
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई हेराफेरी और चोरी की वारदात के बाद व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दान की गिनती में लगे सभी पुराने कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया गया है। पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नियमित अधिकारी और कर्मचारी ही खुद नोटों की गिनती संभाल रहे हैं।
23 ने दिया था इस्तीफा, बचे 12 को भी बैंक ने हटाया
चोरी का मामला सामने आने के बाद स्टेट बैंक प्रशासन सख्त रुख अपना रहा है। इससे पहले 9 जुलाई को वेतन और काम के घंटों से नाराज 23 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद बचे 12 कर्मचारियों को भी बैंक ने अब हटा दिया है। हालांकि, आगामी सावन झूला मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए नए कर्मचारियों की भर्ती जल्द की जाएगी, लेकिन तब तक बैंककर्मी ही चढ़ावे की गिनती का जिम्मा संभालेंगे।
CCTV फुटेज डिलीट करने वालों पर कसेगा शिकंजा, होगी फॉरेंसिक जांच
दान चोरी मामले में दर्ज मुकदमे की जांच अब और तेज हो गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत सभी जुटाए गए साक्ष्यों का फॉरेंसिक परीक्षण कराने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तीन आईपीएस (IPS) अधिकारियों के नेतृत्व में एक नई SIT का गठन किया जा रहा है। जांच एजेंसी इस बात की भी तहकीकात कर रही है कि क्या साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए थे? इस मामले में कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला: जल्द चुने जाएंगे नए CEO और सचिव
महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में व्यवस्थापकीय सुधारों पर चर्चा हुई। सीईओ (CEO) पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के कारण सर्च कमेटी ने चयन के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। वहीं, श्रद्धालुओं से बेहतर संवाद और सावन मेले की व्यवस्था के लिए एक नए सचिव और आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति को भी सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है।
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