
बहराइच / श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बहराइच और श्रावस्ती जिलों का दौरा कर दोनों सीमावर्ती क्षेत्रों को ₹748 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने महसी, नानपारा और श्रावस्ती के बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य और बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि गोरखपुर-शामली औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण से आने वाले समय में बहराइच और श्रावस्ती पूरे पूर्वांचल व तराई क्षेत्र में उद्योग एवं निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
विकास परियोजनाओं का विवरण (एक नज़र में)
| जिला | कुल बजट / लागत | परियोजनाओं की संख्या | मुख्य ध्यान देने योग्य क्षेत्र |
| बहराइच | ₹352 करोड़ | 70 परियोजनाएं | सड़कें, अस्पताल, पेयजल सुविधा, ₹115 करोड़ की सरयू बाढ़ बचाव परियोजना |
| श्रावस्ती | ₹396 करोड़ | 83 परियोजनाएं (42 लोकार्पण, 41 शिलान्यास) | श्रावस्ती एयरपोर्ट का विस्तार, लखनऊ-बहराइच फोरलेन कनेक्टिविटी |
कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार: श्रावस्ती एयरपोर्ट और फोरलेन नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने श्रावस्ती के धार्मिक और पर्यटन महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध की कर्मस्थली और जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ की जन्मस्थली को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान दी जा रही है:
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श्रावस्ती एयरपोर्ट: इसे अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित करने का निर्देश दिया गया है।
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फोरलेन मार्ग विस्तार: ₹7,500 करोड़ के बजट से बनने वाले लखनऊ-बहराइच फोरलेन मार्ग को श्रावस्ती तक विस्तार देने की योजना है।
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सड़क ढांचा: केंद्र सरकार द्वारा 102 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण के लिए ₹7,000 करोड़ की स्वीकृति दी जा चुकी है।
विपक्ष पर तीखा हमला: “सैफई परिवार में महाभारत के सारे रिश्ते”
विकास परियोजनाओं के लोकार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा:
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सपा सरकार पर कटाक्ष: सीएम योगी ने कहा, “2017 से पहले सपा सरकार के दौरान सैफई परिवार में महाभारत के सारे रिश्ते मिलते थे। हमारी सरकार बिना चेहरा और जाति देखे ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। यदि किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो उसकी जगह जेल या जहन्नुम होगी।”
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आक्रांताओं के मेले पर रोक: बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का स्मरण कराते हुए सीएम ने कहा कि गाजी मियां का मेला लगाने के लिए पुरानी सरकारें जिम्मेदार थीं। अब गाजी मियां नहीं, बल्कि महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम के नाम पर भव्य स्मारकों और मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
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