हिंदी सिनेमा के ‘ट्रैजेडी किंग’ दिलीप कुमार (Dilip Kumar) की फिल्में, उनकी एक्टिंग और उनकी लव लाइफ के किस्से आज भी पूरी दुनिया में मशहूर हैं। लेकिन उनके परिवार और निजी रिश्तों से जुड़े कई ऐसे अनसुने पहलू हैं, जिनके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं। दिलीप कुमार का एक बहुत बड़ा परिवार था, जिसमें उनके 12 भाई-बहन (6 भाई और 5 बहनें) थे। दिलीप कुमार के अलावा उनके एक भाई नासिर खान (Nasir Khan) भी एक्टर थे, हालांकि उनका फिल्मी करियर कुछ खास नहीं चल सका।
नासिर खान की पत्नी बेगम पारा (Begum Para) अपने दौर की एक बेहद मशहूर, रसूखदार और बोल्ड एक्ट्रेस थीं। बेगम पारा रिश्ते में दिलीप कुमार की भाभी लगती थीं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दिलीप कुमार और बेगम पारा के बीच रिश्ते इतने खराब थे कि दोनों एक-दूसरे का चेहरा देखना तक पसंद नहीं करते थे। आइए जानते हैं इस पारिवारिक तल्खी की असली वजह और बेगम पारा से जुड़ा बेहद दिलचस्प इतिहास।
अमेरिकी सैनिक जेब में रखते थे बेगम पारा की तस्वीरें
आज की पीढ़ी भले ही बेगम पारा के नाम से उतनी वाकिफ न हो, लेकिन 1940 और 50 के दशक में उनका नाम बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस और बिंदास अभिनेत्रियों में शुमार था। उन्हें अपने जमाने की ‘ट्रेंड सेटर’ कहा जाता था। उस रूढ़िवादी दौर में उनके बोल्ड और बेबाक फोटोशूट्स की वजह से उन्हें बॉलीवुड की ‘फर्स्ट बॉम्बशेल’ (First Bombshell) का टैग मिला था। बेगम पारा का क्रेज उस दौर में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर था; कहा जाता है कि दूसरे विश्व युद्ध के आस-पास के समय में अमेरिकी सैनिक अपनी जेबों में बेगम पारा की तस्वीरें रखकर घूमा करते थे।
जज की बेटी थीं बेगम पारा, कॉलेज के दिनों से ही था घुड़सवारी का शौक
बेगम पारा का जन्म साल 1926 में अविभाजित भारत (अब पाकिस्तान) के एक बेहद संभ्रांत और रसूखदार मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनका असली नाम जुबैदा-उल-हक था, लेकिन घर में उन्हें प्यार से ‘पारा’ बुलाया जाता था। उनके पिता उस जमाने में एक प्रतिष्ठित जज थे। पिता के तबादलों के कारण उनकी शुरुआती पढ़ाई जालंधर में और उच्च शिक्षा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) से हुई। कॉलेज के दिनों से ही वे काफी आधुनिक विचारों वाली थीं और उन्हें स्पोर्ट्स, खासकर घुड़सवारी और क्रिकेट का बेहद शौक था।
फिल्मों में एंट्री और ‘लाइफ मैगजीन’ का वो ऐतिहासिक फोटोशूट
शुरुआत में बेगम पारा का परिवार उनके फिल्मों में काम करने के सख्त खिलाफ था। हालांकि, उनके भाई की शादी बंगाली एक्ट्रेस प्रोतिमा से हुई थी और वे मुंबई में रहते थे। भाई के घर आने-जाने के दौरान पारा की मुलाकात फिल्मी दुनिया के लोगों से हुई। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म ‘चांद’ (1944) से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया। यह फिल्म सुपरहिट रही और वे रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने ‘सोहनी महिवाल’, ‘जंजीर’, ‘नील कमल’ और ‘सुहागरात’ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया।
उस दौर की मशहूर अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘लाइफ मैगजीन’ (Life Magazine) के लिए किया गया उनका एक बेहद बोल्ड फोटोशूट टॉक ऑफ द टाउन बन गया था। बेगम पारा का मानना था कि यदि उनका फिगर अच्छा है, तो उन्हें बोल्ड दिखने या फोटोशूट कराने में कोई गुरेज नहीं है।
दिलीप कुमार को क्यों थी अपनी भाभी बेगम पारा से नफरत?
फिल्मों में काम करने के दौरान बेगम पारा की मुलाकात दिलीप कुमार के भाई नासिर खान से हुई और दोनों में प्यार हो गया। नासिर खान पहले से शादीशुदा थे, लेकिन अपनी पहली पत्नी से अनबन के बाद वे अलग हो गए और उन्होंने बेगम पारा से शादी कर ली।
दिलीप कुमार इस शादी के पूरी तरह खिलाफ थे और वे बेगम पारा को बिल्कुल पसंद नहीं करते थे। इसकी मुख्य वजहें थीं:
-
बेबाक और वेस्टर्न लाइफस्टाइल: बेगम पारा की बेहद बोल्ड लाइफस्टाइल, पार्टियों में जाना, शराब और सिगरेट पीना दिलीप कुमार के पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों से मेल नहीं खाता था।
-
भाई के करियर की चिंता: नासिर खान का फिल्मी करियर ढलान पर था। दिलीप कुमार को लगता था कि उनके भाई आर्थिक रूप से इतने मजबूत नहीं हैं कि वे बेगम पारा के महंगे शौक और हाई-फाई लाइफस्टाइल का खर्च उठा सकें।
इसी वैचारिक मतभेद के कारण दोनों परिवारों के बीच इतनी कड़वाहट आ गई कि दिलीप कुमार और बेगम पारा में सालों तक बातचीत बंद रही।
आखिरी दौर में झेलनी पड़ी तंगी, बेटे हैं टीवी एक्टर अयूब खान
शादी के बाद नासिर खान का करियर बुरी तरह फ्लॉप हो गया। वे प्रोडक्शन में आए और बेगम पारा ने भी कई बिजनेस शुरू किए, लेकिन वे सब डूब गए। इसी बीच नासिर खान का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जिसके बाद बेगम पारा गहरे अवसाद में चली गईं। अपने तीन बच्चों को संभालने के लिए वे कुछ समय के लिए पाकिस्तान भी गईं, लेकिन वहां गुजारा न होने पर वापस मुंबई लौट आईं।
आपको बता दें कि बेगम पारा के छोटे बेटे अयूब खान (Ayub Khan) हैं, जो बॉलीवुड की कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स (जैसे ‘उत्तरन’) के जाने-माने अभिनेता हैं। अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर बेगम पारा ने साल 2007 में आई संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ से लंबे समय बाद कमबैक किया था, जिसमें उन्होंने सोनम कपूर की दादी का किरदार निभाया था। साल 2008 में 82 वर्ष की उम्र में इस ग्लैमरस अदाकारा ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
Shashwat Lokwarta – State News,Up News देश-दुनिया