया जिसने सबका दिल जीत लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने मंच पर भाजपा के 98 वर्षीय बुजुर्ग कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। माखनलाल सरकार बंगाल में जनसंघ के समय से पार्टी की विचारधारा को सींच रहे हैं। पीएम ने सबसे पहले रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘डिजिटल वॉर’

कोलकाता पुलिस के इस कदम पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी ने इसे ‘प्रशासनिक अवसरवाद’ करार देते हुए कहा कि पुलिस को राजनीतिक निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए। वहीं, भाजपा समर्थकों का तर्क है कि अब बंगाल में ‘भयमुक्त और पारदर्शी’ शासन की शुरुआत हो चुकी है और सरकारी तंत्र केंद्र के साथ बेहतर समन्वय के लिए तैयार है।

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