नई दिल्ली। आज 28 अप्रैल 2026, मंगलवार को वैशाख मास का पावन भौम प्रदोष व्रत है। मंगलवार और त्रयोदशी तिथि का यह संयोग ज्योतिष शास्त्र में कर्ज मुक्ति और मंगल दोष से राहत पाने के लिए रामबाण माना जाता है। यदि भागदौड़ भरी जिंदगी या स्वास्थ्य कारणों से आप आज का पूर्ण व्रत नहीं रख पाए हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। शिव पुराण के अनुसार, प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में किया गया एक छोटा सा उपाय भी आपको पूरे व्रत के समान पुण्य फल दिला सकता है।
शाम के समय करें यह विशेष ‘बेलपत्र उपाय’
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव भाव के भूखे हैं। यदि आप उपवास नहीं कर पाए हैं, तो आज शाम प्रदोष काल में एक तांबे या स्टील के लोटे में शुद्ध जल भरें। इस जल में 5 साबुत बेलपत्र (जो कहीं से कटे-फटे न हों) डाल दें। अब इस जल को सविधि शिवलिंग पर अर्पित करें। जल चढ़ाते समय मन ही मन अपनी मनोकामना दोहराएं।
क्यों है यह उपाय खास?
बेलपत्र के तीन पत्तों को त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। कहा जाता है कि श्रद्धा के साथ चढ़ाया गया एक लोटा जल और बेलपत्र जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश कर देता है और रुके हुए कार्यों में गति प्रदान करता है।
भौम प्रदोष पर हनुमान जी की पूजा का महत्व
चूंकि आज मंगलवार है, इसलिए इसे ‘भौम प्रदोष’ कहा जाता है। इस दिन महादेव के साथ-साथ उनके रुद्रावतार हनुमान जी की पूजा का भी विधान है। शाम के समय शिव मंदिर में घी का दीपक जलाने के साथ यदि आप एक बार ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करते हैं, तो मंगल ग्रह से जुड़े दोष और कर्ज की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
शिव कृपा पाने के अन्य सरल तरीके
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मंत्र जाप: प्रदोष काल में ‘ॐ नमः शिवाय’ का कम से कम 108 बार मानसिक जाप करें।
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पुष्प अर्पण: महादेव को सफेद चंदन लगाएं और आक (मदार) के फूल अर्पित करें।
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दान का फल: सामर्थ्य अनुसार किसी जरूरतमंद को सफेद वस्तु (दूध, दही या चावल) का दान करें।
ध्यान रखने योग्य बातें
उपाय करते समय अपने मन को पूरी तरह शांत और नकारात्मक विचारों से मुक्त रखें। महादेव की पूजा में दिखावे से ज्यादा श्रद्धा का महत्व है। यदि घर के पास मंदिर न हो, तो आप घर में मौजूद शिवलिंग या महादेव की तस्वीर के समक्ष मानसिक ध्यान करके भी यह उपाय कर सकते हैं।
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